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चीन के चार ब्रांड्स ने FY18 में भारत में बेचे 50,000 करोड़ रुपये के स्मार्टफोन

October 29, 2018 06:40 AM

COURTESY NBT OCT 29

चीन के चार ब्रांड्स ने FY18 में भारत में
बेचे 50,000 करोड़ रुपये के स्मार्टफोन


इन चारों स्मार्टफोन कंपनियों की संयुक्त बिक्री FY17 की "26,262.36 करोड़ की तुलना में लगभग दोगुना होकर FY18 में "51,722.12 करोड़ हो गई

शाओमी ने 6,000-13,000 रुपये और ओप्पो और वीवो ने 10,000-22,000 रुपये वाली रेंज में दबदबा बनाया है
शाओमी, ओप्पो, वीवो और ऑनर ने इंडियन स्मार्टफोन मार्केट की कुल बिक्री के आधे से अधिक हिस्से पर कब्जा किया


[ ऋ तंकर मुखर्जी | कोलकाता ]

भा रत में कंज्यूमर्स ने FY18 में चीन के सिर्फ चार ब्रांड्स के स्मार्टफोन की खरीद पर करीब 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम खर्च की। यह रकम पिछले साल की तुलना में दोगुनी है। एनालिस्ट्स और इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स का कहना है कि इंडियन स्मार्टफोन मार्केट में चीन के ब्रांड्स के दबदबे का यह सिलसिला जारी रह सकता है।

शाओमी, ओप्पो, वीवो और ऑनर ने लेनोवो-मोटोरोला, वनप्लस और इनफिनिक्स जैसे दूसरे चाइनीज ब्रांड्स के साथ मिलकर इंडियन स्मार्टफोन मार्केट की कुल बिक्री के आधे से अधिक हिस्से पर कब्जा कर लिया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि अभी तक के उपलब्ध डेटा के अनुसार, इस साल भी चाइनीज ब्रांड्स की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। दो एनालिस्ट्स ने कहा कि चाइनीज ब्रांड्स साउथ कोरिया, जापान और भारत की कंपनियों की अपेक्षा कम कीमत पर हाई स्पेशिफिकेशन मॉडल्स लॉन्च करते हैं और खुद को भारतीय कंज्यूमर्स की नजर में ग्लोबल ब्रांड्स के रूप में स्थापित किया है।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा कि चीन के टॉप ब्रांड्स की शेनझेन हार्डवेयर और R&D हब के साथ सप्लाई चेन इकोसिस्टम तक आसान पहुंच है। उन्होंने कहा, 'इससे उन्हें नए काम करने और ट्रेंड में टॉप पर बने रहने में मदद मिलती है।' मेक इन इंडिया पॉलिसी के तहत शाओमी, ओप्पो, लेनोवो-मोटोरोला, हुआवे और वीवो ने लोकल मैन्युफैक्चरिंग में इनवेस्ट किया और जॉब क्रिएट कीं, जिससे भारत को लाभ मिला। शाओमी ने अप्रैल में स्मार्टफोन के कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग के लिए 15,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना का ऐलान किया था। ओप्पो उत्तर प्रदेश में दो नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज लगा रही है। वीवो ने अपने प्लांट में 5,000 से ज्यादा लोगों को नौकरी दी है।

एक बड़ी सेलफोन रिटेल चेन के मुखिया ने कहा कि चाइनीज ब्रांड्स ने खुद को मुख्य प्राइस सेगमेंट्स में स्थापित किया है, मसलन शाओमी ने 6,000-13,000 रुपये और ओप्पो और वीवो ने 10,000-22,000 रुपये वाली रेंज में खुद को स्थापित किया है। ऑनर 8,000-12,000 रुपये के सेगमेंट में हिस्सेदारी बढ़ा रही है। उन्होंने कहा, 'ये प्राइस सेगमेंट ओवरऑल मार्केट के 80 पर्सेंट से ज्यादा हैं, जहां भारतीय ब्रांड्स मुकाबले में नहीं हैं। सैमसंग अकेला गैर-चीनी ब्रांड है, जो इनसे मुकाबला कर रहा है।'

FY18 के लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) को दी गई सूचना के अनुसार, ऑपरेशंस से शाओमी टेक्नोलॉजी इंडिया का रेवेन्यू 22,947.27 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल 8334.40 करोड़ रुपये था। ओप्पो मोबाइल्स इंडिया का रेवेन्यू 11,994.3 करोड़ रहा, जो पिछले साल 8,050.81 करोड़ रहा। वीवो मोबाइल इंडिया का रेवेन्यू 11,179.3 करोड़ और हुआवे टेलीकम्युनिकेशंस इंडिया का मोबाइल बिजनेस रेवेन्यू 5,601.25 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इनका रेवेन्यू क्रमश: 6,292.96 और 3,584.19 करोड़ रुपये था। चीनी की इन चारों स्मार्टफोन कंपनियों की संयुक्त बिक्री FY17 की 26,262.36 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग दोगुना होकर FY18 में 51,722.12 करोड़ रुपये हो गई। इनकी बिक्री अभी तेज है। शाओमी और हुआवे भारतीय बाजार में लाभ में रही हैं, जबकि ओप्पो और वीवो अभी इस स्थिति में आने की कोशिश कर रही हैं।

 

 
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