Tuesday, October 16, 2018
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Haryana

आंगनवाड़ी में सप्लाई किए जा रहे कम वजन के गेहूं व चावल के कट्टों को सीएम फ्लाईंग दस्ते ने पकड़ा

September 06, 2018 09:38 PM

भिवानी- भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से आंगनवाड़ी केंद्रों में वितरण के लिए भेजे जाने वाले गेहूं और चावल में भारी की जा रही गोलमाल का रोहतक से आई सीएम फ्लाईंग ने पर्दाफाश किया है। फ्लाइंग दस्ते ने आज गुरूवार को दादरी के साकरोड़ व फौगाट आंगनबाड़ी ले जाए जा रहे गेहूं व चावल से भरी टाटा-407 गाड़ी को पकड़ा। जांच किए जाने से पता चला कि आंगनबाड़ी में ले जा रहे गेहूं के 124 कट्टों में से चार से पांच किलोग्राम गेहूं कम है। इसी तरह चावल के 34 कट्टों में चावल भी  कम पाया गया। सीएम फ्लाइंग दस्ते ने मौके पर ही गाड़ी चालक व हेल्पर को हिरासत में लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बताया गया कि सीएम फ्लाइंग दस्ते को सूचना मिली थी कि भिवानी के खाद्य निगम के गोदाम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजे जाने वाले गेहूं व चावल के कट्टों के वजन कम करके सप्लाई भेजी जा रही है। यह भी पता चला कि आज बृहस्पतिवार को जैसे ही भिवानी के गोदाम से टाटा-407 गाड़ी में 124 कट्टे गेहूं व 34 कट्टे चावल भरकर सांकरोड व फौगाट गांव की आंगनबाड़ी में ले जाए जा रहे है। इस सूचना के आधार पर सांकरोड़ के समीप सीएम फ्लाइंग दस्ते के एसआई सुनील कुमार, कर्मवीर, उमेद सिंह व प्रेमकुमार ने छापा मारकर टाटा-407 गाड़ी को कब्जे में लिया। गेहूं व चावलों की बोरियों का वजन करवाया गया तो प्रत्येक बोरी में चार से पांच किलो तक गेहूं व चावल कम मिला। मौके पर ही पकड़े गए गाड़ी चालक राकेश व हेल्पर सुमित को गाड़ी के साथ ही दादरी के सदर पुलिस थाने ले जाया गया। दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने दो अन्य व्यक्तियों के नाम और उजागर किए। पूछताछ में बताया कि वह यह गोलमाल लंबे समय से करते थे। एफसीआइ से गाड़ी लेकर निकलते बीच रास्ते में कट्टे काट कर गेहूं व चावल निकाल कर गाड़ी के अंदर ही डाल देते ताकि धर्मकांटे पर वजन करवाने पर पूरा मिले। इसके बाद कट्टे उताकर वापस आते तो यह माल गाड़ी से उतार लेते। मिली जानकारी के अनुसार इस घोटाले में आंगनवाड़ी के कई कर्मचारियों के भी शामिल होने की संभावना हैं। पहले भी इसी तरह से एक अधिकारी ने चीनी की बोरियां पकड़ी थी, जिनमें निर्धारित वजन से कम वजन था। परन्तु उसके बाद क्या हुआ कोई नहीं जानता। अगर इसकी गहनता से जांच करवाई जाए तो यह एक बहुत बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।

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