Saturday, October 20, 2018
Follow us on
Editorial

NBT EDIT -ट्रेड वॉर और मंदी

September 20, 2018 05:42 AM

COURTESY NBT EDIT SEPT 20

ट्रेड वॉर और मंदी


एक तरफ लीमन ब्रदर्स के ढहने की खबर के साथ शुरू हुई वैश्विक मंदी के दस साल पूरे होने के मौके पर उसके कारणों का विवेचन जारी है, दूसरी तरफ अमेरिका और चीन के बीच गहराते ट्रेड वॉर ने एक नई मंदी का खतरा पैदा कर दिया है। इस व्यापार युद्ध का ताजा दौर इसी हफ्ते देखने को मिला, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 200 अरब डॉलर मूल्य के चीनी सामानों पर सीमा शुल्क बढ़ाने का एलान करते हुए चीन को यह धमकी भी दी कि अगर उसने कोई जवाबी कदम उठाया तो अमेरिका में बिकने वाले उसके सारे सामानों पर टैक्स लगा दिया जाएगा। बहरहाल, इस धमकी में आने के बजाय चीन ने 60 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने की घोषणा कर दी। ट्रेड वॉर के पहले दौर में भी दोनों देश एक-दूसरे के कई सामानों पर आयात कर बढ़ाने की घोषणा कर चुके हैं। इस रस्साकशी का कुल नतीजा यह है कि जल्द ही दोनों देशों के 360 अरब डॉलर मूल्य के उत्पाद बाजारों में महंगे बिक रहे होंगे। इसका प्रभाव सिर्फ इन दो देशों पर नहीं बल्कि कई और देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ेगा। मसलन, ऑस्ट्रेलिया से इसके नकारात्मक असर की खबरें आने लगी हैं। विशेषज्ञों की राय इस बात को लेकर बंटी हुई है कि 2008 में आई मंदी से दुनिया अब तक उबर भी पाई है या नहीं। 2011 तक सभी देशों ने आपसी तालमेल के जरिये मंदी के असर को आपस में बराबरी से बांटकर धीरे-धीरे इसको काबू किया। लेकिन इसके नुकसान तुरत-फुरत जाने वाले नहीं थे। वैसे भी पूंजीवादी व्यवस्था में हर दस-बारह साल पर मंदी की छोटी-बड़ी लहर आती ही है। ऐसे में अगले दो-तीन वर्षों में कोई भी कमजोर कड़ी कहीं से टूटकर एक नई मंदी की वजह बन सकती है। बावजूद इसके, हम देख रहे हैं कि दुनिया की दोनों सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस साझा खतरे से निबटने की कोशिश में सिर खपाने के बजाय इसे जल्द से जल्द बुला लाने की मुहिम में जुटी हैं। खासकर डॉनल्ड ट्रंप इस काम में जितने उत्साह से जुटे हैं, उसे देखकर आसानी से इस नतीजे पर पहुंचा जा सकता है कि इस ट्रेड वॉर का तर्क फिलहाल अमेरिकी अर्थव्यवस्था के पक्ष में जा रहा है। ट्रंप को लगता है कि अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या का हल इसी आक्रामक नीति से निकाला जा सकता है। यह बात और है कि बीमारी का यह तुरंता इलाज आगे चलकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ज्यादा गहरे संकट में डाल सकता है। यहां ट्रंप और दुनिया के सभी संरक्षणवादी नेताओं को याद दिलाना जरूरी है कि मंदी की शुरुआत अमूमन उसी कोने से होती है, जिस तरफ हमारी नजर नहीं जाती। अच्छा होगा कि वे अगली पीढ़ियों की नजर में खलनायक बनने वाले काम न करें।
अमेरिका और चीन की नई घोषणाएं

Have something to say? Post your comment