Sunday, February 17, 2019
Follow us on
BREAKING NEWS
सोनीपत:गन्नौर में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने किसान डिजिटल एप्प लाँच कीसोनीपत:गन्नौर में इंडिया इंटरनेशनल हार्टिकल्चर मार्केट में चौथी एग्रीलीडरशीप समिट में हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद को शॉल भेंट कीसोनीपत:गन्नौर में इंडिया इंटरनेशनल हार्टिकल्चर मार्केट में चौथी एग्रीलीडरशीप समिट में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पगड़ी भेंट करके उनका स्वागत कियासोनीपत:गन्नौर में इंडिया इंटरनेशनल हार्टिकल्चर मार्केट में चौथी एग्रीलीडरशीप समिट में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद कार्यक्रम में पहुंचेसोनीपत:गन्नौर में इंडिया इंटरनेशनल हार्टिकल्चर मार्केट में चौथी एग्रीलीडरशीप समिट में मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहुँचेबैडमिंटन : सायना का खिताब बरकरार, सौरभ तीसरी बार बने विजेतापुलवामा हमले के सबूत साझा करने पर भारत के साथ सहयोग को तैयार-पाकपंजाब में 11 आईएएस अधिकारी, 66 पीसीएस अधिकारियों का तबादला
Niyalya se

सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद, हलफनामा देने का निर्देश एमसीडी को केंद्र सरकार नहीं देगी 500 करोड़ रुपये

October 09, 2018 06:22 AM

COURTESY NBT OCT 9

सुप्रीम कोर्ट ने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद, हलफनामा देने का निर्देश
एमसीडी को केंद्र सरकार नहीं देगी 500 करोड़ रुपये

 

• विशेष संवाददाता, सुप्रीम कोर्ट

 

एमसीडी के सफाईकर्मियों के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ देने से मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि संवैधानिक नीतियों और कानूनी प्रावधान के तहत ये रकम देना संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में हलफनामा दायर करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण और दुखदायी है कि केंद्र सरकार ने जो अभी हलफनामा दिया है उसमें कहा है कि वह कोई भी पेमेंट देने के लिए तैयार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 24 अक्टूबर की तारीख तय कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन बी लोकूर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच के सामने मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने बताया कि तीनों एमसीडी के सफाईकर्मियों की सैलरी आदि के लिए 500 करोड़ रिलीज कर दिया गया है। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार ने कहा था कि वह 500 करोड़ रुपये रिलीज कर देगा। इस संदर्भ में सोमवार को कोर्ट को बताया गया कि पैसे रिलीज कर दिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने उम्मीद जताई थी कि केंद्र सरकार भी दिल्ली सरकार के अनुरोध का खयाल करेगी और मानवीय ग्राउंड पर मामले को देखेगी। अडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा था कि वह इस बारे में निर्देश लेकर आएंगे। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण और दुखदाई है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह इसके लिए तैयार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को जब मामले की सुनवाई हुई तो अडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने कोर्ट को बताया कि संवैधानिक और कानूनी नीतियों के तहत ये रकम देना संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मौखिक जिरह के बाद कहा कि आप इसको लेकर हलफनामा दायर करें। सुप्रीम कोर्ट में 3 अक्टूबर को दिल्ली सरकार ने कहा था कि वह म्युनिसिपल कॉरपोरेशन को 500 करोड़ रुपये देंगे, ताकि सफाईकर्मियों को सैलरी दी जा सके। 12 सितंबर से सफाईकर्मी हड़ताल पर हैं।

Have something to say? Post your comment