Saturday, May 25, 2019
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Haryana

PANCHKULA- आर्किटेक्ट के एस्टीमेट को निगम ने किया नजरअंदाज, ई-टेंडरिंग से बढ़ा दिया रेट शहर में 8 राउंड अबाउट्स को नए डिजाइन से तैयार करने में हुआ था घपला

February 23, 2019 05:32 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR FEB 23
आर्किटेक्ट के एस्टीमेट को निगम ने किया नजरअंदाज, ई-टेंडरिंग से बढ़ा दिया रेट
शहर में 8 राउंड अबाउट्स को नए डिजाइन से तैयार करने में हुआ था घपला
राउंड अबाउट्स डिजाइन करने वाले आर्किटेक्ट को निगम ने भेजा नोटिस- क्यों न फर्म काे ब्लैक लिस्ट किया जाए

शहर में 8 राउंड अबाउट्स को नए डिजाइन से तैयार करने के मामले में हुए घपले की जांच रिपोर्ट आने के बाद पंचकूला नगर निगम की ओर से हायर की गई आर्किटेक्ट फर्म को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। नोटिस में आर्किटेक्ट फर्म की ओर से डीएनआईटी न देने और राउंड अबाउट्स के निर्माण में गड़बड़ी व कमियां पता लगने पर इस बारे में नगर निगम के अफसरों को जानकारी न देने पर एतराज जताया गया है।
आर्किटेक्ट फर्म को कहा गया है कि क्यों न उनकी फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाए। नगर निगम ने राउंड अबाउट्स का आर्किटेक्चरल डिजाइन, एस्टीमेट और डिटेल नोटिस इनवायटिंग टेंडर तैयार करने के लिए आर्किटेक्ट यतिंद्र माथुर को हायर किया था। माथुर ने राउंड अबाउट्स का डिजाइन और एस्टीमेट तैयार कर नगर निगम को दिया था, लेकिन एमसी ने इसके लिए ई टेंडरिंग करते हुए इंजीनियरिंग विंग और ड्राइंग ब्रांच की तरफ से तैयार की गई डीएनआईटी काे अपलोड कर दिया। ई टेंडरिंग के दौरान आर्किटेक्ट की तरफ से सुझाए एस्टीमेट में से कई प्रमुख स्पेसिफिकेशन को नजरअंदाज कर दिया गया। जिससे यह विवाद पैदा हुआ। माथुर ने मेजर संदीप शांखला राउंड अबाउट पर फाउंटेन लगाने के लिए 6.25 लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार किया था, जबकि एमसी स्टाफ ने ई टेंडरिंग में इसे बदलकर 17.50 लाख रुपए कर दिया। इस फाउंटेन का रेट 3 गुणा ज्यादा कर दिया गया। इसी तरह व्हाइट पेबल्स और लाइट्स लगाने के लिए दिए गए एस्टीमेट को भी 10 से 20 गुणा ज्यादा रेट पर अलॉट किया गया।
3 दिन में ही मुरझा गए थे पौधे...
माथुर का कहना है कि उनकी तरफ से दिए गए एस्टीमेट में पौधों के नाम के साथ रेट्स भी दिए गए थे। जिसमें कुछ फुली ग्रीन ट्री भी शामिल थे जोकि 6 से 8 फुट के होने थे। एमसी की तरफ से ऐसे पौधे राउंड अबाउट्स पर लगा दिए जोकि 3-4 दिन में ही मुरझा गए।
सिटी रिपोर्टर | पंचकूला
शहर में 8 राउंड अबाउट्स को नए डिजाइन से तैयार करने के मामले में हुए घपले की जांच रिपोर्ट आने के बाद पंचकूला नगर निगम की ओर से हायर की गई आर्किटेक्ट फर्म को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। नोटिस में आर्किटेक्ट फर्म की ओर से डीएनआईटी न देने और राउंड अबाउट्स के निर्माण में गड़बड़ी व कमियां पता लगने पर इस बारे में नगर निगम के अफसरों को जानकारी न देने पर एतराज जताया गया है।
आर्किटेक्ट फर्म को कहा गया है कि क्यों न उनकी फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाए। नगर निगम ने राउंड अबाउट्स का आर्किटेक्चरल डिजाइन, एस्टीमेट और डिटेल नोटिस इनवायटिंग टेंडर तैयार करने के लिए आर्किटेक्ट यतिंद्र माथुर को हायर किया था। माथुर ने राउंड अबाउट्स का डिजाइन और एस्टीमेट तैयार कर नगर निगम को दिया था, लेकिन एमसी ने इसके लिए ई टेंडरिंग करते हुए इंजीनियरिंग विंग और ड्राइंग ब्रांच की तरफ से तैयार की गई डीएनआईटी काे अपलोड कर दिया। ई टेंडरिंग के दौरान आर्किटेक्ट की तरफ से सुझाए एस्टीमेट में से कई प्रमुख स्पेसिफिकेशन को नजरअंदाज कर दिया गया। जिससे यह विवाद पैदा हुआ। माथुर ने मेजर संदीप शांखला राउंड अबाउट पर फाउंटेन लगाने के लिए 6.25 लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार किया था, जबकि एमसी स्टाफ ने ई टेंडरिंग में इसे बदलकर 17.50 लाख रुपए कर दिया। इस फाउंटेन का रेट 3 गुणा ज्यादा कर दिया गया। इसी तरह व्हाइट पेबल्स और लाइट्स लगाने के लिए दिए गए एस्टीमेट को भी 10 से 20 गुणा ज्यादा रेट पर अलॉट किया गया।
आर्किटेक्ट ने कहा- उन्होंने एस्टीमेट में हर चीज के कम रेट लगाए थे, निगम के अफसरों ने खुद बदल दिए
गलत फंसाया जा रहा...
एमसी में एग्जिक्यूटिव इंजीनियर एलसी चौहान का कहना है कि उन्हें सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर का चार्ज मिलने से पहले डीएनआईटी तैयार हो चुकी थी। उन्हें इस मामले में गलत फंसाया गया है।
ये कहना है आर्किटेक्ट माथुर का...
आर्किटेक्ट माथुर का कहना है कि ई टेंडरिंग और डीएनआईटी में उनके सुझावों को नजरअंदाज किया गया है तो एमसी की तरफ से उन्हें ब्लैक लिस्ट करने का नोटिस देना ठीक नहीं है। उन्होंने एस्टीमेट में हर चीज के कम रेट लगाए थे जोकि मार्केट रेट से मेल खाते थे, लेकिन नगर निगम ने टेंडर में काफी ज्यादा बदलाव कर दिए। उनका कहना है कि इतने ज्यादा रेट पर काम अलॉट करते वक्त उनसे सलाह तक नहीं की गई। हरियाणा शेड्यूल रेट्स के आधार पर कम रेट का एस्टीमेट देने के बावजूद एमसी ने काफी ज्यादा रेट पर टेंडर अलॉट किया।
अभी तक इनपर कार्रवाई हुई
एमई, 1 जेई, हेड ड्राफ्ट्समैन, 3 सुपरवाइजरों को टर्मिनेट किया। एमसी में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जिक्यूटिव इंजीनियर, 2 जेई को अंडर रूल 7 के तहत चार्जशीट किया गया है। एक अन्य जूनियर इंजीनियर, सीनियर एकाउंट्स अफसर और ज्वाॅइंट डायरेक्टर ऑडिट को भी कारण बताओ नोटिस दिया।

 
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