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Haryana

GURGAON-3 शिक्षकों के भरोसे फर्रुखनगर गवर्नमेंट कॉलेज के 48 छात्र

February 19, 2020 06:36 AM

COURTSY NAV BHARAT TIMES FEB 19

विधानसभा चुनाव से पहले 2 नए सरकारी कॉलेज खोलने की घोषणा हुई थी, बेहद धीमी रफ्तार से बन रही है नई बिल्डिंग• बीए में हिंदी, इंग्लिश और पॉलिटिकल साइंस के छात्र सेल्फ स्टडी से कर रहे हैं पढ़ाई, बीकॉम में अकाउंट्स का कोई शिक्षक तक नहीं है


फर्रुखनगर में करीब 7 एकड़ जमीन में कॉलेज की बिल्डिंग तैयार की जा रही है। अब तक यहां केवल 20 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। सिर्फ कॉलेज की बिल्डिंग की नींव और गेट तैयार किया गया है।
फर्रुखनगर कॉलेज के छात्रों की क्लास बॉयज सीनियर सेकंडरी स्कूल में लगती है
3 शिक्षकों के भरोसे फर्रुखनगर गवर्नमेंट कॉलेज के 48 छात्र•साक्षी रावत, गुड़गांव

 

कोई भी नया कॉलेज शुरू करने से पहले बिल्डिंग बनती है फिर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाता है, लेकिन फर्रुखनगर का गवर्नमेंट कॉलेज सरकारी स्कूल में चल रहा है। यहां सुविधाओं के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। यह को-एड कॉलेज है और सिर्फ 48 छात्र ही पढ़ाई कर रहे हैं।

2019 हरियाणा चुनाव से पहले 2 नए सरकारी कॉलेज खोलने की घोषणा हुई थी। इसकी जिम्मेदारी जिले के अन्य बड़े कॉलेजों के प्रिंसिपल को दी गई कि वे किसी सरकारी बिल्डिंग में कॉलेज खोलें। सरकारी स्कूल की बिल्डिंग में फर्रुखगनर कॉलेज को खोला गया और सेक्टर-52 के एक सरकारी बिल्डिंग में दूसरा सरकारी गर्ल्स कॉलेज है। डिप्टी डायरेक्टर अरुण जोशी से इस बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

3 शिक्षकों के भरोसे कॉलेज : कॉलेज में बीए और बीकॉम फर्स्ट ईयर की कक्षाएं चल रही हैं। बीकॉम में इको और मैथ्स के एक-एक शिक्षक हैं, लेकिन अकाउंट्स का कोई शिक्षक ही नहीं है। बीए में 4 विषय है, जिसमें केवल हिस्ट्री के एक शिक्षक है। हिंदी, इंग्लिश और पॉलिटिकल साइंस छात्रों ने सेल्फ स्टडी से ही पढ़ा है। शिक्षकों की कमी का असर परीक्षा परिणामों में देखने को मिल सकता है।

लाइब्रेरी न कंप्यूटर : कॉलेज के पास कोई लाइब्रेरी भी नहीं है। छात्रों को सभी किताबें बाजार से खरीदनी पड़ रही है। कंप्यूटर सिस्टम भी नहीं है, अगर कोई काम होता है तो स्कूल में कॉलेज के शिक्षक काम करते हैं। स्पोर्ट्स गतिविधियां भी नहीं हो पातीं और छात्र यूथ फेस्ट का हिस्सा भी नहीं बन पाए।

2020-21 के सेशन में कैंसे लगेंगी कक्षाएं : इस सेशन में 2 कक्षाओं से जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है, लेकिन 2020-21 के सेशन में फर्स्ट और सेकंड ईयर दोनों की ही कक्षाएं होंगी। ऐसे में छात्र कैसे खुद को तैयार कर पाएंगे।

कॉलेज के पास नहीं कोई फंड कॉलेज में स्थाई प्रिंसिपल न होने के कारण डीडीओ कोड जनरेट नहीं हो पाया है, जिससे कोई फंड भी हायर एजुकेशन की ओर से जारी नहीं हुआ है। शिक्षकों के लिए एक स्टाफ रूम है, जो पुरानी और खराब पड़ी पुरानी बिल्डिंग में है। इसमें अन्य कमरें भी है, लेकिन वे बंद हैं और एक कमरे में रजिस्टर समेत कॉलेज से संबंधित अन्य सामान रखा गया है।
2 कमरों में चल रहा कॉलेज
स्कूल की इमारत के 2 कमरों में कॉलेज चलाया जा रहा है। बीए और बीकॉम की कक्षाएं लग रही हैं। अभी कॉलेज की बिल्डिंग बनने में समय लगेगा, तब तक यहीं पर कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। नए संसाधन के लिए कॉलेज के पास कोई फंड नहीं है।

- विरेंद्र अंतिल, कार्यकारी प्रिंसिपल

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