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HARYANAअवैध माइनिंग: विजिलेंस ने की चेकिंग, मिली बड़ी-बड़ी खादानें विजिलेंस और पॉल्यूशन कंट्रोल डिपार्टमेंट की टीम ने बरवाला, रायपुररानी, खेतपुराली एरिया में की चेकिंग

April 18, 2019 07:22 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR APRIL 18

अवैध माइनिंग: विजिलेंस ने की चेकिंग, मिली बड़ी-बड़ी खादानें
विजिलेंस और पॉल्यूशन कंट्रोल डिपार्टमेंट की टीम ने बरवाला, रायपुररानी, खेतपुराली एरिया में की चेकिंग

पंचकूला में बड़े स्तर पर अवैध माइनिंग का धंधा चलता है। पंचकूला प्रशासन, माइनिंग डिपार्टमेंट और पुलिस इसे रोकने में नाकाम है। इसी कारण अब हरियाणा विजिलेंस, पॉल्यूशन कंट्रोल डिपार्टमेंट और जियोलॉजिकल एंड एन्वायर्नमेंट साइंस डिपार्टमेंट की टीम को फील्ड में उतरना पड़ा। बरवाला, रायपुररानी, खेतपुराली एरिया में खदानों की चेकिंग की गई। अवैध माइनिंग के सबूत मिले। स्टोन क्रशर एरिया में भी वीडियोग्राफी कराई गई। टीम अपनी रिपोर्ट बनाएगी।
सूत्रों के अनुसार टीम में मौजूद अफसर यही कहते सुने गए कि पंचकूला में पिंजौर कालका से लेकर बरवाला, रायपुररानी एरिया में जमकर अवैध माइनिंग हो रही है। इस बारे में माइनिंग डिपार्टमेंट के अफसरों को पता भी होता है, लेकिन उसके बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जाता है।
डर की वजह से नहीं बोलते लोग: सीआईडी की रिपोर्ट कहती है कि यहां खेतपुराली एरिया में नदी का स्तर पहले के मुकाबले 10 से 15 फुट गहरा जा चुका है। यहां बड़े बड़े गड्‌ढे कर दिए गए हैं। नदी से निकलने के लिए चोर रास्ते बनाए हुए हैं। पूरे रैकेट को एक बड़ी सपोर्ट है, तभी कार्रवाई नहीं होती। माइिनंग माफिया के डर से लोगों ने अब अवैध माइनिंग को लेकर शिकायतें करनी बंद कर दी हैं। भास्कर टीम ने खेतपुराली एरिया में कुछ लोगों से बात की तो उन्होंने कहा कि यहां तो दिन-रात अवैध माइनिंग होती ही है। टिपरों और जेसीबी, पोकलेन चलने की आवाजें आती हैं। नदी के मुहाने पर गांव है, लोगों के घर हैं। रात भर सोया नहीं जाता।
अवैध माइनिंग की हकीकत बयां करती है यह तस्वीर।
खेतपुराली एरिया में नदी का स्तर पहले के मुकाबले 10 से 15 फुट गहरा जा चुका है। यहां बड़े-बड़े गड्‌ढे कर दिए गए हैं।
: विजिलेंस की टीम ने किया सर्वे ...
इस मामले में विजिलेंस की टीम भी साइलेंट तौर पर जांच कर रही है। मंगलवार को पूरा दिन विजिलेंस की टीम एरिया में रही। यहां पहले तो माइनिंग एरिया में सर्वे किया गया, वीडियो ग्राफी की गई। उसके बाद यहां स्टोन क्रशर एरिया में भी सर्वे किया गया। यहां स्टोन क्रैशर मालिकों को कुछ पता भी न चले, इस लिए बाहर से ही को गाड़ियों में बैठकर वीडियोग्राफी की गई। खेतपुराली एरिया में तो विजिलेंस टीम ने आधे घंटे तक रिकॉर्डिंग की है। अलग अलग जगहों पर रास्तों की रिपोर्ट तैयार की गई। अब रेवेन्यू और माइनिंग डिपार्टमेंट से लीज लैंड और जमीनों का रिकॉर्ड मांगा जाएगा।
: ये कमियां जिनके कारण पंचकूला में नहीं रुक रही अवैध माइनिंग
पंचकूला में प्रशासन, पुलिस और माइनिंग डिपार्टमेंट के अफसरों की लापरवाही की वजह से अवैध माइनिंग बढ़ती जा रही है। जब भी माइनिंग की बात आती है तो आला अधिकारी अपने जूनियर अफसरों से जवाब मांगते हैं। जूनियर अफसर और कर्मचारी सच्चाई को नहीं बताते और अपनी कमियों पर पर्दा डालते हैं। वे अपने सीनियर अफसरों को गलत रिपोर्ट देते हैं कि सर्वे कर रहे है, माइनिंग कंट्रोल में है। अब सच्चाई पंचकूला के रूरल एरिया की पब्लिक जानती है, जो रोजाना ही दिन रात यहां टिपरों की आवाज से परेशान हो चुकी है। पुलिस कमिश्नर से लेकर डीसीपी और डीसी को खुद फील्ड में उतरने की जरूरत है। इसके बाद ही इस चोरी को रोका जा सकता है।
इसे देखकर-पंचकूला प्रशासन से लेकर माइनिंग डिपार्टमेंट और पुलिस के अफसरों के दावाें और कार्रवाई की सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।
: स्टोन क्रशर्स पर भी चेकिंग... पॉल्यूशन कंट्रोल डिपार्टमेंट की टीम ने भी यहां सर्वे किया है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यहां बिना परमिशन ज्यादा स्टॉक को रखा गया है। स्टोन क्रशर खुलते जा रहे हैं, जिस खसरा नंबर पर परमिशन है वहां वे मौजूद भी है या नहीं। सड़कों के पास स्ट्रोन क्रशर लगाए जा रहे हैं। ऐसा क्यों। यहां डस्ट कंट्रोल के लिए क्या किया जा रहा है। पानी को कैसे रीसाइकिल किया जा रहा है, ये किया भी जाता है या नहीं। इस बारे में चेकिंग की जा रही है।
: मौजूदा हालात...
पिंजौर-कालका एरिया में जमकर माइनिंग की जा रही है। यहां स्टॉक सड़कों के पास रखा जाता है। नालागढ़ रोड से लेकर रूरल एरिया में बद्दी बॉर्डर पर माइनिंग को किया जा रहा है।
बुर्जकोटिया में तो जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की शिकायत पर कई कंपनियों और क्रशर मालिकों पर केस तक दर्ज किया गया है। लेकिनमाइनिंग डिपार्टमेंट के अफसरों की लापरवाही से अभी भी यहां रोजाना माइनिंग हो रही है।
बरवाला, रायपुररानी एरिया में तो रात के समय खेतपुराली, आसरेवाली, श्यामटू, कोट, बिल्लाह, खटौली, रिहौड़, बतौड़ एरिया में रात को जमकर माइनिंग हो रही है। यहां रात हो या दिन हो, रोजाना ही जेसीबी आैर पोकलेन से माइनिंग को किया जा रहा है।

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