Thursday, April 25, 2019
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Haryana

पंचकूला मेंं अवैध माइनिंग हो रही सरेआम, अलकेमिस्ट की जमीन पर चल रहा काम

January 24, 2019 05:00 AM

COURTESY DAINIK BHASKAR JAN 24


पंचकूला मेंं अवैध माइनिंग हो रही सरेआम, अलकेमिस्ट की जमीन पर चल रहा काम
हो रही अवैध माइनिंग को जब गांववालों ने रोका तो माफिया ने दी जान से मारने की धमकियां, लोगों की कम्प्लेंट पर केस दर्ज

पंचकूला में बेशक माइनिंग डिपार्टमेंट की ओर से कई नदियों में लीगल माइनिंग की परमिशन दे दी गई है। लेकिन इसी लीगल माइनिंग की आड़ में इल्लीगल माइनिंग रूकने का नाम नहीं ले रही है, इस कारण एक ओर जहां हरियाणा सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर पर्यावरण पर असर पड़ने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मेंं इल्लीगल माइनिंग माफिया का दबदबा इस कदर बढ़ गया है, कि वो सरेआम यह अवैध काम कर रहे हैं।
वहीं, जब आसपास के लोगों ने माफिया के लोगों को रोका तो उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। ऐसा ही एक बड़ा मामला यहां एनएच-7 के साथ लगते आसरे वाली गांव में सामने आया है। इसके बाद अब कुछ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। असल में माइनिंग डिपार्टमेंट की ओर कई टीमों को फील्ड में ड्यूटी करने के लिए लगाया गया है, लेकिन इसके बाद भी डिपार्टमेंट की टीम इसे रोकने में नाकाम साबित हो रही है। आसरे वाली एरिया, शामटू एरिया भी इल्लीगल माइनिंग का गढ़ बन चुका है।
: नदी के एरिया से लगातार उठाई जा रही ग्रेवल...
मीरपुर गांव के रहने वाले रामकुमार ने डिपार्टमेंट को दी शिकायत में बताया कि यहां अलकेमिस्ट कंपनी की जमीन नदी के एरिया के साथ लगती है। पहले तो इस जमीन से माइनिंग की जाती रही है, वहीं अब उसके साथ के एरिया में भी माइनिंग की जा रही है। ये सरकारी नदी का एरिया है। यहां इल्लीगल माइनिंग माफिया चलाने वालों मेंं नजीर अली, आसरे वाली का रहने वाला नैब सिंह, बिल्लाह गांव का बक्शीश, अब्बू राम, और आसरे वाली का ही रहने वाला नाथाराम भी शामिल है।
: जेसीबी लगाकर टिपरों से ले जाई जा रही ग्रेवल...पंचकूला-यमुनानगर हाईवे के साथ लगते गांव आसरे वाली में अलकेमिस्ट कंपनी की जमीन लगती है। जिसे अभी खाली छोड़ा गया है। इस जमीन पर पिछले कुछ दिनों से इल्लीगल माइनिंग की जा रही है। यहां पर जेसीबी, पोकलेन को लगाया जाता है। उसके बाद दर्जनों की संख्या में टिप्परों से ग्रेवल माइनिंग की जाती है। जिसके कारण गांव की सड़कों को तोड़ दिया गया है, जबकि आसपास के एरिया में खेती करने वालों को परेशान किया जाता है। यहां पर माइनिंग को लेकर मीरपुर गांव के रहने वाले राम कुमार ने माइनिंग डिपार्टमेंट में इस बारे में शिकायत दी, तो उसके बाद ये एक्शन लिया गया है।
: शिकायत पर हुई रेड तो सामने आई सच्चाई... शिकायत के बाद जब यहां दिन के समय ही रेड की गई, तो इस जमीन के पास ही माइनिंग को किया जा रहा था। जिसके चलते यहां एचआर 58बी-9935,एचआर 37बी-8504, एचआर 68बी-2133, एचआर 68बी-2271 से माइनिंग की जा रही थी। जिसके बाद मौके पर पुलिस को बुलाया गया और गाड़ियों को जब्त किया गया है। वहीं अभी तक की जांच में नायब, नजीर की सबसे ज्यादा भूमिका सामने आई है, क्योंकि ये लोग यहां पहले भी माइनिंग को करते हैं। जिसके बारे मे पहले भी कई बार शिकायतें मिली हैं। जिसके चलते माइनिंग डिपार्टमेंट की ओर से पुलिस मेंं इस बारे में शिकायत दी गई है। जिसके बाद इन लोगों के खिलाफ माइनिंग एक्ट और चोरी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस एरिया में माइनिंग माफिया सेटिंग से काम रहा है। जिसके चलते यहां इन लोगों की पकड़ भी कम है।
: इनके खिलाफ केस दर्ज...अब यहां सेक्टर 23 स्थित चंडीमंदिर थाने में नजीर अली, आसरे वाली का रहने वाला नैब सिंह, बिल्लाह गांव का बक्शीश , अब्बू राम, और आसरे वाली का ही रहने वाले नाथाराम के खिलाफ माइनिंग एक्ट 21, 4 और चोरी का मामला दर्ज किया गया है।
: बरवाला में भी अवैध माइनिंग का केस दर्ज...
वहीं, दूसरी अोर यहां बरवाला एरिया मेंं ही एक बड़ा माइनिंग का मामला दो दिन पहले ही सामने आया है। जिसमें हाईवे के साथ लगते आसरेवाली, जसवंतगढ़ और बिल्लाह एरिया में ये इल्लीगल माइनिंग मिली है, जिसके बाद चंडीमंदिर पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।
: सर्वे रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा...
: माइनिंग डिपार्टमेंट की सर्वे रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि यहां जसवंतगढ़, बिल्लाह की बैक साईड, आसरेवाली एरिया के साथ के एरिया में माइनिंग की गई है। जिसमें यहां 11 बड़ी-बड़ी खदानें मिली हैं।
: सर्वे के बाद इन सभी गड्ढों की पैमाइश करवाई गई है। जिसमें सामने आया कि यहां 200 फुट लंबाई 75 फुट चौड़ाई और 5 फुट गहराई की खदान मिली है। इसके अलावा 200 फुट लंबाई 75फुट चौड़ाई और 5 फुट गहराई, 200 फुट लंबाई 100 फुट चौड़ाई 5 फुट गहराई , 300 फुट लंबाई 100 फुट चौड़ाई 7 फुट गहराई, 200 फुट लंबाई 100 फुट चौड़ाई 10 फुट गहराई, 350 फुट लंबाई 50 फुट चौड़ाई 8फुट गहराई, 100 फुट लंबाई 50 फुट चौड़ाई 10 फुट गहराई की खदानें मिली हैं

 
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