Tuesday, March 26, 2019
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Haryana

'गर्भवती महिलाओं की परफॉर्मेंस पर एम्प्लॉयर को रखनी चाहिए सहानुभूति'

December 13, 2018 06:21 AM

COURTESY NBT DEC 13

'गर्भवती महिलाओं की परफॉर्मेंस पर एम्प्लॉयर को रखनी चाहिए सहानुभूति'
• सीजेरियन डिलिवरी की वजह से वह दस्तावेजों की जांच के लिए देरी से पहुंची थी महिला• दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि उसे गेस्ट टीचर्स के पैनल में शामिल करे
Prachi.Yadav@timesgroup.com

• नई दिल्ली : 'महिलाएं जो समाज की आधी आबादी हैं, उन्हें उन जगहों पर वाजिब तवज्जो और सम्मान मिलना ही चाहिए, जहां वे अपनी जीविका के लिए काम करती हैं। एक महिला के जीवन में उसका मां बनना प्राकृतिक है। सर्विस करने वाली महिलाओं के गर्भवती होने पर बच्चे के जन्म के लिए जरूरी हर चीज उपलब्ध कराने के बारे में एक इम्पलॉयर को सोचना चाहिए। उन्हें ऐसी महिलाओं के परफॉर्मेंस को लेकर सहानुभूति रखनी चाहिए, जो पेट में गर्भ लेकर अपने काम पर निकलती हैं।' एक कामकाजी महिला के प्रति यह विचार हाई कोर्ट के हैं, जिसने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह उस महिला को अपने मौजूदा गेस्ट टीचर के पैनल में शामिल करे, जिसे देरी से आने की वजह से योग्य होने के बावजूद पैनल से हटा दिया गया। इस महिला का कहना था कि सीजेरियन डिलिवरी की वजह से वह दस्तावेजों की जांच के लिए देरी से पहुंची थी।

जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि वह योगिता चौहान नाम की इस महिला को अपने मौजूदा अकैडेमिक सेशन के लिए गेस्ट टीचर्स के पैनल में शामिल करे। महिला की मेडिकल फिटनेस के आधार पर अपनी जरूरत के हिसाब से उसकी सेवाओं का लाभ ले। सरकार को इस संबंध में दो हफ्तों के भीतर आदेश जारी करने के लिए कहा गया है। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने पाया कि 26 जुलाई 2017 में जारी पब्लिक नोटिस के आधार पर तैयार गेस्ट टीचर का पैनल अभी बरकरार है। लेकिन एलिजिबल होने के बावजूद इस महिला के नाम को उसमें शामिल नहीं किया गया। इस पर भी गौर किया कि गेस्ट टीचर्स से सरकारी कोष पर बोझ भी नहीं बढ़ता।

अवमानना याचिका दायर की थी

चौहान ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कोर्ट मांग की थी कि वह शिक्षा विभाग के 24 अप्रैल के आदेश को निरस्त करके जॉइनिंग लेटर जारी करने का निर्देश दे। महिला का दावा था कि मौजूद सत्र के लिए उसका सिलेक्शन हो गया था। लेकिन इसी बीच उसने सीजेरियन प्रक्रिया के तहत एक बच्चे को जन्म दिया, जिस वजह से वह दस्तावेजों की जांच के जिए तय तारीख की बजाए कुछ देरी से पहुंची। लेकिन इस आधार पर उसके सिलेक्शन को रिजेक्ट कर दिया गया, जबकि मौजूदा पैनल में गेस्ट टीचर्स के लिए अभी 11 वैकेंसी हैं।

 
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