Tuesday, December 11, 2018
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Editorial

NBT EDIT -पत्थर पर लकीर

August 16, 2018 06:01 AM

COURSTEY NBT EDIT  AUG 16

पत्थर पर लकीर


स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में जो कुछ कहा, उससे न सिर्फ सरकार के भावी रुख का खुलासा हुआ बल्कि देशवासियों के मन में उठ रहे कई सवालों के जवाब भी मिले। प्रधानमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि सरकार न सिर्फ जनहित से जुड़े ज्वलंत मुद्दों का समाधान ढूंढ रही है बल्कि देश को आगे ले जाने के लिए आत्मविश्वास के साथ नई योजनाएं भी शुरू कर रही है। जम्मू-कश्मीर को लेकर उन्होंने जो कहा उससे राज्य के लोगों को निश्चय ही राहत मिली होगी। इससे उन लोगों को एक जवाब भी मिला जो घाटी को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल उठा रहे थे। पीएम ने कहा कि सरकार कश्मीर की समस्या को गोली और गाली से नहीं बल्कि गले लगाकर हल करना चाहती है और इसे सुलझाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सुझाए इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत के सूत्रों का ही सहारा लेना चाहती है। उन्होंने बताया कि राज्य में लोकतांत्रिक इकाइयों को और मजबूत करने के लिए लंबे समय से टल रहे पंचायत और निकाय चुनाव जल्द ही करा लिए जाने की तैयारी चल रही है। इस घोषणा के बाद राज्य में शांति बहाली की आशा बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने यह कहकर सबको रोमांचित कर दिया कि भारत 2022 तक अंतरिक्ष में मानव मिशन के साथ गगनयान भेजेगा। इतने कम समय में यह लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं है पर इसरो के अनुसार यह नामुमकिन भी नहीं है। अभी तक केवल रूस, अमेरिका और चीन ने ही यह उपलब्धि हासिल की है। सरकार को वैज्ञानिकों को हर संभव साधन उपलब्ध कराने होंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने जन आरोग्य योजना शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत देश के 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये का हेल्थ बीमा मिलेगा। ये कैशलेस सुविधा होगी। महिलाओं को अब आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में शॉर्ट सर्विस कमीशन की जगह स्थायी कमीशन दिया जाएगा जिससे महिलाएं ज्यादा समय तक सेना में काम कर सकेंगी। वर्तमान में महिलाएं सेना में सिर्फ जज एडवोकेट जनरल और आर्मी एजुकेशन कोर में ही परमानेंट कमीशन की हकदार हैं। अधिकतर महिलाएं सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए आती हैं और उनके पास अधिकतम 14 साल का कार्यकाल होता है। जाहिर है, महिला सैन्य अधिकारियों के लिए यह एक बड़ा तोहफा है। मोदी ने बलात्कार की घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मध्य प्रदेश और राजस्थान में बलात्कारियों को बहुत जल्दी फांसी की सजा सुनाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि फांसी की खबरें जितनी ज्यादा प्रचारित होंगी, बलात्कारियों के मन में उतना ही भय पैदा होगा। प्रधानमंत्री ने यह कहकर कि हम मक्खन नहीं पत्थर पर लकीर खींचते हैं, अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। लोगों के जीवन में होने वाले स्थायी बदलाव ही इन इरादों की दृढ़ता नापने का उचित पैमाना होंगे।
प्रधानमंत्री का संबोधन

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