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HARYANA-जलभराव से खराब धान की फसल का नहीं मिलेगा बीमा क्लेम नियम बदला : जलभराव पर केवल मक्का का, ओलावृष्टि व भूस्खलन से खराब धान

July 18, 2019 06:28 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR JULY 18

जलभराव से खराब धान की फसल का नहीं मिलेगा बीमा क्लेम
नियम बदला : जलभराव पर केवल मक्का का, ओलावृष्टि व भूस्खलन से खराब धान का मिलेगा मुआवजा
क्षेत्र के किसान बरसात से हुए जलभराव के कारण धान की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका जता रहे हैं। लेकिन इस बार जलभराव के कारण खराब हुई धान की फसल का मुआवजा बीमा कंपनी किसानों को नहीं देगी, जबकि गत वर्ष जलभराव के कारण खराब धान की फसल का मुआवजा बीमा कंपनी ने किसानाें काे दिया था। बीमा कंपनी के अधिकारी की मानें ताे यह गाइड लाइन सरकार की ओर से जारी की गई है। इस बार भूस्खलन व ओलावृष्टि के कारण खराब हुई धान की फसल का ही मुआवजा बीमा कंपनी की ओर से दिया जाएगा। केवल मक्के की फसल में जलभराव का मुआवजा बीमा कंपनी किसानों को देने की बात कह रही है।
खराब हुई मक्के की फसल के लिए 72 घंटे में करें आवेदन
खंड कृषि अधिकारियों की मानें तो क्षेत्र के गांव गुमथला, बापौली व बकाना में करीब 10 एकड़ मक्के की फसल जलभराव के कारण खराब होने की सूचना उन्हें मिली है। ऐसे किसान जिनकी जलभराव से मक्के की फसल को नुकसान हुआ है, वे अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी व किला नंबर जिस खेत में वह फसल उगाई गई हो, को लेकर खंड कृषि कार्यालय या फिर डीडीए ऑफिस यमुनानगर में 72 घंटों के अंदर जमा करवा सकते हैं। उसके बाद खराबे का सर्वे करने के लिए बीमा कंपनी के कर्मचारियों के साथ लोकल कृषि अधिकारी व किसान खेत में जाकर सर्वे कर रिर्पोट तैयार कर कंपनी के पास भेजेंगे।
मुआवजा मिलने में लगते दो-तीन महीने
बीमा कंपनी के प्रोजेक्ट ऑफिसर दीपेंद्र सिंह का कहना है कि किसान को कंपनी की ओर से मुआवजा देने के लिए करीब दो से तीन माह का समय लगता है। किसानों को मुआवजा देने के लिए बीमा कंपनी को सेंटर व स्टेट सरकार की ओर से सब्सिडी राशि प्रदान की जाती है। इसके बाद किसानों को मुआवजा राशि देने का प्रोसेस शुरू किया जाता है। इसलिए इसमें समय लगता है।
गत वर्ष खराब हुई धान की फसल का मुआवजा बीमा कंपनी की ओर से किसानों को दिया गया था। लेकिन इस बार जलभराव के कारण खराब हुई धान की फसल का मुआवजा किसानों को नहीं दिया जाएगा। इस बारे में बीमा कंपनी की ओर से पहले कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को बता दिया गया था। दीपेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट ऑफिसर, बीमा कंपनी यूनिवर्सल सोम-टू
प्रीमियम और मुआवजा
रादौर क्षेत्र में सरकार की ओर से किसानों की फसलों का बीमा करने का जिम्मा यूनिवर्सल सोम-टू कंपनी को दिया गया है। बीमा कंपनी द्वारा धान की फसल के प्रति एकड़ 594 रुपए, मक्के के 335.89 रुपए, बाजरा 291.35 रुपए व कपास के 582.75 रुपए प्रीमियम के तौर पर काटे हैं। किसान की अगर पूरे एकड़ की फसल खराब है तो उसे 29750 रुपए का मुआवजा बीमा कंपनी द्वारा दिया जाएगा। वहीं अगर नुकसान कम है तो उसकी परसेंटेज निकाल कर मुआवजा राशि दी जाएगी। लेकिन बदले नियम के चलते इस बार बीमा कंपनी जलभराव के कारण खराब हुई धान की फसल का मुआवजा किसानों को नहीं देगी। केवल जलभराव के कारण खराब हुई मक्के की फसल की मुआवजा राशि ही बीमा कंपनी की ओर से किसानों को दी जाएगी

 
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