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DELHI-अब 60 साल में रिटायर होंगे होमगार्ड्स, 6 हजार नए भी किए जाएंगे भर्ती स्टूडेंट्स का बस पास एसी बसों में लागू करने को कैबिनेट ने दी मंजूरी

October 10, 2018 06:02 AM

COURTESY NBT OCT 10

एसएमसी फंड को मंजूरी, हर साल मिलेंगे "5 से 7 लाख
नए कॉन्ट्रैक्टर को काम पर रखने होंगे पुराने लेबर

अब 60 साल में रिटायर होंगे होमगार्ड्स, 6 हजार नए भी किए जाएंगे भर्ती

स्टूडेंट्स का बस पास एसी बसों में लागू करने को कैबिनेट ने दी मंजूरी

सरकार खर्च करेगी 8 करोड़, AC बसों में सफर कर पाएंगे स्टूडेंट्स

 

होमगार्ड्स रूल्स-2008 के संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी, पिछली सरकार के फैसले को पलटा• डिप्टी सीएम ने कहा, स्कूल गवर्नेंस की दिशा में सबसे बड़ा कदम• प्रिंसिपल्स और एसएमसी कई काम खुद से करा पाएंगे• 20 अक्टूबर को सरकार सभी सरकारी स्कूलों में मेगा पैरंट्स टीचर मीटिंग करवाएगी• सरकारी स्कूलों में 13 अक्टूबर को एसएमसी मीटिंग बुलाई जाएगी, एसएमसी के गठन के बारे में बताया जाएगा• प्रमुख संवाददाता, नई दिल्ली

 

दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों के लिए स्कूल मैनेजमेंट कमिटी फंड (एसएमसी फंड) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत हर स्कूल की हर शिफ्ट की एसएमसी को कम से कम 5 लाख रुपये सालाना फंड दिया जाएगा।

प्रिंसिपल और चुनी हुई एसएमसी मिलकर स्कूल चलाएंगे। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रिंसिपल को सशक्त बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। अभी तक प्रिंसिपल्स को हर जरूरत के लिए शिक्षा निदेशालय पर निर्भर रहना पड़ता था। अब वो कई काम खुद करा सकते हैं। स्कूल गवर्नेंस की दिशा में यह अब तक का सबसे बड़ा कदम है। प्रिंसिपल, एसएमसी के प्रमुख होते हैं। टीम में 2 टीचर, 2 सोशल वर्कर और 12 चुने हुए पैरंट्स होते हैं। अगर किसी स्कूल सें 1500 तक बच्चे हैं तो उस स्कूल की एसएमसी को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह 1501 से लेकर 2500 तक की संख्या वाले स्कूलों को 6 लाख रुपये दिए जाएंगे। बच्चों की संख्या 2500 से ऊपर है तो 7 लाख रुपये सालाना मिलेंगे। फंड का 50 फीसदी पैसा मेंटेनेंस के कामों और बाकी 50 फीसदी एमएमसी इनिशिएटिव पर खर्च होगा। एसएमसी इनिशिएटिव के तहत प्रिंसिपल और उनकी एसएमसी टीम गतिविधियों की तैयारी के लिए एक्सपर्ट बुला सकेंगे। फंड की सबसे खास बात यह है कि अगर प्रिंसिपल और एसएमसी टीम को लगे कि बच्चों को मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ, आर्किटेक्चर, सीए आदि की तैयारी के लिए रिसोर्स पर्सन की जरूरत है तो यह काम भी इस फंड से किया जा सकेगा। मनीष सिसोदिया ने बताया कि सभी सरकारी स्कूलों में 13 अक्टूबर को एसएमसी मीटिंग बुलाई जाएगी। मीटिंग में एसएमसी के गठन के बारे में बताया जाएगा और सभी सदस्यों के परिचय करवाया जाएगा। 20 अक्टूबर को सरकार सभी सरकारी स्कूलों में मेगा पैरंट्स टीचर मीटिंग करवाएगी।• प्रस, नई दिल्ली : अब कॉन्ट्रैक्टर बदलने पर भी सारे लेबर नहीं बदले जाएंगे। नए कॉन्ट्रैक्टर को पुराने 80 पर्सेंट लेबर को काम पर रखना होगा। दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट में इस प्रस्ताव को पास कर दिया है।

कैबिनेट के इस फैसले को लेकर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि सर्विस सेक्टर में इस मामले को लेकर अक्सर धांधली देखी जाती थी। कॉन्ट्रैक्टर बदलने जाने पर भी पहले से जॉब कर रहे 80 पर्सेंट लोगों को नई कंपनी को भी अपने साथ काम पर रखना होगा।

