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मानेसर जमीन घोटाला - थर्ड पार्टी क्लेम निपटाने में एचएसआईआईडीसी को तीन महीने की देरी हो चुकी है

August 10, 2018 06:30 AM

COURSTEY DAINIK BHASKAR AUG 10

मानेसर जमीन घोटाला
मानेसर जमीन घोटाला

कुल 3,600 थर्ड पार्टी क्लेम प्राप्त हुए
भास्कर न्यूज|गुड़गांव
मानेसर भूमि अधिग्रहण घोटाले में थर्ड पार्टी क्लेम निपटाने में एचएसआईआईडीसी को तीन महीने की देरी हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार इन मामलों को 12 मई तक निपटाना था। अबतक कुल 3600 दावे आ चुके हैं। हालांकि, एचएसआईआईडीसी ने विवादित 340 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया है। अब दावों को निपटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का एसएसआईआईडीसी के एमडी दावा कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 12 मार्च 2018 को सुनाए अपने फैसले में सभी पक्षों के लिए समय सीमा निर्धारित की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने विवादित प्रॉपर्टी पर कब्जा लेने से लेकर सभी तरह के क्लेम निपटारे की जिम्मेदारी एचएसआईआईडीसी को सौंपी है। कोर्ट ने क्लेम दायर करने के लिए बायर्स को एक महीने का समय दिया था। फैसला लेने में देरी की स्थिति में एचएसआईआईडीसी ने इसके लिए आवेदकों को पूरी छूट दी। इसकी समय सीमा कई बार बढ़ाई गई। अब तक कुल 3600 बायर्स ने क्लेम दायर किए हैं, जिसमें से 200 ने बिल्डर को दी गई राशि वापस मांगी है। शेष ने बुकिंग अनुसार फ्लैट देने की मांग की है। इसमें से दो बड़ी कंपनी के कुल तीन हजार दावेदार हैं। डीएलएफ प्रोजेक्ट के 1200 और एबीडब्ल्यू से संबंधित प्रोजेक्ट के 1800 दावेदारों ने फ्लैट की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी बायर्स के दावों को दो महीने में निपटाने का आदेश दिया था। इस तरह से कोर्ट द्वारा दी गई समय अवधि 12 मई 2018 को ही समाप्त हो चुकी है। इसमें तीन महीने की देरी हो चुकी है। इसके लिए एचएसआईआईडीसी को कोर्ट में जवाब देना होगा।
एचएसआईआईडीसी ने अधिग्रहित की 340 एकड़ भूमि, थर्ड पार्टी क्लेम निपटाने की प्रक्रिया 3 महीने लेट, 12 मई तक होना थी पूरी
जल्द क्लेम निपटाने की प्रक्रिया शुरू होगी
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार एचएसआईआईडीसी ने मानेसर में विवादित 340 एकड़ भूमि अपने अधीन ले ली है। बायर्स क्लेम की अवधि समाप्त हो चुकी है। अब जल्द ही क्लेम निपटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें देरी के लिए कोर्ट से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है। कोर्ट को पूरी स्थिति बताई जा रही है। -टीएल सत्यप्रकाश, एमडी, एचएसआईआईडीसी
688 एकड़ भूमि पर 15 प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने दिए थे लाइसेंस
चौधरी देवी लाल इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए मानेसर, नखड़ोला, नाहरपुररूपा की कुल 688 एकड़ भूमि पर प्रदेश सरकार द्वारा 15 प्रोजेक्ट के लिए लाइसेंस दिए गए थे। इसमें से सबसे बड़ा खिलाड़ी आदित्य बिल्डवैल (एबीडब्ल्यू) था, जिसने अपनी सहयोगी कंपनियों के साथ 248 एकड़ भूमि खरीदी थी। दूसरे नंबर पर डीएलएफ होम्स डवलपर्स ने 33.55 एकड़ भूमि खरीदी। डीएलएफ का 1348 फ्लैट्स बनकर तैयार है, जिसमें से 1237 फ्लैट्स बिके हैं। इसके अलावा 500 से अधिक अपार्टमेंट की भी बुकिंग हुई थी। इसके अ चौधरी देवी लाल इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए मानेसर, नखड़ोला, नाहरपुररूपा की कुल 688 एकड़ भूमि पर प्रदेश सरकार द्वारा 15 प्रोजेक्ट के लिए लाइसेंस दिए गए थे। इसमें से सबसे बड़ा खिलाड़ी आदित्य बिल्डवैल (एबीडब्ल्यू) था, जिसने अपनी सहयोगी कंपनियों के साथ 248 एकड़ भूमि खरीदी थी। दूसरे नंबर पर डीएलएफ होम्स डवलपर्स ने 33.55 एकड़ भूमि खरीदी। डीएलएफ का 1348 फ्लैट्स बनकर तैयार है, जिसमें से 1237 फ्लैट्स बिके हैं। इसके अलावा 500 से अधिक अपार्टमेंट की भी बुकिंग हुई थी। इसके अलावा एबीडब्ल्यू के भी लगभग 2 हजार बायर्स हैं। हालांकि, एबीडब्ल्यू सहित अन्य कंपनियों ने निर्माण पर कोई खर्च नहीं किया है। सभी प्लॉट खाली पड़े हैं। भूमि अधिग्रहण के दौरान डीएलएफ के बायर्स ने 2350 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से फ्लैट की बुकिंग कराई थी। एबीडब्ल्यू के फ्लैट्स की बुकिंग 2600 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से हुई थी। कोर्ट के आदेशानुसार बायर्स को इसी दर पर राशि वापस करनी होगी। हालांकि, सरकार के लिए राहत की बात है कि किसी को ब्याज नहीं देना होगा।

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