Thursday, November 21, 2019
Follow us on
 
Haryana

सत्यदेव नारायण आर्य ने आज साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 27 संस्कृत साहित्यकारों को 28.86 लाख रूपए की पुरस्कार राशि एवं विभिन्न अलंकरणों से सम्मानित किया

August 20, 2019 03:15 PM

हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने आज साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 27 संस्कृत साहित्यकारों को 28.86 लाख रूपए की पुरस्कार राशि एवं विभिन्न अलंकरणों से सम्मानित किया। 
राजभवन में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में श्री आर्य ने कहा कि संस्कृत देव भाषा है और इसके उत्थान के लिए सभी को आगे बढक़र काम करना चाहिए। देवताओं की इस अमर वाणी को बढ़ाने में आज के साहित्यकारों, कवियों तथा लेखकों का अहम योगदान रहा है। उन्होनें कहा कि आधुनिक युग में विश्व के वैज्ञानिकों ने भी संस्कृत को कम्प्यूटर के लिए भी सबसे अनुकूल भाषा बताया है। इसलिए देश के लोगों को चाहिए कि वे पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में न आकर अपनी भाषा एवं संस्कृति को अपनाए। 
श्री आर्य ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कैथल जिला के मूंदडी गांव में महर्षि वाल्मिकी संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित किया है। जिससे देश व प्रदेश के युवाओं को संस्कृत, साहित्य और भाषा को सीखने का अवसर मिलेगा और संस्कृत भाषा के प्रति युवाओं में रूझान बढ़ेगा। उन्होंने इस अवसर पर साहित्य अकादमी की पत्रिका हरिप्रभा, हरिवाक् तथा अकादमी की स्मारिका का विमोचन भी किया। 
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष श्री कंवर पाल ने कहा कि संस्कृत भाषा व्यक्ति के चरित्र को प्रदर्शित करती है। देश में यह पहली सरकार है जिसने संस्कृत और अपनी संस्कृति को बढ़ाने पर बल दिया है। उन्होनेें कहा कि संस्कृत से जुड़े संस्थानों, विद्यालयों, संस्थाओं को भारतीय संस्कृति को बनाए रखने के लिए कार्य करना होगा। इसके साथ-साथ संस्कृति को वर्तमान संदर्भ के अनुकूल ढालकर भाषा का विकास करना होगा। उन्होनें संस्कृत साहित्यकारों का आहवान किया कि वे युवा पीढ़ी को आधुनिकता के अनुरूप तैयार कर देश की संस्कृति से ओत-प्रोत करें।   
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं सूचना, जनसंपर्क एंव भाषा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश खुल्लर ने कहा कि सरकार द्वारा संस्कृत अकादमी के वैबसाइट भी शीघ्र ही तैयार की जाएगी। उन्होनें यह भी कहा कि शेष बचे साहित्यकारों को भी इसी वर्ष के अंत तक पुरस्कृत किया जाएगा।
हरियाणा संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित संस्कृत सम्मान समारोह में हरियाणा संस्कृत गौरव सम्मान के लिए दो लाख रूपए की पुरस्कार राशि व प्रशस्ति पत्र, महर्षि वाल्मिकी सम्मान तथा महर्षि वेद व्यास सम्मान के लिए 1.5 लाख रूपए एवं प्रशस्ति पत्र दिए गए। इसी प्रकार महर्षि बाणभट्ट सम्मान, विद्यामार्तण्ड पण्डित सीताराम शास्त्री आचार्य सम्मान, स्वामी धर्मदेव संस्कृत समाराधक सम्मान के लिए एक लाख रूपए की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही पुस्तक पुरस्कार सम्मान के तहत 31 हजार रूपए की पुरस्कार की राशि व प्रशस्ति पत्र दिए गए।
कार्यक्रम में वर्ष 2014 के लिए डॉ. मथुरादत्त पाण्डेय, वर्ष 2015 के लिए श्री शिवनारायण शास्त्री तथा वर्ष 2016 के लिए आचार्य महावीर प्रसाद शर्मा को हरियाणा संस्कृत गौरव सम्मान से नवाजा गया। इसी प्रकार, वर्ष 2014 के लिए प्रो0 श्री कृष्ण शर्मा, वर्ष 2015 के लिए प्रो0 कमला भारद्वाज तथा वर्ष 2016 के लिए प्रो0 भीम सिंह को महर्षि वाल्मीकि सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, वर्ष 2014 के लिए प्रो0 राजेश्वर प्रसाद मिश्र, वर्ष 2015 के लिए डॉ. सत्यपाल शर्मा तथा वर्ष 2016 के लिए श्री सत्यनारायण शर्मा को महर्षि वेदव्यास सम्मान से नवाजा गया। 
इस दौरान वर्ष 2014 के लिए डॉ. मिथिलेश शर्मा शास्त्री, वर्ष 2015 के लिए हरिप्रकाश शर्मा तथा वर्ष 2016 के लिए श्री तुलाराम शर्मा को महाकवि बाणभट्ट सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार, वर्ष 2015 के लिए श्री ओमप्रकाश कौशिक तथा वर्ष 2016 के लिए आचार्या विद्यावती को गुरु विरजानन्द आचार्य सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, वर्ष 2014 के लिए श्रीमती सुमन शर्मा तथा वर्ष 2015 के लिए श्रीमती प्रमोद शर्मा को विद्यामार्तण्ड पं. सीताराम शास्त्री आचार्य सम्मान से सम्मानित किया गया। 
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2015 के लिए आचार्या राजवंती तथा वर्ष 2016 के आचार्य वेदव्रत शास्त्री को पं. युधिष्ठिड्ढर मीमांसक आचार्य सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार, वर्ष 2014 के लिए डॉ. राजनमान, वर्ष 2015 के लिए राजेश स्वरूप तथा वर्ष 2016 के आचार्य वेदव्रत शास्त्री को स्वामी धर्मदेव संस्कृत समाराधक सम्मान से नवाजा गया। इसके साथ ही वर्ष 2014 के लिए डॉ. बलवंत सिंह व श्री सूरज कुमार, वर्ष 2015 के लिए डॉ. सत्यपाल शर्मा, डॉ. धर्मबीर कुंडू व डॉ. मिथिलेश शर्मा तथा वर्ष 2016 के डॉ. हरि सिंह को पुस्तक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
इस दौरान संस्कृत अकादमी द्वारा राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य, विधानसभा अध्यक्ष श्री कंवरपाल, सूचना, जनसंपर्क एंव भाषा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश खुल्लर, राज्यपाल के सचिव श्री विजय सिंह दहिया तथा सूचना जनसंपर्क एंव भाषा विभाग के महानिदेशक समीरपरल सरो को शॉल एंव स्मृति चिन्ह भेंट किया। अकादमी के निदेशक डा0 सोमेश्वर दत्त ने सभी मेहमानों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। 
इस अवसर पर पंचकूला के विधायक श्री ज्ञानचंद गुप्ता, हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक श्री गुरविन्द्र सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं अतिथि उपस्थित थे।

