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सरकार के काम पर भरोसा, लेकिन गिरते वोट शेयर से टेंशन

May 25, 2019 06:08 AM


COURTESY NBT MAY 25

सरकार के काम पर भरोसा, लेकिन गिरते वोट शेयर से टेंशन


गोपाल राय ने कहा कि पार्टी ने यह चुनाव टीम की तरह लड़ा था और पार्टी की हार सामूहिक जिम्मेदारी है। आने वाले चुनाव के लिए पार्टी नई रणनीति के साथ उतरेगी और संगठन को बेहतर बनाने के लिए जरूरी बदलाव किए जाएंगे। इस चुनाव में आश्चर्यजनक परिणाम आए हैं और बीजेपी को भी इतनी बड़ी जीत की उम्मीद नहीं थी।
कांग्रेस के साथ गठबंधन होने पर क्या नुकसान को कम किया जा सकता था, इस सवाल के जवाब में आप के प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि जिस तरह से नतीजे सामने आए हैं, उनको देखने के बाद कहा जा सकता है कि गठबंधन होने पर भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। निश्चित तौर पर कहीं बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी।
Bhupender.Sharma@timesgroup.com

 

आम आदमी पार्टी को 2014 की तरह इस बार भी आम चुनाव में दिल्ली में कोई सीट नहीं मिली है लेकिन पांच साल में पार्टी का कम होता वोट शेयर और कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार के बीच आने वाले विधानसभा चुनाव की चुनौती पहले से बड़ी नजर आ रही है। आप नेता बेशक यह कह रहे हैं कि इस बार के चुनाव में राष्ट्रीय मुद्दे ही हावी रहे और पूरा चुनाव नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के नाम पर ही लड़ा गया, लेकिन एमसीडी चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव में वोट शेयर पार्टी के लिए चिंता की बात है। पार्टी ने अब तक जितने भी चुनाव लड़े हैं, उनमें सबसे कम वोट शेयर इस बार के लोकसभा चुनाव में रहा है।
2014 में पहली बार लोकसभा चुनाव में उतरी आप को कोई सीट नहीं मिलने के बाद भी 32.79 पर्सेंट वोट मिले थे, लेकिन अगले साल हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 54.33 पर्सेंट वोट शेयर के साथ ऐतिहासिक जीत हासिल की और 67 सीटें जीतीं।

इस चुनाव में कांग्रेस 9.66 पर्सेंट पर सिमट गई थी और बीजेपी को 32.20 पर्सेंट वोट मिले। 2017 में एमसीडी चुनाव में आप का वोट शेयर घटकर 26.13 रह गया और कांग्रेस 21.20 पर्सेंट पर पहुंच गई। 2019 के लोकसभा चुनाव में आप को 18.11 पर्सेंट वोट मिले हैं और कांग्रेस 22.5 पर्सेंट तक पहुंच गई है। इस लिहाज से आप के सामने एक बार फिर से वही चुनौती है, जो पिछले लोकसभा चुनाव के बाद थी।

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को आप सरकार के काम, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम पर वोट मिलने और 2015 की तरह बड़ी जीत का भरोसा है। पार्टी के नेता

कह रहे हैं कि पिछले लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी ने जिस तरह से विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की है, उसी तरह का प्रदर्शन विधानसभा चुनाव में दोहराया जाएगा। विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरी तरह से विकास और स्थानीय मुद्दों पर ही फोकस करेगी

 
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