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कालेज में प्रवेश के लिए पहले दिन हीं मायूस हुए सैकड़ों छात्र, नहीं कर सके आवेदन, सर्वर डाऊन,आनलाईन दाखिलें के लिए साईबर कैफे की ले रहे शरण

June 16, 2014 06:25 PM

एल.सी वालिया, लोहारू: उ"ातर शिक्षा विभाग द्वारा बेशक प्रदेश के कालेजों में आनलाईन दाखिलें के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरंभ कर दी गई हो लेकिन कालेज में प्रवेश लेने वाले आवेदक छात्रों को यह प्रणाली रास नहीं आ रही है। कालेजों में आनलाईन दाखिला प्रवेश प्रक्रिया के तहत जहां निजी और अनुदान प्राप्त कॉलेजों में जहां मैनुअल पंजीकरण हो रहा है, वहीं सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन। लेकिन मिशन एडमिशन का पहला ही दिन छात्रों के लिए परेशानी भरा रहा। एक तो कॉलेजों में कंप्यूटर ऑपरेटर की कमी, दूसरे उ'चतर शिक्षा विभाग की वेबसाइट सेवा बाधित रहने से छात्र सारा दिन परेशान नजर आए। छात्र चाहते है कि वे सबसे पहले आवेदन करें ताकि बाद में कोई ओर झंझट न रहे, ऐसे में अधिकांश विद्यार्थी कॉलेज की बजाय साइबर कैफे पहुंच गए। एमडीयू की साइट का सर्वर डाउन होने के कारण वहां भी उन्हें परेशानी हुई। अधिकतर आवेदकों को पहले दिन बैरंग लौटना पड़ा।

लिंकअप का चक्कर बनी परेशानी:-

विभाग के निर्देशानुसार सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन तो हो रहा है। लेकिन एमडीयू से संबद्ध इन कॉलेजों में दाखिले के रजिस्ट्रेशन का विंडो हरियाण उ'चतर शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर डाला गया है। उ'चतर शिक्षा विभाग अपनी वेबसाइट पर एमडीयू को लिंकअप देता है। ऐसे में विवि या विभाग किसी भी एक वेबसाइट का सर्वर डाउन हुआ तो दूसरी साइट पर रजिस्ट्रेशन का काम अपने आप बाधित हो जाएगा। यही दिक्कत पहले दिन आई जिस वजह से अधिकतर छात्रों को निराश घर लौटना पड़ा।

साइबर संचालकों की रही चांदी:-

ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ साइबर कैफे संचालकों की चांदी हो गई है। दरअसल गांवों व कस्बे में हर छात्र के पास कंप्यूटर या लैपटॉप की सुविधा नहीं है। कॉलेजों में कंप्यूटर ऑपरेटर की कमी है। इस वजह से छात्रों को लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। ऐसा कड़ी गर्मी और उमस में इंतजार करना मुश्किल है। ऐसे में छात्र आसानी से आवेदन करने के लिए साइबर कैफे का रुख कर रहे हैं। छात्रों की मजबूरी और तादात को देखते हुए कैफे संचालक भी मनचाही कीमत वसूल रहे हैं। रजिस्ट्रेशन के प्रति छात्र पचास रुपये तक ले रहे हैं। आवेदन पत्र की फ ोटो कापी और चालान भरने तक का काम साइबर कैफे में होने से विद्यार्थियों को कालेज के बजाय इन पर 'यादा विश्वास करना पड़ रहा है।

इस बारें में छात्रों का कहना है कि जब पहले दिन ही यह हालात है तो आगामी दिनों में क्या होगा। दाखिले के लिए सुबह से ही साइबर कैफे के चक्कर काट रहे है, लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। परेशानी यहीं खत्म नहीं होती इसके बाद चालान भरने की भी समस्या है। छात्रों का कहना है कि कई साथियों के साथ मिलकर आवेदन कर रहे हैं। सबको एक ही कॉलेज में दाखिला मिल जाए तो अ'छा होगा। साथ मिलकर पढ़ाई करेंगे, तो हम एक दूसरे की मदद भी कर सकते हैं। दाखिले को लेकर रोमांचित हैं। बहरहाल छात्रों को दाखिलें के लिए हो रही परेशानी को देखकर यहीं लगता है कि विभाग द्वारा आनलाईन प्रवेश प्रक्रिया को सुगम व सरल बनाने के लिए प्रयास करने चाहिए ताकि विद्यार्थियों को कोई परेशानी न हो।

 

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