 
Have something to say? Post your comment
 
 
More Haryana News
छत्तीसगढ़ के उद्योग एवं कमर्शियल टैक्स मंत्री कवासी लखमा ने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से पंचकुला में मुलाकात की
HARYANA- पानीपत का एक गांव ऐसा भी, जहां टीवी देखने की मनाही; सरपंच ने चुनावी वादा निभाने को पंचायत भवन में पहला टीवी लगवाया, पर चलवा नहीं पाए HARYANA-राइस मिलों में 10 साल में 500 करोड़ से ज्यादा का घोटाला, रिकवरी हो नहीं रही, अब नया घोटाला आया सामने संतरी से लेकर एसएचओ तक ढूंढ़ रहे 1200 रुपए में तीन साल चलने वाली जैकेट और 325 रु. में 2 साल तक चलने वाले जूते GURGAON City air drops back to ‘poor’ after 3 days HT EDIT-When pollution turns political Leaders are realising that poor air quality can cost them power Charges framed against Honeypreet, 39 others HARYANA-Movement of grains stopped इनेलो को झटका, जेजेपी में शामिल हुए आईएसओ के प्रदेश प्रभारी संदीप नैन
चुनाव के बाद सभी राज्यों की समीक्षा कर रहे हैं बीजेपी:अनिल विज