Friday, May 24, 2019
Follow us on
Haryana

डेरे की ताकत 29 अप्रैल को सिरसा में दिखेगी किस दल को समर्थन देना है इस पर राजनीतिक विंग फैसला लेगा

April 22, 2019 05:31 AM

COURTESY NBT APRIL 22

डेरे की ताकत 29 अप्रैल को सिरसा में दिखेगी


किस दल को समर्थन देना है इस पर राजनीतिक विंग फैसला लेगा
रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पिपली नामचर्चा घर में डेरा सच्चा सौदा का स्थापना दिवस समारोह आयोजन किया गया।•एनबीटी न्यूज, कुरुक्षेत्र

 

पहले 7 अप्रैल को और फिर 21 अप्रैल को हरियाणा और दूसरे प्रदेशों के नाम चर्चा घरों में स्थापना दिवस मनाया गया। लेकिन रविवार को फिर मुख्य नाम चर्चा स्थापना दिवस के नाम पर भारी भीड़ जुटी। इसमें यह बताया गया कि असल स्थापना दिवस 29 अप्रैल को है और यह डेरा सच्चा सौदा सिरसा मुख्यालय में मनाया जाएगा।

माना जा रहा है कि 29 अप्रैल को डेरे में भारी भीड़ जमा होगी। अलबत्ता इस संबंध में आयोजकों का कहना है कि अभी प्रशासन से इस संबंध में इजाजत नहीं मांगी है। इजाजत के लिए प्रशासन को लिखा जा रहा है। ज्यों-ज्यों मतदान की तारीख नजदीक हा रही है, त्यों-त्यों डेरे की गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं।

रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पिपली नाम चर्चा घर में डेरा सच्चा सौदा का 71वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में जिले भर से हजारों की संख्या में अनुयायी पहुंचे। स्थापना दिवस कार्यक्रम में डेरा सच्चा सौदा से पहुंचे राजनैतिक विंग हरियाणा के सदस्य जोगिंद्र सिंह, 45 सदस्यीय कमिटी के सदस्य किरपा राम, राजेंद्र चीका और पिंकी ने अनुयायियों में जोश भरने का काम किया।

लगभग डेढ़ दशक से हरियाणा की राजनीति में अहम रोल अदा करने वाले डेरा सच्चा सौदा की ओर सभी राजनैतिक पार्टियों की नजरें टिकी हुई हैं। 29 अप्रैल को डेरा सच्चा सौदा का स्थापना दिवस है, लेकिन रविवार को पिपली नाम

चर्चा घर सहित प्रदेश के कई जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

जानकारी के अनुसार, अकेले कुरुक्षेत्र लोकसभा में डेरा सच्चा सौदा की एक लाख से ज्यादा वोट हैं। इनकी एकता का सबूत पिछले कई चुनावों में देखा भी जा चुका है। शनिवार को पिपली नामचर्चा घर में राजनैतिक

विंग के सदस्य जोगिंद्र सिंह और कृपा राम ने माना भी कि चुनावों को लेकर वे अनुयायियों से राय ले रहे हैं। वहीं यह भी माना कि हर बार की भांति इस बार भी कुछ दिन पहले ही किसी पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया जा सकता है।

डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम के समर्थन की बात पर उन्होंने कहा कि बाबा कि ओर से कभी भी किसी पार्टी को समर्थन नहीं दिया गया। डेरा सच्चा सौदा की राजनैतिक विंग ही साध संगत से सलाह कर समर्थन देती है। बाबा राम रहीम ने न तो पहले कभी किसी को समर्थन देने की बात कही और न ही अब कहेंगें।

साफ जाहिर है कि डेरे का रुख अचानक बदल सकता है। डेरे के स्थापना दिवस पर जिस तरह से डेरा प्रेमियों ने दूसरे प्रदेशों में और हरियाणा प्रदेश के सभी जिलों में भारी हाजरी प्रदर्शित करके डेरे में एकजुटता होने का एहसास कराया है, उससे साफ जाहिर है कि डेरा पूरी तरह से सक्रिय है। माना जा रहा है कि हरियाणा की दस लोकसभा सीटों पर और विधानसभा के चुनावों में डेरे से जुड़े मतदाता समीकरणों को बड़े पैमाने पर प्रभावित करते रहे

 
Have something to say? Post your comment