Sunday, February 17, 2019
Follow us on
Chandigarh

अलविदा तनाव शिविर : सातवां दिन

October 07, 2018 08:29 PM

आज शिविर में बताया कि मन के मुख्य रूप दो हैं – एक अंतरमन और दूसरा बाहरीमनI अंतरमन को आज्ञाकारी सेवक (obedient servant) बताया गया हैI जो भी विचार हम बार बार अंतरमन को देते हैं वह उसे सिद्ध कर देता हैI वह चाहे पॉजिटिव हो या नेगेटिवI प्रैक्टिकल जीवन में वैसा होने लगता हैI आज शिविर में तनाव से मुक्ति के लिये साधकों को अनेक विचार दिए गए जो रोज़ सुबह उठ कर उन्हें करना है-- जैसे मेरा जीवन तनाव से मुक्त है, मेरे जीवन में समस्या का कोई अंश नहीं हैI जब हम निरंतर यह सोचते जाएंगे तो जरुर हम तनाव मुक्त जिंदगी अनुभव कर सकेंगेI दूसरा विचार दिया गया कि मैं बहुत सुखी हूँI ऐसा सोचने से हमारे सुख़ का परसेंटेज बढता जायेगा और हम तनाव मुक्त जिंदगी अनुभव कर सकेंगेI
जब हम सोचते हैं कि मैं बहुत दुखी हूँ मेरे जैसा दुखी तो कोई है ही नहीं तो दुःख बढता जायेगा तो कुल मिला कर बात यह है कि जो हम अपने जीवन में देखना चाहते हैंI सोचें जो परिस्थितिया चल रही हैं उनके बारे में न सोचें, उसमे सलूशन के बारे में सोचेंI सलूशन सोचना अलग बात है पर सारा दिन उस चिंता के बारे में सोचना गलत हैI तो अध्यात्मिकता हमें एसी शक्ति प्रदान करता है कि हम जो बीत चुकी कडवी बातों को भूल कर अपने आगे आने वाले और वर्तमान जीवन को एन्जॉय कर सकेंI किसी भी चीज़ को, किसी के बुरे व्यावहार को, जब हम अधिक समय तक पकड़ कर रखतें हैं तो जीवन में तनाव होता हैI हम बरसों पुरानी बातें, कडवी यादें, दुःख की घटनाएँ अपने मन में पकड़ कर रखते हैं -- किस ने मेरे साथ क्या कियाI जब हम ऐसीं बातें पकड़ कर रखते हैं तो हमारी धमनिओं में भी Cholesterol बढ़ जाता हैI अगर हम इन सब चीजों से मुक्त होना चाहते हैं, हम चाहतें हैं हमारा हार्ट, श्वांस क्रिया ठीक रहे तो यह पकड़ने की आदत छोड़नी होगीI देखा गया है संसार नाटक है जो हर पल बदल रहा है तो आप भी बदलते चलिएI समय परिवर्तनशील हैI कभी कभी ऐसा समय इन्सान के जीवन में आता है कि उसे कुछ समझ नहीं आताI तो उस समय धीरज से काम लें, हिम्मत रखें, उत्साह रखें, ईश्वर को याद करेंI हम इस ईश्वरीय शक्ति से स्वयं को जोड़ लेते हें तो हमें ऐसी ताकत प्राप्त होती है कि वह हमारे बुरे समय को आसानी से बिताने में मदद करती हैI
आज शिविर में अंतरमन के बारे में साधकों को महत्वपूर्ण बातें बताई गई और स्पष्ट किया गया कि हम अध्यात्मिक ज्ञान का अनुकरण करते हुए दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैंI शिविर में रोज़ आने वाले साधकों ने अपने अपने योग के अनुभवों के बारे में बताया जो उन्होंने यहाँ आ कर सीखाI कुछ ने बताया कि उनके वयसन छूट गयेI साधक अपने को खुश और हल्का महसूस कर रहें हैंI तनाव से पीड़ित रोगी मैडिटेशन का अभ्यास कर इस बीमारी से ही नहीं बल्कि अन्य बीमारियों से भी मुक्त हो रहें हैंI
The Brahma kumaris Godly University चंडीगढ़ निवासिओं को आमंत्रित कर रही है कि आ कर “अलविदा तनाव” शिविर के शेष पांच दिनों का लाभ अवश्य उठाएँI

Have something to say? Post your comment