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महंगी दवाओं की बिक्री रोकने को क्या किया बताएं: हाईकोर्ट हाईकोर्ट में 3 मामलों की सुनवाई : महंगी दवा और हाईवे पर ठेके खोलने पर हरियाणा-पंजाब पर सख्ती

April 03, 2019 06:18 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR APRIL 3

महंगी दवाओं की बिक्री रोकने को क्या किया बताएं: हाईकोर्ट
हाईकोर्ट में 3 मामलों की सुनवाई : महंगी दवा और हाईवे पर ठेके खोलने पर हरियाणा-पंजाब पर सख्ती
निजी अस्पतालों में बिक रही महंगी दवाओं के खिलाफ जनहित याचिका पर मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए ठोस कार्रवाई पर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने कहा कि अस्पतालों में बिक रही महंगी दवाओं की रोकथाम के लिए क्या मानदंड अपनाए गए यह बताएं। खंडपीठ ने मामले पर 24 जुलाई के लिए अगली सुनवाई तय की है।
हिसार निवासी डॉ. संदीप कुमार गुप्ता की याचिका पर कहा कि हरियाणा व पंजाब में निजी अस्पताल बाहर मार्केट से मरीजों को दवाएं नहीं खरीदने देते और अस्पताल में महंगे दामों पर दवाएं बेची जा रही हैं। अस्पतालों के लिए यह बड़ी कमाई का साधन है। निजी अस्पताल बाजार के दामों पर दवाएं बेचें या फिर मरीजों को अस्पताल के बाहर से दवाएं खरीदने की छूट दें। एनपीपीए की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अस्पताल 1700 प्रतिशत तक महंगी दवाएं बेच रहे हैं। एक बार अस्पताल जब रूम रेंट, नर्सिंग चार्जेज और दूसरे सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं तो फिर महंगी दवाएं बेचना बंद किया जाना चाहिए। गुड़गांव के एक निजी अस्पताल का हवाला देते हुए कहा कि 404.32 रुपए का इंजेक्शन 3112.50 रुपए में बेचा जा रहा है।
हाईवे पर ठेके : कहा- क्यों न अवमानना की कार्रवाई की जाए
चंडीगढ़ | नेशनल हाईवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से हाईवे तक पहुंच की अनुमति लिए बिना काम कर रहे शराब ठेकों को लेकर याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों से पूछा कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए। जस्टिस निर्मलजीत कौर ने मामले पर 17 जुलाई के लिए अगली सुनवाई तय की है। स्वयं सेवी संस्था अराइव सेफ की तरफ से दाखिल याचिका में कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद शराब ठेके एनएचएआई से हाईवे तक पहुंच की अनुमति लिए बिना काम कर रहे हैं। इससे सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए एक्सीडेंट का खतरा बढ़ गया है। हाईकोर्ट ने 27 मार्च 2018 को फैसले में कहा था कि एनएचएआई से हाईवे तक पहुंच की अनुमति लिए बिना शराब ठेकों को काम न करने दिया जाए।
आर्म्स डिपो में अवैध निर्माण मामला
केंद्र ने कहा- मुआवजा देने को तैयार, गिराने का खर्च प्रदेश सरकार उठाए
चंडीगढ़ | गुड़गांव स्थित आर्म्स डिपो क्षेत्र में बने अवैध निर्माणों को गिराने का खर्च राज्य सरकार उठाए। केंद्र सरकार की तरफ से मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में कहा कि मुआवजा केंद्र सरकार देने को तैयार है, लेकिन निर्माण गिराने का खर्च राज्य सरकार उठाए। चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने कहा कि इस बारे में चार सप्ताह में मीटिंग कर फैसला लिया जाए और आगे की जरूरी कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने स्टेट्स रिपोर्ट तलब करते हुए मामले पर 17 जुलाई के लिए अगली सुनवाई तय की है। इससे पहले कोर्ट में कहा गया कि सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 2,873 मकान 100 मीटर दायरे में पाए गए हैं, जिन्हें हटाया जाएगा।

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