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Haryana

GOHANA-एमसी एक्ट में संशोधन व डीडी पावर छीनने पर पार्षदों के साथ इस्तीफा देंगे नप व नपा अध्यक्ष

January 24, 2019 05:17 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR JAN 24

एमसी एक्ट में संशोधन व डीडी पावर छीनने पर पार्षदों के साथ इस्तीफा देंगे नप व नपा अध्यक्ष
गोहाना में मांगों को लेकर प्रदेशभर से एकजुट हुए नगर परिषद और नगर पालिका अध्यक्ष
मीटिंग में एसोसिएशन का भी किया गठन, रजनी विरमानी को बनाया प्रदेशाध्यक्ष

सरकार म्युनिसिपल एक्ट में संशोधन करने और डीडी पावर नप व नपा अध्यक्ष से छीनकर अधिकारियों को देने की तैयारी कर रही है। इसके विरोध में नगर परिषद और नगर पालिका अध्यक्ष लामबंद हो गए हैं।
गुरुवार को गोहाना में मीटिंग करके अध्यक्षों ने सरकार से एक्ट में संशोधन न किए जाने और नप व नपा को अधिक पावर दिए जाने की मांग है। उन्होंने सरकार को चेतावनी भी दी कि यदि सरकार ने एक्ट में संशोधन किया तो सभी अध्यक्ष पार्षदों सहित सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। जब वे लोगों की समस्या का समाधान कराने के लिए कोई कार्य ही नहीं करा सकेंगे तो फिर डमी अध्यक्ष बने रहने का क्या फायदा? मीटिंग की अध्यक्षता नगर परिषद गोहाना चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने की। विरमानी ने बताया कि नप व नपा अध्यक्ष के पास ही डीडी पावर थी। इसे भी अध्यक्षों से छीनकर अधिकारी व सीनियर अकाउंटेंट व अकाउंटेंट को दी जा रही है। यह पावर जाने के बाद अध्यक्ष कोई भी विकास कार्य नहीं करा सकेगा। प्रत्येक कार्य के लिए अधिकारियों पर निर्भर रहना पड़ेगा। उन्होंने अध्यक्षों से एकजुट होकर अपने अधिकार को बचाने के लिए लड़ाई लड़ने की अपील भी की। नप अध्यक्षों ने मीटिंग में अपनी मांग को लेकर मंत्री और सीएम से मिलने का निर्णय लिया। मीटिंग में चीका, असंध, निसिंग, इंद्री, राजौंद, गन्नौर, खरखौदा, नगलचौधरी, पटौदी, उचाना कलां, कलायत, बवाली खेड़ा सहित 30 नप व नपा अध्यक्ष शामिल हुए।
मीटिंग में नप व नपा अध्यक्षों ने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए एसोसिएशन का गठन किया गया। सर्वसम्मति से नगर परिषद गोहाना की चेयरपर्सन रजनी विरमानी को अध्यक्ष, नप अध्यक्ष चरखी दादरी संजय छपारिया को उपप्रधान, नप चीका की अध्यक्ष अनमदीप शर्मा को सचिव, नपा राजौंद की गुड्डी राणा को महासचिव और नप फतेहाबाद के अध्यक्ष दर्शन नागपाल को कोषाध्यक्ष चुना गया।
कहा-डमी अध्यक्ष बने रहने का क्या फायदा
गोहाना. मीटिंग को संबोधित करती नगर परिषद चेयरपर्सन रजनी विरमानी
नप व नपा अध्यक्षों की 3 मुख्य मांगें
1. डीडी पावर नप व नप अध्यक्ष के पास रहनी चाहिए। नप व नपा अध्यक्ष को अपने स्तर पर कम से कम सरपंचों के बराबर 20 लाख रुपए तक विकास कार्य कराने की अनुमति होनी चाहिए। फिलहाल नप अध्यक्ष 10 लाख और नपा अध्यक्ष पांच लाख रुपए के विकास कार्य करा सकता है।
2. नगर निकाय मुख्यालय व डीसी की तरफ से जो भी कार्यकारी अधिकारी व सचिव के साथ पत्राचार हो, उसकी कॉपी अध्यक्ष को भी जाए। ताकि अध्यक्षों को पता रहें क्या कुछ कार्रवाई चल रही है। अधिकारी सभी पत्रों के बारे में अध्यक्ष के बारे में नहीं बताया जाता है। जिससे उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती।
3. जिला परिषद अध्यक्ष की भांति ही नप व नपा अध्यक्ष को पावर दी जाए। जिससे वे शहर में विकास कार्य अधिक करा सकें। अध्यक्षों के मुताबिक फिलहाल नगर परिषद व नगर पालिका अध्यक्ष को सरपंच से भी कम पावर दी गई

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