Monday, June 24, 2019
Follow us on
BREAKING NEWS
हरियाणा के मुख्य सचिव ने 73 विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे ग्रुप डी फिर से रिकमेंड किए चयनित उम्मीदवारों की ड्यूटी पर तरुंत ज्वाइन करवाए विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर आज संसद भवन में कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा की उपस्थिति में औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल उच्चतमन्यायालय ने बम्बई उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ सुनवाई से इंकार कर दिया है जिसमें पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में मराठा छात्रों को 16 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ दायर याचिका नामंजूर कर दी गई थी।मायावती ने तोड़ा सपा के साथ गठबंधन, कहा- आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव बीएसपी अपने बूते लड़ेगी Nirmala Sitharaman, Minister of Finance, has been appointed as India’s Governor on the Board of Governors of the European Bank for Reconstruction and Development (EBRD)ढेसी की विदाई तय, मुख्य सचिव डी एस ढेसी की रिटायरमेंट पर हरियाणा आईएएस एसोसिएशन ने 30 जून को विदाई पार्टी का किया आयोजनराज्यसभा में AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, दिल्ली में हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैंलोकसभा में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई
Haryana

पारिवारिक लड़ाई बढ़ने का तर्क देकर भाजपा का दामन थाम रहे इनेलाे नेता इनेलो का घटता कुनबा : दोफाड़ होने से लगातार पार्टी छोड़ रहे विधायक-पूर्व विधायक

March 23, 2019 06:25 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR MARCH 23



