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Chandigarh

जीएमसीएच ने युवा फैकेल्टी के लिए रिसर्च सेल स्थापित किया

October 15, 2018 10:32 PM

 

गर्वनमेंट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल, सेक्टर -32, चंडीगढ़ ने आज यहां अपना पहला वार्षिक अनुसंधान दिवस मनाया।

यह दिन इसलिए चुना गया है क्योंकि इसी दिन भारत के दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति और देश के बेहतरीन अनुसंधानकर्ता वैज्ञानिक श्री ए.पी.जे.अब्दुल कलाम का जन्मदिन भी है। अब से हर साल जीएमसीएच में इस दिन को वार्षिक अनुसंधान दिवस के तौर पर मनाया जाएगा।

अरुण कुमार गुप्ता, गृह सचिव एवं प्रधान सचिव, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे।

स्वागत भाषण के दौरान, डायरेक्टर प्रिंसिपल, प्रोफेसर बी.एस.चवन ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि जनवरी 2018 से, जीएमसीएच ने युवा फैकेल्टी और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स की सहायता के लिए रिसर्च सेल की स्थापना सहित अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए कई नए कार्यक्रमों की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि जीएमसीएच में मल्टी-डिस्पलनरी रिसर्च यूनिट ( एमडीआरयू) की भी स्थापना की गई है जो कि जीएमसीएच जनरल की मौजूदगी में सुधार करेगा और फैकेल्टी और स्टूडेंट्स की अनुसंधान योगदान को मान्यता प्रदान करेगा।

डॉ.चवन ने आगे कहा कि अखिल भारतीय रैंकिंग के माध्यम से राष्ट्रीय मान्यता में सुधार के अलावा, अनुसंधान संकाय विकास और पदोन्नति के लिए अनुसंधान आवश्यक है। भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) ने सहायक प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर तक पदोन्नति के लिए अनुक्रमित पत्रिकाओं में कम से कम दो मूल शोध प्रकाशनों को अनिवार्य है। इसके अलावा, एमसीआई ने सभी पीजी स्टूडेंट्स के लिए अंतिम परीक्षा में भाग लेने के योग्य होने के लिए कम से कम एक पेपर प्रस्तुति और एक प्रकाशन के लिए अनिवार्य कर दिया है।

वार्षिक अनुसंधान दिवस के अवसर पर, डॉ.चवन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में, जीएमसीएच फैकेल्टी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में 503 शोध लेख प्रकाशित किए हैं, 55 पुस्तक अध्यायों का योगदान दिया है, 50 वित्त पोषित और 41 गैर वित्त पोषित शोध परियोजनाएं पूरी की हैं और 41 फैलोशिप और अवॉर्ड प्राप्त किए हैं। वर्ष 2017 में, जीएमसीएच फैकेल्टी ने विभिन्न अनुदान एजेंसियों से अनुसंधान अनुदान के रूप में 10.8 करोड़ रुपए प्राप्त किए हैं।

डॉ. चवन ने आगे कहा कि वार्षिक अनुसंधान दिवस का जश्न जीएमसीएच, फैकेल्टी के अनुसार और विभाग के अनुसार सभी शोध प्रकाशनों के डेटा बैंक तैयार करने में मदद करेगा। उन्होंने आगे कहा कि चंडीगढ़ में डिसेबिलिटी के लिए साइंटफिक प्रिवेंटिव उपायों के साथ अनुसंधान को प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।

इस मौके पर दो प्रमुख संबोधन भी दिए गए। यूसीएमएस से प्रोफेसर पीयूष गुप्ता, दिल्ली, ने एथिक्स ऑन मेडिकल राइटिंग, पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के प्रोफेसर जोसेफ मैथ्यूज, ने डीलिंग विद मैनुस्क्रिप्ट रिजेक्शन पर एक लेक्चर दिया।

पल्मोनरी दवा विभाग को अनुसंधान योगदान में सर्वश्रेष्ठ विभाग चुना गया। फैकेल्टी में, डॉ. रवि गुप्ता, क्लीनिकल (सर्जीकल) डिपार्टमेंट्स में बेस्ट फैकेल्टी चुने गए। वहीं डॉ. दिनेश वालिया बेसिक और पैरा-क्लिनिकल विभागों से बेस्ट फैकेल्टी चुने गए और डॉ.दीपक चावला क्लीनिकल (मेडिकल) विभागों से बेस्ट फैकेल्टी रहे।

पोस्टग्रेजुएट (एमडी / एमएस) के स्टूडेंट्स ने तीन पोस्टर पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा की और तीन जजों को सर्वश्रेष्ठ तीन पोस्टर चुनने के लिए आमंत्रित किया गया था। हाल ही में, जीएमसीएच के आधिकारिक जर्नल को कॉपरनिकस में अनुक्रमित किया गया है और संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष प्रो सतींदर गोम्बर के नेतृत्व में जर्नल का नया अंक भी प्रस्तुत किया गया, जिसे श्री अरुण कुमार गुप्ता द्वारा जारी किया गया।

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