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Haryana

हरियाणा सरकार चार बड़ी मंडियां स्थापित करने जा रही है जिसमें गन्नौर की 600 एकड़ की मण्डी पाईप लाईन में है:ओम प्रकाश धनखड़

October 11, 2018 03:54 PM

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि हरियाणा सरकार चार बड़ी मंडियां स्थापित करने जा रही है जिसमें गन्नौर की 600 एकड़ की मण्डी पाईप लाईन में है। इसके अलावा, गुरुग्राम में रियो-डी-जेनेरिया की फ्लोरा अंतर्राष्ट्रीय मण्डी के सहयोग से फूलों की एक मण्डी स्थापित की जाएगी जिससे एनसीआर में फूलों की जरूरत को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, सोनीपत में मसालों की मण्डी तथा पिंजौर में 250 एकड़ क्षेत्र पर सेब मण्डी स्थापित की जाएगी।

        श्री धनखड़ आज गुरुग्राम में वल्र्ड यूनियन ऑफ होलसेल मॉर्केट (व्योम) की कॉन्फ्रेंस के प्रथम सत्र के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यह विश्व स्तरीय कॉन्फ्रेंस देश में पहली बार आयोजित की जा रही है जिसमें किसानों और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर विभिन्न निर्णय लेने में मदद मिलेगी। श्री धनखड़ ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस में 19 देश सीधे तौर पर भाग ले रहें हैं जिनमें चीन, स्पेन, मैक्सिको, पोलेंड, सर्बिया, अमेरिका इत्यादि के प्रतिनिधि आए हैं। इसके अलावा, विभिन्न देशों के राजदूत कार्यालयों के प्रतिनिधि भी इस कॉन्फ्रेंस में भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस विश्व स्तरीय कॉन्फ्रेंस में भारत के विभिन्न राज्य जैसे कि आंध्र प्रदेश, असम, उड़ीसा, गोआ, जम्मू कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, हरियाणा सहित अन्य राज्यों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं।  

        श्री धनखड़ ने मंडियों को सशक्त करने की बात करते हुए कहा कि देश की बड़ी मण्डियों को आधुनिक बनाने के लिए इस कॉन्फ्रेंस में गहनता से विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने अपने विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि चीन की बीजिंग की एक हजार एकड़ में बनी मण्डी, रंगिस की मण्डी, रियोडी जैनेरियों की मण्डी को देखने का उन्हें मौका मिला। उनके साथ गए हुए विभागीय प्रतिनिधि मण्डल ने भी इन मंडियों को देखकर अपनी समझ को आगे बढ़ाया है कि किस प्रकार से थोक या होलसेल मण्डी को आधुनिक तौर पर विकसित किया जा सकता है। 

        कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि होलसेल मण्डी कृषि के क्षेत्र में किसान और उपभोक्ता के बीच एक ईंजन का काम करती है और हम सभी को इस ईंजन को आधुनिक बनाना है क्योंकि यदि हम होलसेल बाजार को आधुनिक रूप से विकसित कर पाएंगे तो किसानों और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उनका कल्याण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज उपभोक्ताओं की बहुत बड़ी संख्या है और उन तक किस प्रकार जल्द से जल्द उत्पाद पहुंचे इस पर हमें विचार करना है। उन्होंने कहा कि यूरोप की मण्डियों में किसान सीधा अपना उत्पाद बेच सकता है। इस प्रकार से हमें भारत में भी एक साधारण व्यक्ति किस प्रकार से अपने उत्पाद को बेच सके इसके उपाय करने होंगे। उन्होंने कहा कि साधारण व्यक्ति को अपने उत्पाद को बेचने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और इन चुनौतियों से पार पडऩे के लिए आगे बढऩा होगा।

        उन्होंने कहा कि हमें लोगों को जागृत करने के लिए भी कदम उठाने होंगे जैसे कि कृषि उत्पादो का वेस्ट कम से कम हो। इसके अलावा, फल तथा सब्जियों को किस प्रकार से बेहतर बनाया जाए ऐसे दिशाओं में आगे बढऩा होगा। उन्होंने कहा कि गत दिवस व्योम की बोर्ड बैठक में एशिया की स्थितियों के अनुसार विभिन्न निर्णय लिए गए और उन्हें उम्मीद है कि इन निर्णयों से भारतीय बाजारों की दशा और दिशा सुधरेगी। उन्होंने कहा कि हमें आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ कोल्ड चेन जैसी प्रणालियों पर बल  देना होगा  ताकि मंडियों को अच्छी प्रकार से विकसित किया जा सके और किसानों के साथ उपभोक्ताओं के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जा सके। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में एक्सपै्रस-वे पर लगभग 2000 करोड़ रुपये का कृषि उत्पादों का बाजार है। इसी प्रकार, कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) पर पंचग्राम नामक योजना के तहत पांच नए बड़े शहर बसाने की योजना है जिसमें कृषि के उत्पादों के बाजार तलाशने की संभावनाएं हैं।

