Wednesday, October 16, 2019
Follow us on
BREAKING NEWS
जयपुरः चूड़ी बनाने वाली फैक्ट्री से 6 बाल मजदूरों का रेस्क्यू, एक आरोपी गिरफ्तारहरियाणाः अंबाला कैंट से BSP उम्मीदवार राजेश घायल, 2 अज्ञात लोगों ने किया हमलायूपीः 31 मार्च के बाद होमगार्ड को नए मानदेय के साथ मिलेगी पूरी ड्यूटी-चेतन चौहानसंसद के शीत सत्र की तारीखों का कल ऐलान संभव, CCPA करेगी बैठककांग्रेस की सरकार बनने की भनक पा परेशान हो उठी भाजपा : कुमारी सैलजादिल्लीः रैनबैक्सी के पूर्व सीईओ मलविंदर सिंह की पुलिस हिरासत 2 दिन के लिए बढ़ीमुर्शिदाबाद हत्याकांडः बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति कोविंद से मिलाEC ने 21 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6.30 बजे तक एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की
 
Haryana

परीक्षा केन्द्र पर जल्दी पहुंचने की कोशिश में हिसार जिले के दो युवाओं को जान गंवानी पड़ी :हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा

September 22, 2019 05:12 PM

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग की ओर से लिपिकों की भर्ती के लिए परीक्षार्थियों के दूरदराज जिलों में रखे परीक्षा केन्द्रों को लेकर आयोग के फैसले की कड़ी भर्तसना की और कहा कि इससे न केवल युवाओं को परेशानी उठानी पड़ी बल्कि परिवहन व्यवस्था चरमराने के कारण आम जन को भी भारी दिक्कत हुई। लगता है आयोग का यह फैसला कोई संयोग नहीं था। अलबता यह फैसला निश्चय ही सरकार के संज्ञान में रहा है, जिसे आम जन को हुई असुविधा का कोई मलाल नहीं है। लिपिक पद की परीक्षा का पहला दिन हरियाणा के लाखों युवाओं के सब्र की परीक्षा साबित हुआ, जिसका सिलसिला तीन दिन तक जारी रहना है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता के नाम पर आयोग का यह फैसला किसी कसौटी पर मान्य नहीं है। परीक्षा के लिए पारदर्शिता और सटीक प्रबंधन का काम परीक्षार्थियों के लिए उनके अपने जिलों में भी सम्भव हो सकता था, मगर सरकार व आयोग ने इसे उचित नहीं समझा। हुड्डा ने कहा कि सबसे बुरी बात यह रही कि सरकार व आयोग ने महिला परीक्षाथियों को होने वाली परेशानियों को भी नहीं समझा। प्रदेश भर में 15 लाख से ऊपर परीक्षार्थियों में महिला अभ्यार्थियों की बड़ी संख्या का क्या सरकार को ज्ञान नहीं था ? यदि था तो सरकार ने समय रहते इसका समाधान निकालने की कोशिश क्यों नहीं की ? यह कितना दुर्भाग्यपूण रहा कि हरियाणा की किसी बेटी को कंगन तथा नाक की बाली को आरी से कटवाना पड़ा तो कई अन्यों को कानों की बालियों तक उतरवानी पड़ी। हरियाणा की बेटियों को अपने परिवारजनों के साथ एक दिन पहले जाना पड़ा तथा रात को ठहरने की व्यवस्था के लिए भी उन्हें बहुत परेशानी झेलनी पड़ी। हरियाणा की बेटियों के प्रति भाजपा सरकार का यह रवैया अपमानजनक और घोर निन्दनीय है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगाने वाली सरकार की हर जगह और हर समय ऐसी ही संवेदनहीनता झलकती है। आयोग ने यह ध्यान भी नहीं रखा कि केन्द्र तक पहुंचने व बैठने में दिव्यांगों को कितनी दिक्कत सामने आने वाली हैं।
हुड्डा ने कहा कि परीक्षा केन्द्र पर जल्दी पहुंचने की कोशिश में हिसार जिले के दो युवाओं को जान गंवानी पड़ी और उनकी कार में सवार तीन साथियों को गम्भीर चोटें आई। बहुत से युवाओं को शाम को अपने घर लोटने के लिए बसों और ट्रेनों में जगह पाने के लिए मारामारी करनी पड़ी। पर्याप्त परिवहन व्यवस्था न होने के कारण बहुत से परीक्षार्थी अपने केन्द्रों तक भी नहीं पहंुच पाये। कई जगह सड़कों तक जाम हो गई। जिन महिलाओं के बच्चे छोटे थे उनको बेशक परिवारजनों ने सम्भाला, पर बैठने की समुचित व्यवस्था के अभाव में वो रोते बिलखते रहे। सारा नजारा ऐसा लग रहा था मानो जैसे व्यक्ति युद्ध के मैदान से बच कर निकल रहा हो। क्या सरकार को पूर्व अनुमान नहीं था कि इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के इधर-उधर जाने से अव्यवस्था फैलेगी ?
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि वो हरियाणा के युवाओं व खासकर बेटियों से सरकार व आयोग के कारण उन्हें हुई भारी परेशानी के लिए माफी मांगे। हुड्डा ने कहा कि वे प्रदेश के युवाओं को आश्वस्त करते हैं कि कांग्रेस की सरकार आने पर हरियाणा में युवाओं को परिक्षा के लिए किसी दूसरे जिले में नहीं जाना पड़ेगा तथा किसी भी पद के लिए जो भी परीक्षा होगी वो उनके गृह जिले में ही होगी।

Have something to say? Post your comment
More Haryana News
हरियाणाः अंबाला कैंट से BSP उम्मीदवार राजेश घायल, 2 अज्ञात लोगों ने किया हमला
कांग्रेस की सरकार बनने की भनक पा परेशान हो उठी भाजपा : कुमारी सैलजा
EC ने 21 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6.30 बजे तक एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की
चरखी दादरी:हरियाणा मुझे खींचकर ले आता है:मोदी
हरियाणा में आज पीएम मोदी की दो रैलियां, कुरुक्षेत्र और चरखी दादरी में भरेंगे हुंकार HISAR- हजारों समर्थकों ने शहर में डाला डेरा तो बिगड़ी व्यवस्था जजपा के रोहतास सबसे अमीर, कांडा 78 करोड़ के कर्जदार, कमाई में नांदल पहले और कैप्टन अभिमन्यु दूसरे नंबर पर NBT EDIT-दादा का दौर बनेंगे बीसीसीआई के अध्यक्ष HARYANA-जबरन रिटायर करने के विरोध में उतरी कर्मचारी यूनियन Water, not Art 370, is an issue with fauji families in Haryana