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सितंबर के पहले हफ्ते बनेंगे नोटबंदी जैसे हालात

August 29, 2018 03:43 PM

नई दिल्ली : सितंबर के पहले हफ्ते में देश को कैश की भारी किल्लत झेलनी पड़ सकती है। सितंबर के पहले हफ्ते में बैंक दो दिनों के लिए बंद रहेंगे तो वहीं दो दिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कर्मचारियों की हड़ताल है। ऐसे में एटीएम से लेकर बैंक तक में कैश की किल्लत की पूरी संभावना है। हालांकि इस बात के लिए जब बैंक के अधिकारियों से बत की गयी तो उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गयी है लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि दो-तीन दिनों के लिए नोटबंदी जैसे हालात संभव हैं। 
दरअसल 2 और 3 तारीख को बैंकों की छुट्टी है तो वहीं 4 और 5 सितंबर को आरबीआई के कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं, जिसकी वजह से आपको कैश की किल्लत होगी। दो दिन छुट्टी और दो दिन हड़ताल की वजह से कैश की किल्लत होगी, क्योंकि इस दौरान कैश की सप्लाई नहीं होगी, जिसकी वजह से एटीएम खाली हो जाएंगे। इतना ही नहीं पहले हफ्ते की वजह से लोग बैंकों से अपनी सैलरी निकालने पहुंचेंगे, लेकिन उन्हें इस हड़ताल की वजह से मुश्किल आ सकती है।
सितंबर के पहले हफ्ते में आपको कैश की किल्लत हो सकती है। जहां दो दिन बैंकों की छुट्टी हैं तो वहीं अगले दो दिन बैंकों की हड़ताल है। 2 सितंबर को रविवार की छुट्टी है तो वहीं 3 सितंबर को जन्माष्टमी की छुट्टी है। जबकि 4 और 5 सितंबर को रिजर्व बैंक के कर्मचारी अवकाश पर जा रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारी यूनियन के संयुक्त मंच ने सोमवार को कहा कि उसके सदस्य पेंशन से संबंधित लंबे समय से चली आ रही अपनी मांगों को लेकर 4 और 5 सितंबर को सामूहिक रुप से अवकाश लेंगे। 
इसके कारण लगातार 4 दिनों तक बैंकों के कामकाज प्रभावित होंगे। आरबीआई की हड़ताल की वजह से कैश सप्लाई प्रभावित होगी और एटीएम में कैश खाली होने की संभावना अधिक है। आरबीआई के कर्मचारी मोदी सरकार से नाराज हैं। पेंशन आदि मुद्दों को लेकर ये कर्मचारी 4 और 5 सितंबर को मौन विरोध प्रदर्शन करेंगे। जिसकी वजह से कामकाज पूरी तरह से ठप होगा। कर्मचारियों की मांग में अंशदान आधारित भविष्य निधि के दायरे में आने वालों के लिए पेंशन का अद्यतना करना और 2012 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिये सीपीएफ/अतिरिक्त भविष्य निधि का लाभ देने जैसी मांगें शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि दो दिन बाद बैंक खुलने से बैकलॉग भी रहेगा लेकिन आरबीआई की हड़ताल की वजह से लेन-देन के अलावा चेक क्लीयरेंस आदि बैंकिंग काम में देरी हो सकती है। हड़ताल से करेंसी की सप्लाई और किसी भी तरह का भुगतान नहीं हो सकेगी। जिसकी वजह से एटीएम से पैसे निकालने वालों को परेशानी होगी। अधिकांश एटीएम खाली होने की संभावना है। हालांकि बैंकों का कहना है कि इस हड़ताल का लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बैंक इसके लिए पहले से तैयार हैं। बैंक भले ही दावा कर रहे हो, लेकिन बेहतर होगा कि आप अपने लिए पहले से ही कैश का इंतजाम कर लें।

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