Tuesday, October 16, 2018
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Haryana

सल्ग-थुराना में बरसात से खेतों चार से पांच फुट तक पानी भरा, बस्तिया भी डूबी

October 04, 2018 02:59 PM
कांग्रेसी नेता टैक्स ट्रिब्यूनल के पूर्व सदस्य हरपाल बूरा ने बरसात के दस दिन बाद हालात का निरीक्षण किया। हरपाल बूरा थुराना सहित अन्य गावों में गए और मौके पर जाकर निरीक्षण करके पाया कि गांव की बस्तियों व खेतों में चार से पांच फुट तक पानी भरा हुआ था। हरपाल बूरा ने कहा कि हांसी शहर व ग्रामीण ईलाकों में अभी पानी खडा है तथा निकासी की सुचारु व्यवस्था नही की जा रही है। हांसी शहर की कालोनियों में तालाब जैसे हालात है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन हांसी के न्यायिक अधिकारी की कोठी से पानी नही निकला सका विभागों के अधिकारी एक दूसरे पर विभागों पर दायित्व दे रहे। उन्होंने कहा कि गांव देपल के किसान प्रशासनिक अधिकारियों से मिल कर थक गए तब एक पंप व खराब ट्रासफार्मर मुहैया करवा दिया गया । ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित करके ट्रासफार्मर को ठीक करवाया व खुद के चंदे से मैकेनिक बुलाया। ये प्रशासन की गैर जिम्मेदारी का सबूत है। हरपाल बूरा ने कहा कि इसी प्रकार थुरानाए कुम्भा गंगन खेडी जमावडी जीतपुरा सोरखी महंदा गढी  उमरा के घरों व खेतों में पानी खडा है। उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन को बस्तियोंव खेतों में ज्यादा से ज्यादा पंप लगवाकर निकासी के प्रबंधक किए जाने चाहिए और ड्रेनो की सफाई के उचित प्रबंध किए जाने चाहिए। 
जिन ग्रामीणों के बरसात के कारण मकान ढह गए है व किसानों का खेतों में नुक्सान हुआ है उन्हें उचित मुआवजा मिलाना चाहिए।  हरपाल पूरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लापरवाह अधिकारियों ने ड्रेनों की सफाई नही करवाई उसकी जांच करके दोषी अधिकारियों के कार्यवाही की जानी चाहिए।
कांग्रेसी नेता टैक्स ट्रिब्यूनल के पूर्व सदस्य हरपाल बूरा ने बरसात के दस दिन बाद हालात का निरीक्षण किया। हरपाल बूरा थुराना सहित अन्य गावों में गए और मौके पर जाकर निरीक्षण करके पाया कि गांव की बस्तियों व खेतों में चार से पांच फुट तक पानी भरा हुआ था। हरपाल बूरा ने कहा कि हांसी शहर व ग्रामीण ईलाकों में अभी पानी खडा है तथा निकासी की सुचारु व्यवस्था नही की जा रही है। हांसी शहर की कालोनियों में तालाब जैसे हालात है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन हांसी के न्यायिक अधिकारी की कोठी से पानी नही निकला सका विभागों के अधिकारी एक दूसरे पर विभागों पर दायित्व दे रहे। उन्होंने कहा कि गांव देपल के किसान प्रशासनिक अधिकारियों से मिल कर थक गए तब एक पंप व खराब ट्रासफार्मर मुहैया करवा दिया गया । ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित करके ट्रासफार्मर को ठीक करवाया व खुद के चंदे से मैकेनिक बुलाया।  उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन को बस्तियोंव खेतों में ज्यादा से ज्यादा पंप लगवाकर निकासी के प्रबंधक किए जाने चाहिए और ड्रेनो की सफाई के उचित प्रबंध किए जाने चाहिए। 
जिन ग्रामीणों के बरसात के कारण मकान ढह गए है व किसानों का खेतों में नुक्सान हुआ है उन्हें उचित मुआवजा मिलाना चाहिए।  हरपाल पूरा ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लापरवाह अधिकारियों ने ड्रेनों की सफाई नही करवाई उसकी जांच करके दोषी अधिकारियों के कार्यवाही की जानी चाहिए।
बाइट-1 हरपाल बूरा, कांग्रेसी नेता, पूर्व टैक्स ट्रिब्यूनल सदस्य
वीओ-थुराना निवासी महिला बहारो देवी ने कहा कि उनके गांव में पांच से छह फुट तक पानी भर गया है परतु निकासी कोई प्रबंध नही है। पानी भरने के कारण अनाज सहित अन्य सामान  सामना खराब हो गया है इसलिए पानी निकासी के प्रबंध किए जाए
बाहरों देवी महिला
 वीओ- थुराना निवासी कुलदीप ने बताया कि गांव में पानी भरने से हरीजन बस्तिया डूब गई है इसलिए प्रशासन को उचित मुआवजा देकर उनके पुर्नवास की व्यवस्था करनी चाहिए।
बाइट 3-कुलदीप, 
वीओ-मनदीप ने कहा कि उनके गांव में बरसात के कारण पानी भर गया है मकान गिर गए है और खेतो में पानी रुका हुअ है इसलिए सरकार को पानी निकासी के प्रबंध करने चाहिए और मुआवजा मिलना चाहिए.।
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