Saturday, May 30, 2020
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Haryana

प्रवासी पैदल ही पलायन को मजबूर

March 28, 2020 06:34 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR MARCH 28

प्रवासी पैदल ही पलायन को मजबूर, अब 21 दिन तक आश्रय देगी सरकार

{मकान मालिक ने घर से निकलने के लिए कहा तो हो सकती है एफआईआर
प्रदेश में रोटी-कपड़ा और मकान की आस में दूसरे राज्यों से आए दैनिक वेतनभाेगी हजारों मजदूर लॉकडाउन के कारण मजधार में फंस गए हैं। ट्रैफिक बंद होने से न तो वे अपने मूल राज्यों में जा पा रहे हैं, न ही यहां गुजारा करना आसान है। उनकी स्थिति बदत्तर हो गई है। ऐसे प्रवासी मजदूरों ने पैदल ही पलायन शुरू कर दिया है। हजारों मजदूर जा चुके हैं और कुछ जा रहे हैं। अब सरकार के आश्वासन से एक आस जगी है। प्रदेश सरकार का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान 21 दिन तक उनके रहने-खाने का इंतजाम किया जाएगा। यदि मकान मालिक ने घर से निकाला तो एफआईआर हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि उद्योग नगरी पानीपत, हिसार, अम्बाला, यमुनानगर और सिरसा समेत अन्य जिलों में दूसरे राज्यों के ज्यादात्तर लोग रहते हैं। सिरसा से पैदल ही करीब 4 हजार लोग जा चुके हैं, जो अभी भी अपने घर तक नहीं पहुंचे हैं। पैदल जा रहे मजदूरों का कहा है- क्या करें, फैक्ट्रियां बंद हो गईं, खाना और रुपया खत्म हो गया। बाहर निकलते ही पुलिस भी पीटती है। इसलिए घर के लिए रवाना हुए हैं। हमारा अब भगवान ही मालिक है। जो यहां बचे हैं, अब न तो उनके खाने का प्रबंध है और न रहने का, क्योंकि मकान मालिकों ने मकान खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया और जेब में रुपया न होने के कारण खाने की व्यवस्था भी नहीं कर पा रहे। ऐसे में उक्त प्रवासियों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि या तो उन्हें भेजने के लिए अनुमति दी जाए या फिर वे रात के समय पैदल ही निकल लेंगे।
यहां रखे जाएंगे प्रवासी
इन लोगों को सामुदायिक केंद्रों, बारात घरों, धर्मशालाओं, पंचायत घरों, स्कूलों, कॉलेजों आदि में रखा जाएगा जहां शौचालय और पेयजल की उचित व्यवस्था है। यदि ऐसे आश्रय स्थलों में खाना पकाने की सुविधा है तो उन्हें पके हुए भोजन के पैकेट या सूखे राशन के रूप में दिन में दो बार भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य आपदा राहत कोष के तहत इस उद्देश्य के लिए प्रत्येक जिले को एक करोड़ रुपए की राशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है।
राजस्थान से तावड़ू आ रहे 35 लोगों के हाथ पर स्टैंप से हड़कंप
ट्रक में पकड़े सभी लोग जांच में निगेटिव मिले
तावडू | गांव डिढारा के समीप पुलिस ने एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें चालक समेत 35 व्यक्ति थे। सभी के हाथों पर कोरोना पॉजिटिव का संकेत संबंधी स्टैंप लगी थी, जिसे देखकर प्रशासन में हड़कंप मच गया। ट्रक से उतारकर पुलिस ने सभी को खेतों में एक-एक मीटर की दूरी पर बैठा दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर जांच कराई गई, जिसमें इनमें से कोई पीड़ित नहीं मिला। ट्रक में सवार सभी 35 व्यक्ति गुजरात से आ रहे थे, जिनमें 13 बच्चे मदरसे में पढ़ने वाले थे और 22 व्यक्ति गुजरात में ड्राइवरी का कार्य करते थे। सवार होकर आने वाले कोई भी व्यक्ति कोरोना से ग्रसित नहीं है। सबके परिजनों को बुलाकर छोड़ दिया गया है। डीएसपी धर्मबीर सिंह ने बताया कि सभी के हाथों पर राजस्थान की स्टैंप लगी हुई थी, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी, मगर स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर उनकी जांच कराई गई। उनकी गाड़ी को सैनेटराइज कराया गया। गाड़ी मालिक के खिलाफ, जो कार्रवाई बनती है वह अमल में लाई जाएगी।
तावड़ू में ट्रक से उतारे गए लोग।

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