Thursday, January 24, 2019
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Haryana

चार वर्षो में हरियाणा ने विश्व स्तर पर स्पोर्टस हब के रूप में बनाई अपनी पहचान-अनिल विज

November 01, 2018 12:36 PM
खेल, युवा कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि वर्तमान हरियाणा सरकार के 4 वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश ने विकास में नए आयाम स्थापित करने के साथ-साथ विश्व स्तर पर खेल हब के रूप में अपनी पहचान बनाई हैं। उन्होनें कहा कि ऑलम्पिक खेलों से सभी अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाडिय़ों ने देश में सर्वाधिक पदक हासिल किए हैं। 
श्री विज ने कहा कि 18 वें एशियन खेलों में देश के कुल पदकों में से 25 प्रतिशत पदक केवल हरियाणा के खिलाडिय़ों ने हासिल किए हैं। आबादी के अनुपात में देश का छोटा राज्य होने के बावजूद सर्वाधिक पदक हासिल करने के क्षेत्र में हरियाणा देश का एक मात्र राज्य हैं। उन्होनें कहा कि इन खेलोंं में हरियाणा के खिलाडिय़ों ने 5 स्वर्ण, 5 रजत और 7 कास्ंय पदकों सहित कुल 17 पदक हासिल किए हैं। उन्होने कहा कि खेलों में बढावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा खेल नीति बनाई गई हैं और इस नई खेल नीति के परिणाम स्वरूप प्रदेश के खिलाडिय़ों को अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की तैयारियों के लिए पहले की तुलना में कई गुणा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं।
खेल मंत्री ने कहा कि गोल्ड कोस्ट ऑस्टे्रलिया में हुए 21 वें राष्ट्रमण्डल खेलों में भी प्रदेश के खिलाडिय़ों ने 22 पदक जीते हैं। इन पदकों में 9 स्वर्ण, 6 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं। उन्होनें कहा कि देश के खिलाडिय़ों द्वारा इस प्रतियोगिता में जीते गए कुल पदकों में से 33 प्रतिशत पदक अकेले हरियाणा राज्य के खिलाडिय़ों ने जीत कर एक नई मिसाल कायम की हैं। उन्होने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य हैं जहां ऑलम्पिक पदक विजेता खिलाडिय़ों को सर्वाधिक 6 करोड़ रूपए तक का नकद पुरस्कार दिया जाता हैं। इसी प्रकार एशियन खेलों के पदक विजेता खिलाडिय़ों को सर्वाधिक 3 करोड़ रूपए तथा कॉम्नवैल्थ खेलों के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को 1 करोड़ 50 लाख रूपए का नकद पुरस्कार देने का प्रावधान किया गया हैं।
उन्होनें कहा कि नगद पुरस्कारों के साथ-साथ खिलाडिय़ों को नौकरियों में उनके प्रदर्शन के आधार पर आरक्षण दिया जा रहा हैें। उन्होनें बताया कि श्रेणी एक, दो व तीन में खिलाडिय़ों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया हैं तथा श्रेणी 4 के पदों की भर्ती में खिलाडिय़ों के लिए 10 प्रतिशत के आरक्षण की व्यवस्था की गई हैं। इसके अलावा 437 गांवों में व्यायामशालाएं स्थापित की गई हैं। छोटी आयु में खिलाडिय़ों को प्रशिक्षित करने के लिए 343 खेल नर्सरियां भी स्थापित की गई हैं। उन्होनें कहा कि अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता 8363 खिलाडिय़ों को 243 करोड़ रूपए की ईनाम राशि दी जा चुकी हैं। 
 
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