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Haryana

अगस्त, 1999 में हरियाणा में सभी महिलाओं के लिए हेलमेट पहनना हुआ अनिवार्य

September 05, 2018 01:14 PM

सरकार ने दुपहिया वाहन चलाने वाली या उस वाहन के पीछे सवार हर महिला के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया था. इस आशय सम्बन्धी जानकारी आज पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमन्त कुमार ने देते हुए  बताया कि उन्होंने बीते कल राज्य सरकार के पुराने गजटो की गहन जांच कर पाया  कि  16 अगस्त,1999 को हरियाणा के परिवहन विभाग ने अपने गजट में एक विधिवत अधिसूचना जारी कर उक्त हरियाणा मोटरयान नियमावली,1993में संशोधन करते हुए तत्कालीन विधमान नियम संख्या  185 में उपयुक्त संशोधन कर महिलाओं को तब प्राप्त हुई पूरी तरह की छूट को समाप्त कर दिया था. ज्ञात रहे कि अभी पिछले दिनों ही हेमंत ने इस  बाबत मुद्दा उठाया था कि हरियाणा सरकार ने आज तक गैर-सिख  महिलाओ द्वारा अनिवार्य हेलमेट पहनने सम्बन्धी उक्त नियमावली में कोई संशोधन नहीं किया है. इस सारी विसंगति की स्थिति उत्पन्न होने के बारे उन्होंने स्पष्ट किया कि दो माह पूर्व हरियाणा ट्रांसपोर्ट(परिवहन) विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किये गए हरियाणा मोटरयान नियमावली, 1993 में वर्णित नियम185 को जब उन्होंने पढा तो उनमें साफ़ तौर पर वर्णित है कि ऐसे किसे व्यक्ति को जिसे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सी.एम.ओ) द्वारा मेडिकल आधार पर हेलमेट  न डालने की सलाह दी गयी हो और सिख धर्म से सम्बंधित व्यक्ति और महिला के लिए हेलमेट पहनना आवश्यक नहीं होगा. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो परिवहन विभागे ने अपनी वेबसाइट पर 16 अगस्त,1999 कों इस नियम 185 में हुए  संशोधन का उल्लेख नहीं कर रखा  है जिसके कारण यह सारी भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई.  अत: इसी कारण उन्होंने  इस बारे में गत जुलाई माह में तत्कालीन महामहिम राज्यपाल हरियाणा, मुख्यमंत्री हरियाणा एवं परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पवार को उनके आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, परिवहन विभाग,धनपत सिंह को ईमेल की मार्फ़त  पत्र लिखकर हरियाणा  मोटर यान नियम संख्या 185  में उपयुक्त  संशोधन करने की गुहार की थी  जिससे हरियाणा में भी महिलाओं के लिए कानूनी तौर पर हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जा सके. दुर्भाग्यवश, आज तक हरियाणा के परिवहन विभाग ने आज तक अपनी वेबसाइट को इस सम्बन्ध में  अपडेट नहीं दिया.  बहरहाल, यहाँ लिखने योग्य है कि हालाकि पड़ोसी राज्य पंजाब में गैर-सिख महिलाओ के लिए हेलमेट पहनना पहले से ही अनिवार्य है जबकि चंडीगढ़ में दो माह पहले 6 जुलाई, 2018 को इस बाबत अपने मोटरयान नियमावली में  नियम  193 को संशोधित कर गजट अधिसूचना जारी कर दी थी एवं अब से इस सम्बन्ध में चालान काटने भी आरम्भ कर दिए है.  बहरहाल, एडवोकेट हेमंत ने मांग की है कि सिख पुरूषों के साथ साथ पंजाब एवं चंडीगढ़ के मोटरयान नियमो की तर्ज़ पर हरियाणा मोटरयान नियमावली, 1993 के नियम 185 में भी उन  सिख महिलाओं, जिन्होंने अपने सिर पर दस्तार / पगड़ी बाँध  रखी हो, का भी विभाग की वेबसाइट पर स्पष्ट सन्दर्भ डालकर उन्हें हेलमेट पहनने की अनिवार्यता से  छूट प्रदान की जानी चाहिए। 

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