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परीक्षा केन्द्र पर प्रति पेपर परीक्षार्थियों से वसूले जा रहे है 500 से 1000 रूपऐं

March 29, 2014 04:06 PM

संवाद सहयोगी, सतनाली: गत 24 मार्च से शुरू हुई दिल्ली ओपन की परीक्षाओं में हो रही जमकर नकल के कारण जहां दिल्ली ओपन की परीक्षाओं पर सवालिया निशान लग रहे है वहीं दुसरी ओर नेशनल ओपन स्कूल की परीक्षाओं में सतनाली कस्बा स्थित एकमात्र परीक्षा केन्द्र पर वहां तैनात ड्यूटी स्टाफ व परीक्षा केन्द्र संचालकों की मिलीभग्त से जमकर नकल करवाई जा रही है, जिससे नकलमुक्त परीक्षाओं के संचालन के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। कस्बे में महेन्द्रगढ़ रोड पर एक निजी स्कूल में बनाए गए एक परीक्षा केन्द्र पर तो नेशनल ओपन स्कूल की मैट्रिक की अंग्रेजी विषय की परीक्षा के दौरान छात्रों को समूह के रूप में बैठकर नकल करवाई जा रही है, इतना ही नही इस दौरान वहां तैनात ड्यूटी कर्मचारी छात्रों को बैठाकर बाहर चले जाते है एवं बिना शोर किए आराम से मिलजुलकर पेपर करने की नसीहत भी छात्रों को दी जाती है। अनेक छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि परीक्षा केन्द्र संचालक उनसे परीक्षा के दौरान खुली नकल करवाने के लिए प्रति पेपर 500 से 1000 रूपऐं वसूल करते है, इसके बाद परीक्षा से संबधित नकल सामग्री भी उक्त संचालक व ड्यूटी कर्मचारी द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है तथा एक विशेष रूपरेखा के तहत सीटिंग प्लान बनाया जाता है। नेशनल ओपन की परीक्षाओं के दौरान यदि कोई उडनदस्ता आता है तो उडनदस्तें के सदस्यों की जेबें भर दी जाती है जिसके बाद परीक्षा केन्द्र की चेंकिंग रिपोर्ट पोजिटिव बना दी जाती है। न कोई बाहरी हस्तक्षेप और उसके बावजूद भी परीक्षा केन्द्र के अन्दर नकल चली वो भी पैसे की सौदेबाजी के तहत। जिन परीक्षार्थियों ने पैसे नहीं दिये उन्हें परीक्षा में बैठने तक नहीं दिया। परीक्षा से अपने आप को वंचित होते देख बाहर खड़े विद्यार्थियों ने पैसे देकर स्कूल के अंदर प्रवेश किया। परीक्षा केन्द्र पर चल रही अनियमितता की शिकयत के चलते जब परीक्षा केन्द्र का दौरा किया गया तो मुख्य गेट से अन्दर ही नहीं जाने दिया गया तथा परीक्षा केन्द्र के बाहर खडे युवकों ने बताया कि परीक्षा केन्द्र में कोई अपनी माँ के स्थान पर पेपर दे रहा है तो कोई अपने भाई की जगह पर, छात्रों से पैसे लेकर नकल करवाई जा रही है। वहीं अनेक छात्रों ने बताया कि यदि कोई परीक्षार्थी पैसे देने से इन्कार करता है तो उसे नकल करने से रोक दिया जाता है, इतना ही नही यदि उसके पास कोई नकल की पर्ची पाई जाऐं तो उसे परीक्षा केन्द्र से बाहर कर दिया जाता है। ऐसे में योग्य परीक्षार्थियों को परीक्षा के दौरान बाधा तो उत्पन्न होती है लेकिन साथ ही उसका शैक्षणिक ढ़ांचे के प्रति विश्वास भी उठता है। अयोग्य व कमजोर छात्र बिना मेहनत के पैसे व नकल के बल पर अ'छे अंक लाने में कामयाब हो जाते है। परीक्षा में भारीभरकम पैसे लेने की बात पर केन्द्र संचालक से पूछा गया तो उनका स्पष्ट कहना था कि वे पैसे देकर सेन्टर लाये हैं, ऐसे में पैसे तो लेने ही पड़ेगे। सभी स्कूल पैसे देकर सेन्टर लाते हैं, आपका कोई विद्यार्थी हो तो बता देना उसे उसके पैसे वापस दे देंगे। वहीं जब इस बारें में पुलिस की व्यवस्था के बारें में थाना प्रभारी महावीर सिंह से पूछा गया तो उनका कहना था कि परीक्षा के लिए पुलिस सुरक्षा का प्रबंध करने की मांग ही नहीं की गई है तो वे क्या कर सकते है।

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