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HARYANA-4654 अस्थायी कर्मियों के मामले में सरकार को भेजे सुझाव हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित कर्मचारियों का मामला

August 11, 2018 07:16 AM

4654 अस्थायी कर्मियों के मामले में सरकार को भेजे सुझाव
हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित कर्मचारियों का मामला

•विशेष संवाददाता, चंडीगढ़

 

हरियाणा के अस्थायी कर्मचारियों के बीच उत्सुकता का विषय बने हुए सरकार के रेगुलराइजेशन ऑफ सर्विस बिल 2018 के ड्राफ्ट पर कर्मचारी संगठन सक्रिय हो गए हैं। प्रदेश के कर्मचारियों के बड़े वर्ग की अगुवाई कर रहे सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने अपने सुझाव सरकार को भेज दिए हैं।

संघ हरियाणा के प्रधान धर्मवीर फोगाट और महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि सरकार को भेजे सुझाव में सर्व कर्मचारी संघ ने सरकार से 2 साल (एक साल में 240 दिन) की सेवा पूरी करने वाले सभी सरकारी, अर्ध सरकारी, सहकारी विभागों, बोर्डो, निगमों, नगर निगमों, विश्वविधालयों, स्थानीय निकायों, सोसाइटीज, फेडरेशन और पंचायत समितियों सहित अलग अलग विभागों में चल रही परियोजनाओं में काम कर रहे सभी अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने और हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित 4654 कर्मचारियों को उनकी सेवा सुरक्षा के साथ पिछली सेवा का लाभ बरकरार रखने की मांग की है।

लांबा ने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के सरकार को भेजे गए सुझावों में ग्रुप ए-बी -सी-डी के सभी अनुबंध कर्मचारियों के साथ-साथ वर्क लोड पर या स्वीकृत पद पर काम करने वाले पार्ट टाईम, दिहाड़ी, डीसी रेट, सर्विस प्रोविइडर द्वारा नियुक्त किए गए कर्मचारी, एडहॉक, टर्म एप्वाईन्टी, वर्क चार्ज और जॉब वर्क के खिलाफ काम करने वाले सभी कर्मियों को बिल के दायरे में लाने की मांग की है।

नियमित कर्मचारियों को प्रोबेशन पीरियड में पूरा वेतन और भत्ते देने की मांग की गई हौ। संघ किसी प्रकार की कोई शर्त कबूल नही कर सकता।

संघ के वरिष्ठ उपप्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार से 31 मई 2018 के हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित 4654 कर्मचारियो को सेवा सुरक्षा देकर उनके सभी सेवा लाभों को बरकरार रखने का प्रावधान बिल में किए जाने की भी जोरदार मांग की है। संघ ने सरकार को यह भी सुझाव दिया है कि वह अबिल में व्यवस्था करे कि बिना सरकार की अनुमति के न्यायलय बिल पर कोई दखल नही करेगा।

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