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Chandigarh

चंडीगढ़:युवा कलाकारों ने 'मेरी पहचान ' कला प्रदर्शनी में दिखायी अपनी प्रतिभा

October 13, 2018 11:04 PM

छाया स्कूल ऑफ आर्ट (सीएसए) द्वारा आयोजित कला प्रदर्शनी 'मेरी पहचान ' का तीसरा संस्करण यहां सेक्टर 10 स्थित गवर्नमेंट आर्ट गैलरी में शुरू हुआ। प्रदर्शनी 14 अक्टूबर तक चलेगी। उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरकृपाल सूरापुरी और विशेष अतिथि थीं श्रीमती रजनी खुराना। मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथि ने युवा कलाकारों को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र प्रदान किये।

 

प्रदर्शनी में ट्राइसिटी के विभिन्न स्कूलों के ऐसे 120 छात्रों द्वारा तैयार की गयी 550 से अधिक पेंटिंग्स प्रदर्शित की गयी हैं, जो छाया स्कूल ऑफ आर्ट में प्रशिक्षण ले चुके हैं। इनमें सबसे छोटा चित्रकार सिर्फ 3 साल का है। स्कूली छात्रों के अलावा, इनमें बड़ी उम्र के व्यक्तियों द्वारा तैयार पेंटिंग भी शामिल हैं। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकारों की उम्र 3 से 30 साल तक है।

 

सीएसए के पीछे कला जगत के पेशेवरों का हाथ है। सीएसए के चेयरमैन श्री कौशिक सिन्हा को पंजाब के पूर्व गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जेएफआर जैकब से सर्वश्रेष्ठ अध्यापक का पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। सीएसए की डायरेक्टर श्रीमती प्रवीण सिन्हा कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से आर्ट में मास्टर्स डिग्री ले चुकी हैं और वे पंजाब यूनिवर्सिटी में भी टॉपर रही हैं। सीएसए के सचिव हैं श्री कुंतल सिन्हा। सीएसए की शुरुआत सिर्फ दो छात्रों से हुई थी, और आज यहां 1000 से अधिक छात्र हैं।

 

'पेंटिंग्स मेें जिन थीम्स को लिया गया है, उनमें प्रकृति, पॉलीबैग पर प्रतिबंध, स्वच्छ भारत, वन्य जीवन, ऊर्जा संरक्षण, स्थिर जीवन, लैंडस्केप, फूलों की बनावट, फलों की संरचना, एब्सट्रेक्ट आर्ट, मोनोक्रोम आदि प्रमुख हैं। चित्रों की रचना में पेंसिल, ऑयल पेस्टल, वाटर कलर, और ऑयल पेंटिंग आदि का प्रयोग किया गया है। प्रदर्शनी का विशाल आकार इसे काफी अद्वितीय बनाता है और इसे ट्राइसिटी की सबसे बड़ी कला प्रदर्शनी कहा जा सकता है, ' सीएसए के चेयरमैन कौशिक सिन्हा ने कहा।

 

सीएसए की डायरेक्टर सुश्री प्रवीण सिन्हा कहती हैं, 'कला एक ऐसी चीज है जो भीतर से आती है। दिक्कत यह है कि आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में, हर किसी को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उचित मंच नहीं मिल पाता है। लेकिन, छाया स्कूल ऑफ आर्ट ने उभरते कलाकारों को अपना हुनर दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करके यह कमी दूर कर दी है।'

 

प्रदर्शनी देखने आये गणमान्य व्यक्तियों में विशेष अतिथि श्रीमती ट्विंकल बेदी, सहायक प्रोफेसर, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, डेंटल सर्जन डॉ. जसनीत मथारू और एसके सिन्हा, एडवोकेट प्रमुख थे। 14 अक्टूबर को मुख्य अतिथि होंगे, श्री रवींद्र कृष्ण, जो ट्राइसिटी के एक प्रसिद्ध वकील हैं। इसी तरह, विशेष अतिथि होंगी श्रीमती अमरप्रीत कौर, एकेडमिक हेड, राउंड ग्लास अकादमी। 14 अक्टूबर को प्रदर्शनी में आने वाले विशेष अतिथियों में प्रमुख हैं- प्रोफेसर कुलभूषण टिकू, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, श्रीमती शुचि ग्रोवर, प्रिंसिपल आशमा इंटरनेशनल स्कूल, मोहाली और श्रीमती देविका बत्ता, संयुक्त सचिव, सहयाता चैरिटेबल वैलफेयर सोसाइटी।

 

प्रदर्शनी के आखिरी दिन, 14 अक्टूबर को, छाया स्कूल ऑफ आर्ट की ओर से वर्ष 2018 के लिए ट्राइसिटी के बैस्ट टीचर अवॉर्ड दिये जायेंगे। 'इसके लिए हमने विभिन्न स्कूलों में कला, संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में विशिष्टता रखने वाले शिक्षकों से अपनी उपलब्धियां भेजने को कहा था। विशेष अतिथि श्रीमती स्वाती मलिक, मैनेजिंग डायरेक्टर, क्रियान्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा ट्राइसिटी के दो सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को पुरस्कार दिया ¹

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