Saturday, May 25, 2019
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Haryana

अम्बाला से भाजपा प्रत्याशी कटारिया द्वारा दायर ताज़ा हलफनामे और पिछले 2014 एफिडेविट में दर्शाए अपने पैन कार्ड नंबर में अंतर

April 22, 2019 05:54 PM

चंडीगढ़- गत शुक्रवार 19 अप्रैल को अम्बाला (आरक्षित) संसदीय सीट से भाजपा के उम्मीदवार रतन लाल कटारिया ने आगामी 12 मई को हरियाणा में होने वाले लोक सभा चुनावो के लिए अपना नामांकन दाखिल किया जिस दौरान उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं अम्बाला लोक सभा हलके के अंतर्गत आने वाले  सभी विधानसभा हलकों के मौजूदा भाजपा  विधायक एवं सैंकड़ो भाजपा कार्यकर्ता  भी शामिल रहे. नामांकन भरने के बाद पत्रकारों से बातचीत  करते हुए कटारिया ने बताया  कि एक  सांसद के तौर पर मिलने वाले वेतन और भत्तों के अतिरिक्त उनकी कहीं और से कोई आमदन नहीं है. उन्होंने यह भी कहा की प्रति माह उन्हें तीन लाख रुपये के करीब  वेतन और भत्ते प्राप्त होते हैं एवं इस वजह से उनकी सालाना आये 36 लाख के करीब बनती है. शहर निवासी पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने जब कटारिया द्वारा अपने नामांकन पत्र के साथ दायर एफिडेविट (हलफनामे) को डाउनलोड कर जब उसका अध्ययन किया को उन्हें पता चला कि उन्होंने अपने द्वारा दायर ताज़ा इनकम टैक्स रिटर्न में अपनी आय 11 लाख 55  हज़ार 833  रुपये दर्शायी है. इसमें उन्होंने मौजूदा सांसद के तौर पर  अपने वेतन के अतिरिक्त ब्याज से प्राप्त  राशि को भी अपनी आय में दर्शाया है.   इसके साथ साथ  पिछले लगातार चार वर्षो में उन्होंने  अपनी आय क्रमश: 7 लाख 32 हज़ार, 5 लाख 23 हज़ार 4 लाख 70 हज़ार और 6   लाख 16 हज़ार रुपये है. उन्होंने इसके साथ अपना  इनकम टैक्स पैन नंबर AJVPK7544H बताया  है. इसी प्रकार उनकी पत्नी की भी पिछले तीन वर्षो की आय का वर्णन है और उनका  पैन कार्ड नंबर AJYPK7553P दर्शाया गया है. जब हेमंत ने इसके बाद भारतीय चुनाव आयोग की वेबसाइट से  आज से पांच  वर्ष पूर्व अर्थात  मार्च, 2014 में रतन लाल कटारिया द्वारा पिछली लोक सभा चुनावो के दौरान  अम्बाला संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर इसी प्रकार अपने द्वारा दिए गए हलफनामा को डाउनलोड कर उसका  अध्ययन किया, तो वह हैरान रह गए क्योंकि उसमे उनका पैन कार्ड नंबर AAACS8577K  दर्शाया गया था जो कि ताज़ा पैन कार्ड नंबर से बिलकुल अलग है. इसके  साथ उन्होंने तत्कालीन वर्ष 2013 -14 की अपनी आय 4 लाख 55 हज़ार 295 रुपये दर्शायी थी हालांकि इसके साथ ही उनकी पत्नी का बताया गया  पैन कार्ड नंबर बिलकुल वही था जो कटारिया द्वारा दायर ताज़ा हलफनामे में दर्शाया  गया है.  एडवोकेट हेमंत के अनुसार किसी भी व्यक्ति को इनकम टैक्स  पैन कार्ड नंबर एक बार ही  अलॉट किया जाता है फिर चाहे वह देश के किसी भी हिस्से में   शिफ्ट जो जाए या अपना व्यवसाय और कारोबार कोई भी कर ले अथवा किसी भी पद पर निर्वाचित हो  जाए. हेमंत ने यह भी बताया की पैन कार्ड के चौथे अंग्रेजी अक्षर से पता  चलता है कि यह पैन कार्ड किसी व्यक्ति को जारी किया गया  है या किसी  कंपनी को अलॉट हुआ है. अगर यह अक्षर अंग्रेजी का पी हो तो इसका अर्थ है यह किसी व्यक्ति तो जारी  हुआ है और अगर अक्षर अंग्रेजी का सी है तो इसका मतलब यह किसी कंपनी को अलॉट हुआ है. चूँकि कटारिया द्वारा  दायर वर्ष 2014 के एफिडेविट में यह अक्षर सी है, इसका अर्थ तो यही निकलता है कि उनको यह पैन कार्ड किसी कंपनी के तौर पर जारी हुआ है. अब इस बारे  में सारी स्थिति स्वयं कटारिया ही  स्पष्ट कर सकते है कि ऐसा क्यों किया गया अथवा ऐसा कैसे हो गया.  ताज़ा हलफनामे में कटारिया द्वारा अपनी पिछली इनकम टैक्स रिटर्न में अपनी आय 11 .55 लाख दर्शाये जाने पर, जबकि गत शुक्रवार उन्होंने अपने ही मुँह से यह सालाना 36 लाख बताई  थी,  के बारे में हेमंत का कहना है कि हालांकि इस बारे में कुछ भी तथ्यों के आधार पर भी कहा जा सकता है परन्तु पिछले वर्ष आर.टी.आई. के माध्यम से संसद के दोनों सदनों से यह  सूचना प्राप्त हुई  थी जो कि प्रकाशित भी हुई थी  कि औसतन लोक सभा के एक मौजूदा सांसद की वार्षिक आय - वेतन और भत्ते मिकालर 71 .29  लाख रूपये बनती  है हालांकि इनमे से चुनावी-क्षेत्र भत्ता और रोज़ाना भत्ता ऐसे होते हैं जिनमे कोई इनकम टैक्स नहीं लगता. 

 

 
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