सिसोदिया ने कहा कि जब सर्विस प्रोवाइड करने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होता है तो नए कॉन्ट्रैक्टर आते हैं। लेकिन जब नए आते हैं तो पुराने वाले सभी लेबर को हटा देते हैं। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि कई बार कॉन्ट्रैक्टर पुराने लेबर को काम पर रख तो लेते हैं, लेकिन इसके एवज में उनसे पैसे वसूल कर लेते हैं, अब ऐसी धांधली नहीं चलेगी। अब नए नियम के अनुसार नए कॉन्ट्रैक्टर को पुराने लेबर को कम से कम 80 पर्सेंट तक अपने पास काम देना होगा। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि नए कॉन्ट्रैक्टर में लेबर की संख्या कम या ज्यादा हो सकती है, अगर कम होगी तो उसका 80 पर्सेंट लेबर रखना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस डेटा बेस अपने पास रखेगी और इसे हर हाल में सभी कॉन्ट्रैक्टर को लागू करना होगा। कॉन्ट्रैक्टर बदलने के बाद नौकरी जाने का खतरा कम होगा।

• प्रस, नई दिल्ली

 

होमगार्ड्स अब 50 नहीं 60 साल में रिटायर होंगे। दिल्ली सरकार ने उनकी नौकरी दस साल बढ़ा दी है। सीएम अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने मंगलवार को होमगार्ड्स रूल्स-2008 के संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब दिल्ली में होमगार्ड्स 60 साल तक काम

कर सकेंगे।

50 साल की उम्र सीमा की वजह से अगर किसी होमगार्ड की नौकरी चली गई है तो वह दोबारा जॉइन कर सकेंगे। सरकार ने यह भी फैसला किया है कि जल्द ही 6000 नए होमगार्ड्स की भर्ती की जाएगी। इसके लिए जल्दी कैबिनेट से अप्रूवल ले लिया जाएगा। इस बारे में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि कुछ साल पहले दिल्ली सरकार ने होमगार्ड्स के लिए उम्र सीमा तय कर दी थी। इसकी वजह से वो 50 साल के बाद काम नहीं कर पा रहे थे। हमने पुरानी सरकार के फैसले को पलट दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग काम करना चाहेंगे, उन्हें फिर से जॉइन कराया जाएगा। सिसोदिया ने कहा कि होमगार्ड्स की अनुमोदित संख्या 10,285 की है, लेकिन 4390 ही काम कर रहे हैं।

• जिन स्टूडेंट्स ने पास बनवाए हुए हैं, उन्हें दोबारा पास नहीं बनवाने होंगे, वही चलेंगे• आने वाले साल में सरकार को डीटीसी को 10 करोड़ से ज्यादा रुपये देने होंगे, क्योंकि सरकार ने स्टूडेंट्स पास का दायरा बढ़ाने को मंजूरी दी थी• दिल्ली सरकार से मान्यता पाए सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के स्टूडेंट्स को होगा फायदा• 2002 के बाद के इंस्टिट्यूशन और सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थानों के स्टूडेंट्स भी उठा सकेंगे लाभ• प्रमुख संवाददाता, नई दिल्ली

 

स्टूडेंट्स बस पास एसी बसों में भी लागू हो गया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। एसी बसों में स्टूडेंट पास लागू करने से दिल्ली सरकार को डीटीसी को सालाना करीब 8 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।

इस बारे में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि अभी तक जो बस पास स्टूडेंट्स को मिलता था। वह सिर्फ नॉन एसी बसों में चलता था। अब उसी पास पर स्टूडेंट्स एसी बसों में सफर कर पाएंगे। सिसोदिया ने स्टूडेंट्स से अपील की कि वे कॉलेज जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। यह उनकी सेफ्टी और दिल्ली की हवा के लिए बेहतर होगा। इस प्रस्ताव को बीते दिनों ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर कैलाश गहलोत की अध्यक्षता में हुई डीटीसी बोर्ड की मीटिंग में मंजूरी मिली थी, जिसे अब कैबिनेट ने हरी झंडी दी है। अभी जिन स्टूडेंट्स ने बस पास बनवा रखे हैं, उन्हें दोबारा पास नहीं बनवाने होंगे, वही पास एसी बसों में चल सकेंगे। स्टूडेंट पास 100 रुपये में बनता है। हालांकि इसके लिए आने वाले साल में दिल्ली सरकार को डीटीसी को 10 करोड़ से ज्यादा रुपये देने होंगे, क्योंकि सरकार ने स्टूडेंट्स पास का दायरा बढ़ाने को मंजूरी दी थी। कुछ समय पहले डीटीसी बोर्ड ने तय किया था दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के स्टूडेंट्स को रियायती बस पास का फायदा मिलेगा। एमसीडी स्कूलों के स्टूडेंड्स को भी इस स्कीम का फायदा होगा। डीयू और दिल्ली सरकार की यूनिवर्सिटीज के स्कीम के दायरे में आएंगी। 2002 के बाद के इंस्टिट्यूशन और सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थानों के स्टूडेंट्स भी अब इस स्कीम के दायरे में आएंगे।

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