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गरीब बने आर्थिक परिचर्चा का केन्द्र बिन्दु

October 16, 2019 07:01 PM

 

रीब बने आर्थिक परिचर्चा का केन्द्र बिन्दु

अभिजीत बैनर्जीउनकी पत्नी एस्पर डफेलो और माईकल कैमर को 2019 का अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार दिया गया है  उनको यह पुरस्कार मुख्यतः उनके योगदानजिसमें विकास अर्थशास्त्र  को पुर्नजीवित करने तथा गरीबी को खत्म करने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप और उनके प्रयोगद्यर्मी दृष्टिकोण के लिए दिया गया है  यह गौरतलब है कि अमृत्यसेन को भी 1998 में जब अर्थशास्त्र  में नोबेल मिला था तो उनकों भी ’’कल्याणकारी अर्थशास्त्र ’’ जोकि अवसर की समानता  आर्थिक न्याय की वकालत करता हैउसके लिए प्राप्त हुआ था  अर्थशास्त्र  के दो छोर - अमीरों के लिए अर्थशास्त्र  अर्थात Wealth Generationतथा दूसरा - गरीबी से निपटने का अर्थशास्त्र  अर्थात wealth distribution  वास्तव में दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैंसाधन सम्पन्न - Haves - और साधन विहीन - Havenots - अर्थात अमीर गरीबदोनों के लिए कोई अलग अलग अर्थशास्त्र  नहीं हैआर्थिक माडल  आर्थिक गतिविधियां समाज को दो वर्गों में बांट देती हैआर्थिक प्रक्रिया धन पेदा करने की प्रणाली ऐसी है कि अमीर और ज्यादा अमीर हो जाते हैंगरीब और ज्यादा गरीब  ऐसी आर्थिक व्यवस्था में में गरीबी उन्मूलन तथा गरीबों के आर्थिक उद्धार के लिए साधनों के न्यायपूर्ण वितरण का प्रश्न सदैव उठता रहता है  इसको एक उदाहरण से समझा जा सकता है - एक बार डाक्टर जोकि काफी मोटेतगड़े थेउनकी दुबले पतले जार्ज बर्नाड शा से मुलाकात हुई  उन्हें देखकर कटाक्ष करते हुए जानसन बोले कि तुम्हें देख कर लगता है इंग्लैंड में अकाल पड़ा हुआ है तो हाजिर जवाब बर्नाड शा ने कहा कि तुम्हें देखकर अकाल के कारणों का पता चलता है  अर्थात मोटा व्यक्तिपतले व्यक्ति को वंचित कर मोटा बन रहा है। इसे अब अर्थशास्त्र में लागू करें तो यह स्पष्ट होता है कि अमीर अधिक अमीर,गरीबों का शोषण कर उन्हें वंचित कर ही सुपर अमीर बनते हैं  आर्थिक न्याय की मांग हैइस बड़ती खाई को पाटा जाएअर्थातगरीबों को  गरीब देशों को कैसे आगे लाया जाएइसलिए विकास का अर्थशास्त्र  बनाया गया। वैश्विक गरीबी को कैसे दूर किया जाएउसके लिए सरकारे जो कदम उठाती है अर्थात नीतिगत हस्तक्षेप जो करती हैवो कैसे प्रभावी हो अर्थात गरीबी उन्मूलन या गरीबी कम करने के उपाय कैसे कारगर होइस विषय पर गम्भीर अध्यय्नअनुसंधान और समाधान के लिए अभिजितडूफलो और कैमर की तिकड़ी को यह नोबेल पुरस्कार दिया गया है   वैज्ञानिक दृष्टिकोणप्रयोगधर्मिता खासकर आर सी टी अर्थात रेडमाइज्ड कंटोल टायल्स को लोकप्रिय बनाने में उनके योगदान को सराहा गया हे 

अगर हम अपने देश में मुख्य राजनैतिक पार्टियों के घोषणा पत्रों को देखेंते उनमें गरीबोंनिचले वर्गोंनिम्न मध्यम वर्ग को लुभाने के लिए तरह तरह की आर्थिक सहायता की बाते शामिल होती हैयही गरीबी कम करने के भावी नीतिगत हस्तक्षेप हैइनकों कैसे सक्रिय पहल कर यर्थाथ में कियान्वयन किया जाए कि गरीब व्यक्ति गरीबी के दुश्चक्र से बाहर  जाएइस विषय पर गहन शोध कर उन्होंने कई छोटे छोटे पर ज्यादा सटीक उत्तर खोजे है। गरीबों के साथ जमीनी स्तर पर उनके आर्थिक व्यवहार का अध्ययन किया कि कैसे गरीब कमाता हैखर्च करता हैबचत करता है,उसकी प्राथमिकताएंचिंताए  अकांक्षाए क्याहोती हैउनके पास उन्हें निपटाने के कौन से विकल्प हैपुअर इक्नोमिक्सउनकी किताब इस विषय पर बात करती है  स्वास्थ्य और शिक्षादो महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिनमें काम करके गरीबों को सक्षम तथा आर्थिक रूप से समाज की मुख्यधारा से जोडा जा सकता है। भारत में उनके कई सफल आर्थिक प्रयोगों के उदाहरण है जैसेकि टीकाकरण को बढाने कलिए जबउन्हें मुफत दाल देनी षुरू की तो राजस्थान के गांवों में जहां इसका प्रयोग किया गयावहां टीकाकरण बढ़ गया। इसी तरह स्कूलों मे जहां बायोमेटिृक्स का प्रयोग शिक्षकों पर किया गया तो परीक्षा परिणाम सुधर गये  उनके इस आर्थिक विश्लेशणएक्षन तथा इम्पलीमेंटेशन से सही आर्थिक नीतियां को आधार देने का मुद्दा है। गरीब  विकासशील देशों में या उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में तथा विकसितदेषों केगरीबों की मजबूरियां  आवष्यकताएं भिन्न होती है,अतः उससे निपटने की नीतियां भी भिन्न होनी चाहिए तथा उनका कहना है वैष्विक गरीबी को खत्म करने के लिए उभरते देशों  में गरीबी का खात्मा अमीरे देशों की गरीबी से ज्यादा जरूरी है 

अभिजीत बैनर्जीभारतीय मूल के हैंउनके माता पिता अर्थषास्त्र के प्रोफेसर थेप्रैसीडेंसी कालेज कोलकत्ता में,वे खुद कोलकत्ता तथा जे एन यू से पढ़े हैहर भारतीय के लिए गर्व की बात है पर इससे भी ज्यादा अच्छीबात यह है है कि वो अर्थशास्त्र की भूमिका की साकारात्मक  कल्याणकारी सोच से नई दिशा दे रहे हैं  अंत में उदयभानू की ये पंक्तियां - ’’मत जियों सिर्फ अपनी खुषी के लिएकोई सपना बुनो जिंदगी के लिएपौंछ लो दीन दुखियों के आंसू अगर कुछ नहीं चाहिए बंदगी के लिए 

                                                                               डा..कलि

 

 
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