Thursday, January 24, 2019
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Haryana

एडवोकेट हेमंत ने राष्ट्रपति सचिवालय में आर.टी.आई. दायर कर हाईकोर्ट के चार अतिरिक्त जजों की नियुक्ति बारे जानकारी मांगी

October 28, 2018 03:13 PM

चंडीगढ़- गत दिवस 27 अक्टूबर, 2018को भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधीन आने वाले न्याय विभाग ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के लिए चार अतिरिक्त जजों की नियुक्ति अधिसूचना जारी की जिसमे यह वर्णित है कि भारत के राष्ट्रपति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 224(1)  के तहत श्रीमती मंजरी नेहरु कौल, श्री हरसिमरन सिंह सेठी, अरुण मोंगा एवं मनोज बजाज को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दो वर्षो के लिए अतिरिक्त जज इसी वरिष्ठता क्रमांक में नियुक्त करते हैं. इस अधिसूचना का अध्ययन करने  के पश्चात हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने आज भारत के राष्ट्रपति सचिवालय में एक आर.टी.आई. याचिका दायर की है जिसमे उन्होंने सर्वप्रथम उक्त नियुक्त हुए चारो अतिरिक्त जजों के सम्बन्ध में  राष्ट्रपति महोदय द्वारा हस्ताक्षरित वारंट ऑफ़ अपॉइंटमेंट (नियुक्ति आदेशो) की प्रतिलिपियों  की मांग की है. इसके अलावा एडवोकेट हेमंत ने दिनांक 26 अक्टूबर 2018 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में परमानेंट (स्थाई जजों) के खाली पड़े पदों की संख्या बारे में सूचना मांगी है. लिखने योग्य है की 1जुलाई 2014 को हाई कोर्ट के जजों की कुल संख्या बढाकर 85 कर दी गयी थी जिसमे से 64 स्थायी एवं 21 अतिरिक्त जज होंगे. आज की तारिख में हाई कोर्ट में38 स्थायी जज एवं 9 अतिरिक्त जज हैं.  इसके साथ ही  हेमन्त ने जानकारी मांगी है की जब 26 अक्टूबर 2018 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में स्थायी जजों के खाली पद पड़े थे, तो उक्त नियुक्त किये जा रहे  चार  जजों की पहले तत्कालीन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा अतिरिक्त जजों के तौर पर अनुसंशा और फिर अतिरिक्त जज के तौर पर ही  नियुक्ति क्यों की गयी है जबकि केंद्र सरकार हाई कोर्ट के जजों एवं चीफ जस्टिस के नियुक्ति एवं स्थानान्तरण बाबत बनाये गये मेमोरेंडम ऑफ़ प्रोसीजर के क्लॉज़ 22 के अनुसार अगर किसी हाई कोर्ट में स्थायी जजों के पद खाली पड़े हैं, तो हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा जजों की नियुक्ति बारे अनुसंशा स्थायी जज बनाये जाने के बारे में की जायेगी न कि अतिरिक्त जज बनाये जाने के बारे में. एडवोकेट हेमंत ने इस बाबत सम्पूर्ण जानकारी की मांग की है. 

 
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