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Editorial

NBT EDIT-किसमें कितना है दम-कप के लिए निकली टीम इंडिया

May 23, 2019 06:03 AM

COURTESY NBT EDIT MAY 23


बारहवें आईसीसी वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम मंगलवार की शाम इंग्लैंड रवाना हो गई। पूरे 20 साल बाद यह मौका आया है जब क्रिकेट का जन्मस्थल इंग्लैंड वर्ल्ड कप मुकाबलों की मेजबानी करेगा। लेकिन यह इस बार के वर्ल्ड कप मुकाबलों की एकमात्र विशिष्टता नहीं है। इस बार सबसे अच्छी बात यह है कि कुछ हद तक श्रीलंका को छोड़कर बाकी सारी टीमें चढ़ी हुई हालत में हैं। इस बार टूर्नामेंट का फॉरमैट भी नया है। अब तक टीमें अलग-अलग ग्रुपों में बांट दी जाती थीं। हर ग्रुप की टीमें पहले आपस में भिड़ती थीं, फिर इनके विनर्स के बीच टक्कर होती थी। मगर इस बार सभी दसों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मैच खेलेंगी। यानी नॉकआउट मुकाबलों से पहले हर टीम को 9-9 मैच खेलने हैं। जाहिर है, वर्ल्ड कप मुकाबले इस बार अतिरिक्त आकर्षण लिए हुए होंगे। बात भारत की करें तो विराट कोहली की अगुआई वाली इस टीम को पूरी तरह सेटल माना जा सकता है। हालांकि इस बार आईपीएल में विराट का अनुभव उत्साहवर्धक नहीं रहा। उनकी अगुआई वाली टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) सबसे निचले स्थान पर रही, लेकिन बतौर बल्लेबाज विराट वहां भी छाए रहे। उम्मीद की जानी चाहिए कि आईपीएल का हालिया अनुभव वर्ल्ड कप में कप्तान के हौसले को प्रभावित नहीं करेगा। उनके अलावा तीन और स्टार बल्लेबाज- महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और शिखर धवन इस टीम में हैं जो दुनिया भर में अपना लोहा मनवा चुके हैं। धोनी न केवल विकेटकीपर और बल्लेबाज के रूप में इस टीम के वरिष्ठतम सदस्य हैं बल्कि तीन वर्ल्ड कप खेलने का अनुभव उनके पास है। मैदान पर कोहली की आक्रामकता के साथ धोनी के कूल अंदाज का तालमेल कमाल कर सकता है। कमजोर कड़ी अगर इस टीम में कोई है तो वह है चौथे नंबर की बैटिंग। इसके लिए विजयशंकर रखे गए हैं लेकिन उनका आईपीएल फॉर्म उनके लिए मुसीबत बना हुआ है। अगर वह शुरुआती मैचों में ही फॉर्म नहीं पकड़ पाते तो उनके विकल्प के रूप में केएल राहुल हैं, जिनकी इन-स्विंग गेंदों से जुड़ी कमजोरी जगजाहिर हो चुकी है। जाहिर है, टूर्नामेंट में हर गेंदबाज उनकी इस कमजोरी का फायदा उठाना चाहेगा। बल्लेबाजी का चौथा नंबर भारतीय टीम के लिए दुर्योधन की जंघा न बन जाए, इसका इंतजाम टीम मैनेजमेंट को समय रहते कर लेना होगा। टीम का सबसे मजबूत पक्ष बिला शक इसकी गेंदबाजी है। बुमराह और शमी की तेंज गेंदबाजी दुनिया के किसी भी बल्लेबाज को खौफ में डाल सकती है। भुवनेश्वर को कम रफ्तार के बावजूद इंग्लैंड की भारी हवा में ब्रह्मास्त्र समझा जाता रहा है। यजुवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की स्पिन भी गर्मियों की पटरा पिच पर अहम भूमिका निभा सकती है। कुल मिलाकर इंग्लैंड में बारिश ने रंग में भंग नहीं डाला तो एक रोमांचक वर्ल्ड कप क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार कर रहा है।
कप के लिए निकली टीम इंडिया

 
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