Wednesday, December 12, 2018
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Niyalya se

सुप्रीम कोर्ट के इन फैसलों का सीधा असर आप पर

September 30, 2018 06:10 AM

COURTESY NAV BHARAT TIMES SEPT 30

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग कराने का आदेश भी दिया।
अयोध्या मामला : सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद में नमाज पढ़ना इस्लाम का अभिन्न अंग है के बारे में 1994 के फैसले को दोबारा विचार के लिए संवैधानिक बेंच भेजने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि मामला जमीन विवाद के तौर पर निपटाया जाएगा।

एक्टिविस्टों की गिरफ्तारी पर राहत नहीं : भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पांचों एक्टिविस्टों को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से दिए फैसले में पुलिस की छानबीन में दखल से इनकार कर दिया और एसआईटी जांच की मांग को खारिज कर दिया। कहा गिरफ्तारी सबूतों के आधार पर है न कि असहमति के कारण।

सबरीमला मंदिर में हर उम्र की महिला को एंट्री की इजाजत : केरल के सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश की इजाजत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 4 बनाम एक से दिए बहुमत के फैसले में कहा कि 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं का मंदिर में प्रवेश पर बैन लिंग के आधार पर भेदभाव वाली प्रथा है। ये हिंदू महिलाओं के मौलिक अधिकार

का हनन करता है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा मंगलवार को रिटायर हो रहे हैं। अपने रिटायरमेंट के आखिरी 15 दिनों में उन्होंने दर्जन भर ऐसे फैसले दिए जिसका पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने पर प्रभाव पड़ सकता है। जिन फैसलों से सीधे तौर पर आपका सरोकार है उन्हें बता रहे हैं राजेश चौधरी :
समलैंगिक संबंध अब अपराध नहीं : बालिगों के बीच सहमति से बनाए

गए समलैंगिक संबंध अब अपराध नहीं

रहे। धारा-377 के तहत दो बालिगों के बीच सहमति से बनाए गए समलैंगिक संबंध को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया गया। इस प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट ने गैरसंवैधानिक करार दिया है।

 

दहेज प्रताड़ना मामले में सेफगार्ड खत्म : दहेज प्रताड़ना मामले में पति

और उनके परिजनों को तुरंत गिरफ्तारी से मिले सेफगार्ड को खत्म कर दिया गया है। पहले दहेज प्रताड़ना मामला दर्ज होने के बाद मामले को परिवार कल्याण कमिटी के पास भेजने और तब तक गिरफ्तारी पर रोक का प्रावधान किया था। बेंच ने परिवार कल्याण कमिटी बनाए जाने और तब तक गिरफ्तारी पर रोक के प्रावधान को निरस्त कर दिया।

 

दागी नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक से इनकार : सुप्रीम कोर्ट ने पांच साल या उससे ज्यादा सजा के मामले में आरोप तय होने के बाद चुनाव लड़ने से रोक लगाने से इनकार कर दिया और कानून बनाने का काम संसद के पाले में डाल दिया।

जनप्रतिनिधियों के बतौर वकील प्रैक्टिस पर रोक से इनकार : सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि एमएलए और एमपी को देश भर की अदालतों में बतौर वकील प्रैक्टिस पर रोक लगाई जाए।

 

आधार पर अहम फैसला : सुप्रीम कोर्ट ने आधार मामले में ऐतिहासिक फैसले में आधार के संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। कई मामलों में आधार की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बैंक अकाउंट, मोबाइल सिम, प्राइवेट सेक्टर, स्कूल एडमिशन, नीट, सीबीएसई, यूजीसी आदि में आधार की अनिवार्यता नहीं होगी।

 

एससी-एसटी में प्रमोशन में आरक्षण का रास्ता साफ: SC/ST से जुड़े लोगों को सरकारी नौकरियों में प्रमोशन में आरक्षण का रास्ता सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया। संविधान पीठ ने एकमत से कहा कि प्रमोशन में कोटा देने के लिए उनके पिछड़ेपन के आंकड़े जुटाने की जरूरत नहीं होगी।

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