Friday, October 19, 2018
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Haryana

HARYANA किसान भी नहीं चाहते सीधे खाते में आए उनकी फसल का पैसा

August 10, 2018 06:36 AM

COURSTEY DAINIK JAGRAN AUG 10किसान भी नहीं चाहते सीधे खाते में आए उनकी फसल का पैसा

आढ़ती और व्यापारी पहले से ही कर रहे थे विरोध सरकार ने योजना कर दिया था स्वैच्छिक1

अनुराग अग्रवाल ’ चंडीगढ़ 1आढ़ती तो पहले से ही किसानों के खाते में पैसा ट्रांसफर करने की प्रदेश सरकार की योजना के विरोध में थे, किसान भी नहीं चाहते कि फसल का पैसा सीधे उनके खाते में आए। आढ़तियों के विरोध को देखते हुए जब सरकार ने इस योजना को किसानों की मर्जी पर छोड़ा तो किसी भी किसान ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। प्रदेश का एक भी किसान ऐसा नहीं है, जिसने आगे बढ़कर खुद सरकार से कहा हो कि वह अपनी फसल का पैसा खाते में ट्रांसफर कराना चाहता है। 1हरियाणा में करीब लाख किसान हैं, जो खेती से जुड़े हैं। इनमें अधिकतर किसान कर्ज में डूबे हैं। प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कांबोज ने किसानों और आढ़तियों के बरसों से चले आ रहे लेनदेन संबंधी सच्चाई को उजागर किया है। केंद्र सरकार के निर्देश हैं कि किसानों को उनकी फसल के दाम सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया जाए, ताकि वे साहूकारों तथा बिचौलियों के चंगुल से बच सकें। प्रदेश सरकार ने जब इस योजना को लागू करने की कोशिश की तो कुछ किसानों के साथ-साथ व्यापारियों ने भी इसका खुला विरोध किया। प्रदेश के आढ़तियों और व्यापारियों ने सरकार के समक्ष दलील दी कि अपनी फसल के लिए बीज, खाद, ट्यूबवेल और घर में शादी-ब्याह के लिए किसान उनसे अक्सर पेशगी (एडवांस) राशि लेते हैं। फसल जब मंडी में आती है तो आढ़ती इस राशि को काट लेते हैं। किसानों ने भी दलील दी कि आढ़ती उनका एटीएम होता है। उन्हें जब जरूरत होती है, वे आढ़तियों से एडवांस राशि उठा लेते हैं। आढ़तियों व किसानों की इन दलीलों के बाद राज्य सरकार ने योजना को स्वैच्छिक कर दिया था। जिन किसानों को अपने खातों में पेमेंट चाहिए, उन्हें मार्केट कमेटी में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होता है। राज्य मंत्री कर्ण देव कांबोज के अनुसार बड़े प्रदेश के एक भी किसान ने यह नहीं कहा कि उन्हें अपनी फसल का पैसा खाते में चाहिए। 1लाख किसान हैं पूरे हरियाणा मेंहरियाणा में दाल रोटी स्कीम बंद, अब दो लीटर तेल मिलेगा 1हरियाणा में दाल रोटी स्कीम बंद कर दी गई है। दालों के असमान भाव की वजह से सरकार ने यह निर्णय लिया है। प्रति राशनकार्ड ढाई किलो दाल के स्थान पर राज्य सरकार अब दो किलो सरसों का तेल देगी। यह योजना शुरू हो चुकी है। किशोरियों में खून की कमी को दूर करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार अंबाला व करनाल के बाद पूरे प्रदेश में फोर्टिफाइड (पोषक तत्वों से युक्त) आटे का वितरण करेगी। बराड़ा और नारायणगढ़ में यह प्रोजेक्ट कामयाब हो चुका है।मिठाई के साथ डिब्बा तौला तो कार्रवाई: कर्णदेव कांबोज1खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कांबोज ने कहा कि किसी भी दुकानदार को मिठाई के साथ डिब्बा तौलने की इजाजत नहीं है। यदि कोई दुकानदार ऐसा करता है तो उसे विरुद्ध कानून सम्मत कार्रवाई होगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य के तमाम पेट्रोल पंपों पर आज तक कम पेट्रोल या डीजल देने की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि कभी भी भविष्य में इस प्रकार कोई शिकायत उनके पास आती है तो सख्त कार्रवाई करेंगे। 1

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