Thursday, July 02, 2020
Follow us on
National

कांग्रेस को न्याय, दिल्ली को चुनौती देने वाले अभिजीत को नोबेल

October 15, 2019 05:56 AM

 

COURTESY NBT OCT 15
पत्नी, अमेरिकी को भी अर्थशास्त्र में सम्मान
अभिजीत ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था इस वक्त डगमगाती स्थिति में है। आंकड़े भरोसा नहीं जगाते कि इकॉनमी जल्द पटरी पर आ जाएगी।
एस्थर डुफ्लो
माइकल क्रेमर
अभिजीत बनर्जी• पीअीआई, स्टॉकहोम : भारत में जन्मे और जेएनयू में पढ़े अभिजीत बनर्जी को संयुक्त रूप से अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। भारतीय-अमेरिकी अभिजीत के अलावा उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और अमेरिकी अर्थशास्त्री माइकल क्रेमर को भी यह पुरस्कार मिलेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य को आधार बनाकर गरीबी दूर करने का एक्सपेरिमेंट मॉडल बनाने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। इनके मॉडल से भारत में करीब 50 लाख स्कूली बच्चों को फायदा हुआ। अभिजीत ने कांग्रेस के लिए न्याय स्कीम और दिल्ली के सरकारी स्कूलों के लिए चुनौती योजना तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाई थी। 58 वर्षीय अभिजीत और उनकी फ्रांसीसी-अमेरिकी पत्नी एस्थर डुफ्लो मशहूर मैसाचूसिट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (MIT) में पढ़ाते हैं। डुफ्लो दूसरी महिला हैं, जिन्हें अर्थशास्त्र का नोबल मिला। वह सबसे कम उम्र में यह पुरस्कार पाने वाली अर्थशास्त्री हैं।• कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना (NYAY) बनाने में अभिजीत की अहम भूमिका थी, जिसमें सबसे गरीब परिवारों को 72 हजार रुपये सालाना आय का वादा किया था। • अभिजीत बनर्जी ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों के लिए चुनौती कार्यक्रम बनाने में भी मदद की थी, जिससे पढ़ाई का स्तर सुधारने में मदद मिली थी। • अभिजीत ने मोदी सरकार की नोटबंदी योजना का विरोध कर कहा था कि इससे जितने नुकसान का अंदाजा लगाया गया था, उससे कहीं ज्यादा होगा।

 

Have something to say? Post your comment