पारिवारिक लड़ाई बढ़ने का तर्क देकर भाजपा का दामन थाम रहे इनेलाे नेता
इनेलो का घटता कुनबा : दोफाड़ होने से लगातार पार्टी छोड़ रहे विधायक-पूर्व विधायक
भास्कर न्यूज | राजधानी हरियाणा
भाजपा और इनेलो के गठबंधन की चर्चा भी खूब हुई, लेकिन भाजपा ही इनेलो में लगातार सेंध लगा रही है। इनेलो के दोफाड़ होने के बाद से पार्टी के विधायक-पूर्व विधायक और बड़े पदाधिकारी लगातार भाजपा में शामिल हो रहे हैं। चुनावी मौसम में इनेलो का कुनबा घट रहा है। अब फिर इनेलो से पूर्व विधायक रणबीर गंगवा पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।
गौरतलब है कि 15 साल पहले सत्ता में रही इनेलो के वर्कर देश में सबसे मजबूत माने जाते रहे हैं, लेकिन गोहाना रैली के बाद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को बाहर करने के बाद वर्कर सोचने पर मजबूर हो गया। दुष्यंत ने अपनी अलग पार्टी बना ली। बसपा से गठबंधन के बाद कुछ उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन वह भी टूट चुकी हैं। ऐसे में वर्कर पार्टी छोड़ रहे हैं। इसकी शुरुआत जींद उपचुनाव से पहले हुई। जींद के पूर्व विधायक डॉ. हरिचंद मिड्‌ढा के बेटे कृष्ण मिड्ढा का इनेलो छोड़ भाजपा का दामन थामना और फिर उपचुनाव में जींद से विधायक बन जाना, दूसरे वर्करों और पूर्व विधायकों के लिए प्रेरणा बन गया। इनेलो के तीन पूर्व विधायकों ने भी कुछ समय पहले पार्टी को छोड़ भाजपा में आस्था जताई। भाजपा में आने वाले पूर्व विधायकों का सबसे बड़ा तर्क इनेलो में पारिवारिक लड़ाई का बढ़ना है। वहीं, वे पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम मनोहर लाल की नीतियों को बड़ी वजह मानते हैं। हालांकि इनेलो नेताओं का कहना है कि इनेलो पहले की तरह मजबूत है। ,
इनेलो से पूर्व विधायक रणबीर गंगवा इनेलो छोड़कर भाजपा में शामिल
इनेलो छोड़ रहे नेता बोले- असहज हो गया था पार्टी में काम करना
पूर्व इनेलो विधायक कैलाश भगत बोले- देशहित में फैसला लिया है। पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होने के अलावा सीएम मनोहर लाल ने नौकरियों में जो पारदर्शिता बरती है, इसका बड़ा संदेश प्रदेश में गया है। इनेलो में वे 15 साल रहे, परिवार की आपसी लड़ाई की वजह से यह दिक्कत हुई है।
पूर्व विधायक राजबीर सिंह बोले-
नलवा विधायक रणबीर गंगवा बोले-
इनेलो में 20 साल रहा। पार्टी और ओपी ने पूरा मान-सम्मान दिया, लेकिन पार्टी के दो फाड़ होने से काम करना असहज हो गया। भाजपा में प्रधानमंत्री की नीतियों में लोगों का विश्वास बढ़ा है, उन्हें भी लगा की भाजपा में जाना चाहिए। हिसार लोकसभा सीट पर कहा कि जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे कार्यकर्ता के रूप में निभाएंगे।
सांसद दुष्यंत चौटाला बोले- इनेलो कभी मजबूत संगठन के लिए मानी जाती थी। इनेलो से जो पूर्व विधायक या अन्य पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, इसके बारे में इनेलो नेता ही बता सकते हैं, लेकिन हमें तो इनेलो ने निकाला है। रही बात पार्टी टूटने की, चट्‌टान भी कभी न कभी गिरती है। द ग्रेट वॉल भी कई जगह से गिरी है।
भारतीय जनता पार्टी की नीतियां अामजन के हित में हैं। इन्हीं से प्रेरणा पाकर उन्होंने भाजपा जॉइन की है। न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहतरीन विकास कार्य कराए हैं। वहीं, सीएम ने हरियाणा को नई पहचान दी है। वे इनेलो में काफी साल रहे। बदलते हालात के कारण फैसला लिया है।
पूर्व विधायक बूटा सिंह बोले-
परिवार की आपसी लड़ाई लगातार बढ़ रही थी, जबकि क्षेत्रीय पार्टी में देशहित इतने नहीं होते, जितने राष्ट्रीय पार्टी में होते हैं। पीएम की पाकिस्तान पर कार्रवाई और सीएम की ईमानदारी के कारण उन्होंने यह निर्णय लिया है। वे इनेलो में 32 साल रहे, लेकिन कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष का तर्क
चुनावी मौसम में लोग आते-जाते हैं: अशोक अरोड़ा
विधायक गंगवा ने इनेलो छोड़कर गलत किया है। पार्टी अौर ओमप्रकाश चौटाला ने उन्हें पूरा मान-सम्मान दिया। उन्हें राज्यसभा का सदस्य तक बनाया। ऐसे में उन्हें पार्टी नहीं छोड़नी चाहिए थी। और भी कई पूर्व विधायक व नेताओं के पार्टी छोड़ने पर कहा कि यह चुनावी मौसम है। इसमें लोग आते-जाते रहे हैं। -अशोक अरोड़ा, प्रदेशाध्यक्ष, इनेलो।

Have something to say? Post your comment
 
More Haryana News
हरियाणा के मुख्य सचिव ने 73 विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे ग्रुप डी फिर से रिकमेंड किए चयनित उम्मीदवारों की ड्यूटी पर तरुंत ज्वाइन करवाए
ढेसी की विदाई तय, मुख्य सचिव डी एस ढेसी की रिटायरमेंट पर हरियाणा आईएएस एसोसिएशन ने 30 जून को विदाई पार्टी का किया आयोजन
NEW CHIEF SECY FOR HARYANA Dry Haryana village wants to approach Rajasthan for merger Karnal awaits CM’s 110 announcements Encroachment continues on Faridabad PLPA land HARYANA-बैंकों में गलत एंट्री, बीमा कंपनियों की लापरवाही से प्रदेश में 3 साल से 5631 किसानों का क्लेम अटका HSSC की जल्दबाजी बन रही 60 हजार से ज्यादा युवाओं की नौकरी में रोड़ा PANCHKULA-प्रशासन की लापरवाही : जहां पेट्रोल पंप खोलने से हो सकता है हादसा, वहीं पर जारी की एनओसी Panchayat gives a month’s time to govt to lay stone of AIIMS in Manethi