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Uttar Pradesh

संवैधानिक दायरे में राम मंदिर के निर्माण की घोषणा राम मंदिर यहां था, है और यहीं रहेगा: योगी

November 08, 2018 06:00 AM

COURTESY NBT NOV 8

 

आस्था से जुड़े प्रश्न पर भगवान राम की भव्य प्रतिमा बनवाने का आश्वासन देते हुए सीएम ने कहा, ‘श्रीराम की एक दर्शनीय मूर्ति स्थापित हो, भूमि के अनुसार उसके बारे में चर्चा करेंगे। पूजनीय मूर्ति मंदिर में होगी, लेकिन एक दर्शनीय मूर्ति भी होगी जो यहां की पहचान बन सके।’ उन्होंने कहा, ‘हम वे सारी व्यवस्थाएं करेंगे, जिससे आस्था का सम्मान भी हो और अयोध्या की पहचान बन सके।’
‘दीपोत्सव स्थाई कार्यक्रम बनेगा’

योगी ने कहा कि दो साल से दीपोत्सव को विदेशी मेहमानों के साथ मनाने मे नए आयाम बने हैं। इससे हम सभी अभिभूत हैं। साथ ही, मथुरा की होली और प्रयागराज के कुंभ का भी सरकार प्रांतीकरण करने जा रही है। इससे ये तीनों कार्यक्रम स्थाई कार्यक्रम का दर्जा हासिल कर लेंगे।
‘अयोध्या होगी बेहतरीन नगरी’

योगी ने रामजन्मभूमि में रामलला और हनुमान गढ़ी समेत प्रमुख मंदिरों में दर्शन करने के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने अयोध्या के विकास के लिए भाजपा सरकार की ओर से चलाई गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में अयोध्या को एक बेहतरीन नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने कहा, ‘अयोध्या सात पवित्र नगरों में से एक है और दीपोत्सव से पूरे विश्व में इसकी संस्कृति देखी गई।’


‘संवैधानिक दायरे में समाधान’

बुधवार को सीएम योगी ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में अयोध्या बेहतरीन नगरी के रूप में विकसित की जाएगी। उन्होंने संतों से मुलाकात के बाद कहा, ‘अयोध्या में रामलला का दर्शन करने ही लोग आते हैं। मंदिर यहीं रहेगा। मंदिर को केवल भव्य स्वरूप देने की मांग है और इस दिशा में सरकार सकारात्मक प्रयास कर रही है। भारत के संवैधानिक दायरे में रहकर समाधान होगा।’• विसं/एजेंसियां, अयोध्या

 

राम मंदिर पर कानूनी अड़चनों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में भगवान राम की एक विशाल मूर्ति बनाने का ऐलान किया। हालांकि 151 मीटर ऊंची राम की प्रतिमा स्थापित करने की खबरें पहले से ही आ रही थीं, लेकिन बुधवार को योगी ने इसकी पुष्टि कर दी। सरयू नदी के पास राम की प्रतिमा के लिए जगह अभी फाइनल नहीं की गई है। राम मंदिर पर उन्होंने इतना जरूर कहा कि इसका समाधान जल्द निकलेगा। योगी ने कहा कि राम मंदिर यहां था और यहीं रहेगा। संतों द्वारा मंदिर को लेकर दबाव बनाए जाने के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संत उनके साथ हैं।

योगी ने मणिराम छावनी सुग्रीव, किला और दिगंबर अखाड़े में जगद्‌गुरू पुरुषोत्माचार्य, महंत नृत्यगोपाल दास और महंत सुरेश के साथ उपस्थित कई संतों से मुलाकात कर अयोध्या को लेकर चर्चा की। डॉ. राम विलास वेदांती की ओर इशारा करते हुए उन्होने कहा कि सबसे तेज बोलने वाले संत मेरे बगल में बैठे हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दीपोत्सव के भव्य आयोजन और सरयू तट पर तीन लाख से ज्यादा दीप जलाकर विश्व रेकॉर्ड स्थापित करने के बाद अयोध्या को विकास की भेंट दी थी और बुधवार को उन्होंने मंदिर मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई संशय नहीं है कि वहां मंदिर था, है और रहेगा। भव्य मंदिर निर्माण के लिए जल्द ही निर्णय आएगा और संवैधानिक दायरे में रहकर राम मंदिर निर्माण होगा।’ सीएम ने मंगलवार को फैजाबाद का नाम अयोध्या करने के साथ ही एयरपोर्ट और मेडिकल कॉलेज बनवाने का ऐलान भी किया।• सुप्रीम कोर्ट में है अयोध्या विवाद, जनवरी में होनी है अगली सुनवाई• इस बीच सीएम योगी ने सरयू किनारे राम की मूर्ति बनाने का किया ऐलान• संतों की तरफ से मंदिर का दबाव, सीएम ने कहा- संत समुदाय हमारे साथ


संवैधानिक दायरे में राम मंदिर के निर्माण की घोषणा
राम मंदिर यहां था, है और यहीं रहेगा: योगी

 

 

 
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