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हुड्डा के गढ़ में रातभर चली मतगणना में अरविंद शर्मा ने दीपेंद्र को 7503 वोटों से हराया

May 25, 2019 06:15 AM

COURTESY NBT MAY 25

हुड्डा के गढ़ में रातभर चली मतगणना में अरविंद शर्मा ने दीपेंद्र को 7503 वोटों से हराया


अब तक सांसद : दो बार दादा, 4 बार पिता, 3 बार बेटा
रोहतक लोकसभा सीट को हुड्डा परिवार का गढ़ माना जाता है। इस सीट से रणबीर सिंह हुड्डा 2 बार और भूपेंद्र सिंह हुड्डा 4 बार सांसद बने, जबकि दीपेंद्र हुड्डा ने 3 बार जीत हासिल की। हालांकि पिछली 3 बार जब वे सांसद बने, तब भूपेंद्र हुड्डा सीएम थे।• दीपक खोखर, रोहतक

 

रोहतक लोकसभा सीट बीजेपी के डॉ. अरविंद शर्मा ने 3 बार के लगातार सांसद दीपेंद्र हुड्डा को कड़े मुकाबले में 7503 वोटों से हराया। रात 2 बजे तक मतगणना चली। बैलेट पेपर के वीवीपैट से मिलान न करने का आरोप लगाकर रात 3 बजे कांग्रेस ने दोबारा मतगणना की मांग की। कांग्रेस के चुनाव एजेंट चंद्रसेन दहिया ने 3 तरह की आपत्ति जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने दर्ज कराई। अंत में निर्वाचन अधिकारी ने सभी आपत्तियां खारिज कर दीं और सुबह 4 बजे अरविंद शर्मा को विजयी घोषित करते हुए प्रमाण पत्र प्रदान किया। अरविंद शर्मा ने 4 विधानसभा क्षेत्रों, जबकि दीपेंद्र हुड्डा ने 5 विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की। लेकिन अंत में जीत शर्मा की हुई।

अरविंद शर्मा ने साल 1999 में रोहतक से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव भी लड़ा था। हालांकि तब उन्हें मात्र 27265 वोट ही मिल पाए थे। इससे पहले 1996 में वह सोनीपत से निर्दलीय चुनाव लड़कर सांसद रह चुके थे। बाद में 2004 और 2009 में वह करनाल से कांग्रेस के सांसद रहे। 2014 में करनाल से ही हारे। इसके बाद बीएसपी में शामिल हुए और यमुनानगर और जुलाना से विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। शर्मा ने मार्च 2019 में ही बीजेपी जॉइन कर ली।

इस चुनाव में बाकी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। बीएसपी प्रत्याशी किशन लाल पांचाल ने 38364 वोट हासिल किए, जबकि जेजेपी के प्रदीप देशवाल को 21211 और इनैलो के धर्मबीर फौजी को 7158 वोट मिले। 3001 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया, जबकि 4423 वोट रद्द हो गए। इस चुनाव में 1224994 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।

पहली बार इतना कड़ा मुकाबला

रोहतक लोकसभा सीट पर डॉ. अरविंद शर्मा और दीपेंद्र हुड्डा के बीच रोचक मुकाबला देखने को मिला। हालांकि, ज्यादातर समय शर्मा ने ही बढ़त बनाए रखी। इसके बावजूद आखिर तक रोमांच बना रहा। ईवीएम की काउंटिंग में अरविंद शर्मा 2636 वोटों से आगे रहे। उधर, पोस्टल बैलेट की मतगणना रात तक जारी थी। रातभर मतगणना केंद्र पर जमे रहे दीपेंद्र सुबह 6 बजे निराश घर लौटे।
रोहतक में पहली बार BJP का दबदबा

 
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