Tuesday, November 20, 2018
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Haryana

INLD न मेरे बाप की बपौती, न किसी और की बनने देंगे : अजय चौटाला

November 06, 2018 06:19 AM

COURTESY NBT NOV 6

तिहाड़ से परोल पर आए पार्टी के प्रधान महासचिव ने दिल्ली में कहा- पार्टी किसकी, 17 नवंबर को रैली में होगा तय
INLD न मेरे बाप की बपौती, न किसी और की बनने देंगे : अजय चौटाला

 

अजय चौटाला को तिहाड़ जेल से अपने साथ लेकर जनपथ आए सांसद दुष्यंत चौटाला।
अजय चौटाला के दिल्ली आवास पर उमड़ी 23 हजार कार्यकर्ताओं की भीड़
अगली सरकार आईएनएलडी-बसपा गठबंधन की होगी : अभय चौटाला
आईएनएलडी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश में आने वाली सरकार आईएनएलडी-बसपा गठबंधन की होगी। अभय चौटाला ने पार्टी को लेकर परिवार में चल रहे प्रकरण पर सोमवार को भी अपने भतीजे सांसद दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला पर निशाना साधने का सिलसिला जारी रखा। अभय चौटाला ने हिसार में देवीलाल सदन में आईएनएलडी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा कि आईएनएलडी में रहते हुए हमारे ही परिवार के कुछ लोगों ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते पार्टी के अनुशासन और मर्यादा को ही तोड़ डाला था। सीएम-सीएम के नारों से इन लोगों को गलतफहमी हो गई थी कि वे लोग पार्टी से भी ज्यादा ऊपर हो गए हैं। अभय चौटाला ने अपने भाषण में दुष्यंत और दिग्विजय का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका सीधा-सीधा कटाक्ष इन दोनों पर ही रहा। उन्होंने कहा कि नारों से ये ना समझें की जनता उनके साथ है। जो भीड़ आती रही है वह आईएनएलडी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ रही है न कि किसी की व्यक्तिगत भीड़।
'अब झुकने का सवाल नहीं, युद्ध होगा'
आईएनएलडी के महासचिव अजय चौटाला ने तीखे तेवर अपनाते हुए ऐलान कर दिया है कि वे सांसद दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला के आईएनएलडी से निष्कासन के खिलाफ पूरी लड़ाई लड़ेंगे। अजय चौटाला तिहाड़ से बाहर आते ही सीधे देवीलाल की समाधि पर पहुंचे और वहां से कार्यकर्ताओं के बीच जनपथ पहुंचे। अजय ने कहा कि मांगने से कुछ नहीं मिलता, छीनना पड़ता है। अब युद्ध होगा और आईएनएलडी किसी की बपौती नहीं है। अब कोई झुकने का सवाल नहीं है। वहीं चौधरी ओमप्रकाश चौटाला कहते थे कि अब हम भी अपना हक छीन कर लेंगे। अजय चौटाला ने अभय का नाम लिए बगैर कहा कि जो करेगा वो भुगतेगा। जो इस तरह की सोच रखते हैं वे खुद भुगतेंगे। उनके लिए न आपने मुर्दाबाद बोलना है, न कोई और बात करनी है। हम जिंदाबाद हैं। न तो चौधरी देवीलाल ने कभी धक्का चलने दिया, न उनके सिपाहियों ने कभी चलने दिया और न हम चलने देंगे।•देवेंद्र उप्पल, हिसार

 

आईएनएलडी पार्टी किसी की बपौती नहीं है। यहां तक कि मेरे बाप की भी नहीं है न किसी के बाप की, पार्टी कार्यकर्ताओं की है, इसे किसी की बपौती नहीं बनने देंगे। यह पार्टी आम कार्यकर्ताओं की है। आईएनएलडी कार्यकर्ताओं को कांग्रेसी बताने वालों को कांग्रेस मुबारक। आईएनएलडी तो हमारी है और आईएनएलडी कार्यकर्ता मेरे हीरे जवाहरात हैं। यह बात आईएनएलडी के प्रधान महासचिव डॉ. अजय सिंह चौटाला ने सोमवार को उनके जनपथ के आवास पर कही। उन्होंने बताया कि 14 दिन की परोल के दौरान वे सभी कार्यकर्ताओं के बीच जाएंगे। वे झज्जर, दादरी, भिवानी, हांसी और हिसार होते हुए सिरसा पहुंचेंगे। इन सभी जगहों कार्यकर्ताओं से मुलाकात होगी। उन्होंने कहा कि असली आईएनएलडी कौन है और यह किसकी है, यह जींद में 17 नवंबर को होने वाली रैली में तय हो जाएगा।

डॉ. अजय चौटाला ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो कुछ लोग ताऊ देवीलाल की नीतियों पर चलने वालों को कांग्रेसी बता रहे हैं, कांग्रेस तो उन लोगों को मुबारक हो और जो जहां खड़ा वहीं आईएनएलडी पार्टी है। आईएनएलडी उन लोगों की पार्टी है जिन्होंने अपने खून-पसीने से सिंचने का काम किया है। उन्होंने कहा कि न तो हम सत्ता के लाभी हैं और न ही स्वार्थी। जनशक्ति सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में खून की नदियां बहाने की जरूरत नहीं होती। अजय चौटाला ने कहा कि आईएनएलडी की छात्र इकाई (इनसो) को कोई भंग नहीं कर सकता। इनसो मैंने बनाई थी और मैं इसका संस्थापक हूं। सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पार्टी से निष्कासन का आदेश स्वीकार है। ओमप्रकाश चौटाला का हर फैसला स्वीकार है।

सोमवार को कार्यकर्ता अजय सिंह चौटाला से मिलने के लिए नई दिल्ली स्थित उनके आवास 18 जनपथ पर सुबह 7 बजे ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचना शुरू हो गए थे। 23 हजार से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके वाहनों का संभालना दिल्ली पुलिस के लिए मुश्किल हो गया। अजय चौटाला, दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला की एक झलक पाने और उनकी बात सुनने के लिए हजारों कार्यकर्ता 18 जनपथ के आसपास की सांसदों की कोठियों की छतों पर चढ़ गए। कार्यकर्ताओं की भारी तादात और वाहनों की बड़ी संख्या में पार्किंग की वजह से ली-मेरिडियन, इंडिया गेट और संसद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर लंबे जाम की स्थिति पैदा हो गई

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