Saturday, February 16, 2019
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Chandigarh

चंडीगढ़: पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर 5 राज्यों के वित्त मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक

September 25, 2018 12:51 PM

पैट्रोल और डीज़ल पर लगने वाले वैट की दरों में एकरूपता लाने के उद्देश्य से चंडीगढ़ में उत्तर भारत के पांच राज्यों के वित्त मंत्रियों और अधिकारीयों की एक अहम् बैठक में मंथन किया गया. इस बैठक में हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिशोदिया के अलावा उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में इस बात पर भी सहमती बनी की इन राज्यों में आबकारी नीति और ट्रांसपोर्ट परमिट और गाड़ियों के पंजीकरण से जुड़े करों में भी एकरूपता हो. इस सम्बन्ध में अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई है जो आगामी दो हफ्ते में अपनी रिपोर्ट देगी.
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि उत्तर भारत के पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में तेल पर लगने वाले वैट में एकरूपता लाने के उद्देश्य से एक अहम् बैठक चंडीगढ़ में हुई. बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि जैसे मई 2015 में इन प्रदेशों ने आम सहमति बनाकर वैट की दरें लगभग एक समान करके आम जनता को राहत दी थी वैसी ही कोशिश फिर जाए. बैठक में तय किया गया की इन राज्यों के अधिकारी अगले दो हफ्ते में इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार करेंगे. इस रिपोर्ट के बाद सरकारें तेल पर लगने वाले वैट के बारे में निर्णय लेंगी ताकि आम जनता को राहत दी जा सके. बैठक में यह भी चर्चा हुई की इन सभी राज्यों में तेल की कीमतें समान रहने से वर्तमान की तरह जहाँ भविष्य में भी आम उपभोक्ता को राहत मिलेगी वहीँ एक दूसरे राज्य में होने वाले ट्रेड डायवर्शन पर भी रोक लगी रहेगी.
बैठक में चर्चा के दौरान दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिशोदिया ने सलाह दी कि इन राज्यों में तेल की भांति आबकारी से जुड़े कर भी समान होने चाहियें और इसके मद्देनज़र इन राज्यों की आबकारी नीतियों में समानता होना ज़रूरी है. बैठक के बाद मनीष सिशोदिया ने कहा की सभी राज्य इस बात पर सहमत हो गये हैं की आबकारी नीति में एकरूपता हो. ऐसा होने से जहाँ एक और जनता को लाभ होगा वहीँ कालाबाजारी पर भी रोक लग जायेगी. इससे सरकारों के राजस्व में भी बढौतरी होगी जिसका लाभ आम जनता को मिलेगा.
तेल और आबकारी की भांति ट्रांसपोर्ट परमिट और गाड़ियों के पंजीकरण में भी एकरूपता लाने का सुझाव पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने दिया. उन्होंने कहा की यह समय की मांग है की इन करों की दरें भी अलग अलग ना होकर लगभग एक जैसी हों ताकि गाड़ी चालक एक दूसरे राज्य में पंजीकरण ना करवाएं. यह सभी राज्यों के हित में होगा. दिल्ली और पंजाब की तरफ से मिले सुझावों पर भी अधिकारीयों की कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. यह कमिटी आगामी दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी और उस रिपोर्ट के आधार पर राज्यों की सरकारें निर्णय लेगी.

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