        श्री धनखड़ ने कहा कि हमें अपनी स्थितियों के अनुसार मंडियों को विकसित करना है, बल्कि हमें दुनिया की किसी भी मण्डी का अनुसरण नहीं करना है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में आयोजित की जा रही इस कॉन्फ्रेंस में जो साकारात्मक सुझाव अनुकूल बैठेंगे उन्हीं को अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम अपने स्त्रोतों और जो हमारी टीम को समझ आएगा उसी अनुसार आगे बढ़ेेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस में आए हुए प्रतिनिधियों को ई-नाम  योजना के तहत किए जा रहे कार्य की जानकारी दिलाने हेतू उन्हें एक अध्ययन दौरा भी करवाया जाएगा। 

पत्रकारवार्ता के दौरान व्योम के चेयरमैन श्री जैंगजुंग मा, जो चीन के हैं, ने बताया कि भारत और चीन पड़ोसी देश हैं और वे पहली बार भारत आए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका, यूरोप और जापान की होलसेल मार्केट काफी आधुनिक हैं लेकिन चीन और भारत के बाजार इन बाजारों की तुलना में काफी पीछे हैं। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों के विकास और उत्थान में होलसेल मार्केट महत्वपूर्ण भूमिका रखती है और आज गुरुग्राम में हरियाणा सरकार ने होलसेल मार्केट में काम करने वाले लोगों को एक अच्छा मंच प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के साथ-साथ हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने इस कार्य को करवाने का जो बीड़ा उठाया है वह प्रसंशनीय है और इससे हरियाणा के किसानों व उपभोक्ताओं को काफी लाभ प्राप्त होगा।

        चेयरमैन ने कहा कि हम कृषि उत्पादों के वितरण में कैसे बेहतर कर सकते हैं इस पर विचार करना होगा और उन्हें लगता है कि यह कॉन्फ्रेंस ऐसे विचारों और अनुभवों को सांझा करने के लिए एक उत्तम मंच है। उन्होंने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस के पश्चात उन्हें पूरी उम्मीद है कि भारत में होलसेल मार्केट अवश्य अपग्रेड होगी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के अलग-अलग अनुभव होते हैं कुछ लाभ के लिए होते हैं तो कुछ किसानों और उपभोक्ताओं के  कल्याण के लिए होते हैं। इसी कड़ी में चीन की होलसेल मार्केट प्रबंधन टीम लाभ लेने के लिए लगातार कार्य कर रही है और यह सफ ल कार्य भारत को एक आदर्श सीखने का अनुभव प्रदान कर सकती है।

पत्रकारवार्ता के दौरान व्योम के निदेशक श्री जे एस यादव ने बताया कि दुनिया में दो प्रकार के होलसेल बाजार हैं, एक यूरोप के बाजार और दूसरा एशिया का बाजार और दोनों की स्थितियां अलग-अलग हंै। उन्होंने बताया कि व्योम के बोर्ड ने निर्णय लिया है कि अगले पांच वर्षों में विकसित होलसेल बाजार अविकसित होलसेल बाजारों का सहयोग करेेंगे। इसके अलावा, भारत के डिजीटलीकरण के साथ-साथ ई-नाम जैसे बड़े सिस्टम का किस प्रकार से  अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयोग किया जाए, इस ओर आगे बढऩा होगा। उन्होंने कहा कि यदि सुधारों की बात की जाए तो एशिया के सुधार अलग प्रकार के हैं और किसानों को ध्यान में रखकर सुधार किए जाते हैं। इसी प्रकार, मंडियों का सुधार भी कानूनों को ध्यान में रखकर किया जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक में विभिन्न निर्णय एशिया और भारत की स्थितियों के अनुसार किए गए हैं। 

एक सवाल के जवाब में श्री जे एस यादव ने कहा कि अगले 5 सालों की चुनौतियों को देखते हुए मॉर्केट की स्थायित्वता या स्थिरता पर जोर दिया जाएगा ताकि मंडियां आय का स्त्रोत ही न हों बल्कि इसमें किसानों के हितों का भी ध्यान हो। उन्होंने आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि डिजीटलीकरण और सुधारों की खाई को पाटना भी एक चुनौती है और इनको आपस में एकीकृत करना होगा। इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और खाद्य सामग्री इत्यादि पर जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि चीन में वर्ष 2020 तक खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और खाद्य सामग्री इत्यादि पर कानून बनाकर लागू कर दिया जाएगा। इसी प्रकार, भारत को भी अभी इस क्षेत्र में बहुत काम करना है।

इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामलाल मार्कण्डे, उड़ीसा के सहकारिता मंत्री श्री सूर्या नारायण पात्रो, हरियाणा मॉर्केटिंग बोर्ड की चेयरपर्सन श्रीमती कृष्णा गहलावत, गोआ के मार्केटिंग बोर्ड के चेयरमैन श्री प्रकाश, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती नवराज संधु तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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