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खेमका की सीएम को चिट्‌ठी- आईपीएस को बैकडोर से पीएस नहीं लगा सकते, यह गैर कानूनी

January 25, 2020 06:03 AM


COURTESY DAINIK BHASKAR  JAN 25

भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा
आईएएस कॉडर की प्रिंसिपल सेक्रेटरी पोस्ट पर आईपीएस को लगाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सीनियर आईएएस एवं अार्कियोलॉजी एंड म्यूजियम डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अशोक खेमका ने सीएम मनोहर लाल को ऑफिसियली लेटर में आईएएस की पोस्ट पर आईपीएस लगाए जाने को बैकडोर की नियुक्ति बताया है। उन्होंने लिखा है कि आईपीएस की आईएएस कॉडर की पोस्ट पर तैनाती गैर कानूनी है। साथ ही उन्होंने बताया है कि प्रदेश में प्रिंसिपल सेक्रेटरी का पद कोई रिक्त नहीं है, क्योंकि प्रिंसिपल सेक्रेट्री के 12 पद हैं और इस स्तर के 16 आईएएस पहले से हैं। ऐसे में आईपीएस को तैनात करना कहां तक उचित है। जबकि दूसरी तरफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्तर के आईएएस को लोअर पोस्ट पर नियुक्त किया हुआ है। आईपीएस की पीएस पद पर नियुक्ति या कॉडर पर तैनाती पब्लिक रिसोर्स के लिए अच्छा नहीं है। सिविल सर्विस में अाईएएस बनना हर किसी की प्राथमिक इच्छा होती है। यूपीएससी के जरिए ही आईएएस बना जा सकता है। बैकडोर से आईएएस की कॉडर पोस्ट पर किसी को नहीं लगाया जा सकता। यह ऑर्टिकल 14 और 16 का उल्लंघन है, जिसमें नियुक्ति को लेकर समानता का उल्लेख है। बता दें कि सरकार की ओर से कुछ समय पहले सीएमओ के स्पेशल ऑफिसर एवं एडीजीपी ओपी सिंह को सरकार ने खेल विभाग में प्रिंसिपल सेक्रेट्री की भी जिम्मेदारी दी है। शेष | पेज 11 पर
आईपीएस को प्रिंसिपल सेक्रेटरी लगाए जाने पर कंट्रोवर्सी
आपके पास पावर है, पर लिखित में वजह बतानी होगी
खेमका ने पत्र में लिखा है कि सीएमओ के ऑफिसर यदि आईएएस और आईपीएस की पोस्टिंग या नियुक्ति में सिविल सर्विस बोर्ड की जगह अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं तो यह गैर कानूनी है। सीएम को संबोधित करते आगे बताया है कि नियमानुसार बोर्ड की सिफारिशों में बदलाव करने, रद्द करने की आपके पास पावर है, लेकिन इसके लिए भी लिखित में वजह बतानी होगी।
भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा
आईएएस कॉडर की प्रिंसिपल सेक्रेटरी पोस्ट पर आईपीएस को लगाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सीनियर आईएएस एवं अार्कियोलॉजी एंड म्यूजियम डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अशोक खेमका ने सीएम मनोहर लाल को ऑफिसियली लेटर में आईएएस की पोस्ट पर आईपीएस लगाए जाने को बैकडोर की नियुक्ति बताया है। उन्होंने लिखा है कि आईपीएस की आईएएस कॉडर की पोस्ट पर तैनाती गैर कानूनी है। साथ ही उन्होंने बताया है कि प्रदेश में प्रिंसिपल सेक्रेटरी का पद कोई रिक्त नहीं है, क्योंकि प्रिंसिपल सेक्रेट्री के 12 पद हैं और इस स्तर के 16 आईएएस पहले से हैं। ऐसे में आईपीएस को तैनात करना कहां तक उचित है। जबकि दूसरी तरफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्तर के आईएएस को लोअर पोस्ट पर नियुक्त किया हुआ है। आईपीएस की पीएस पद पर नियुक्ति या कॉडर पर तैनाती पब्लिक रिसोर्स के लिए अच्छा नहीं है। सिविल सर्विस में अाईएएस बनना हर किसी की प्राथमिक इच्छा होती है। यूपीएससी के जरिए ही आईएएस बना जा सकता है। बैकडोर से आईएएस की कॉडर पोस्ट पर किसी को नहीं लगाया जा सकता। यह ऑर्टिकल 14 और 16 का उल्लंघन है, जिसमें नियुक्ति को लेकर समानता का उल्लेख है। बता दें कि सरकार की ओर से कुछ समय पहले सीएमओ के स्पेशल ऑफिसर एवं एडीजीपी ओपी सिंह को सरकार ने खेल विभाग में प्रिंसिपल सेक्रेट्री की भी जिम्मेदारी दी

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