Friday, October 19, 2018
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Haryana

FARIDABAD-एक कुर्सी पर बैठ कर रहे काम, दूसरे कुर्सी के इंतजार में

August 10, 2018 06:27 AM

COURSTEY DAINIK BHASKAR AUG 10
एक कुर्सी पर बैठ कर रहे काम, दूसरे कुर्सी के इंतजार में

दो अफसरों में जंग

भास्कर न्यूज | फरीदाबाद

 

नगर निगम में चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर बैठने को लेकर दो अफसरों में जंग छिड़ी हुई है। कार्यकारी चीफ इंजीनियर रमन शर्मा गुरुवार को भी चीफ इंजीनियर की कुर्सी पर ही बैठे रहे। जबकि स्टे लेकर आए चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर वहीं बैठे टुकुर-टुकुर कुर्सी की तरफ देख रहे थे। भास्कर ने कमिश्नर को पत्र लिख कहा है कि अभी तक उन्हें चीफ इंजीनियर की कुर्सी नहीं दी गई है। जवाब में कार्यकारी चीफ इंजीनियर रमन शर्मा का कहना है कि सरकार की आेर से अभी कोई ऑर्डर ही नहीं आया है तो वे कैसे कुर्सी छोड़ दें। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर के करनाल तबादले पर रोक लगा दी है। उन्होंने मंगलवार शाम ही निगम कमिश्नर मोहम्मद शाइन को अपनी ज्वाइनिंग दे दी थी। साथ ही इसकी सूचना प्रिंसिपल सेक्रेटरी को भेज दी थी। इसके बावजूद निगम प्रशासन उन्हें चीफ इंजीनियर की कुर्सी नहीं दिलवा पाया। गुरुवार को डीआर भास्कर अपने कार्यालय पहुंचे लेकिन वहां कार्यकारी चीफ इंजीनियर रमन शर्मा बैठे नजर आए।
भास्कर ने कमिश्नर को पत्र लिख कहा उन्हें कुर्सी दिलाई जाए, जवाब में शर्मा बोले सरकार का कोई आर्डर ही नहीं आया तो कैसे छोड़ दूं कुर्सी
आपस में उलझ रहे निगम के दोनों चीफ इंजीनियरों की सर्विस कुंडली
रमन शर्मा
पहले भी कुर्सी को लेकर हो चुका है विवाद
नगर निगम सूत्रों की मानें तो कार्यकारी चीफ इंजीनियर रमन शर्मा वर्ष 1983 में निगम में जेई के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 1997 में प्रमोट होकर एडीओ बन गए। वर्ष 2010 में उन्हें एक्सईएन बना दिया गया। पिछले वर्ष 29 नवंबर 2017 को प्रमोशन देकर एसई बना दिया गया। चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर के करनाल तबादला होने के बाद सरकार ने उन्हें चीफ इंजीनियर का एडीशनल चार्ज सौंप दिया। चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर की बात करें तो वह 1985 में जेई भर्ती हुए थे। 1994 में प्रमोशन पाकर एसडीओ बन गए। फिर 2005 में उन्हें एक्सईएन पद पर प्रमोट कर दिया गया। वर्ष 2014 में उन्हें एसई पद की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद 24 अप्रैल 2017 को उन्हें प्रमोशन देकर चीफ इंजीनियर बना दिया गया।
निगम सूत्रों का कहना है कि यहां पहले भी कुर्सी को लेकर विवाद हो चुके हैं। पहला विवाद एसई पद को लेकर हुआ था। इसमें सुधीर गुप्ता और बीएस रनौलिया के बीच विवाद हुआ था। इसमें रनौलिया की जीत हुई थी। इसके बाद चीफ इंजीनियर रहे एनके कटारा और मिस्टर साहू के बीच चीफ इंजीनियर बनने को लेकर विवाद हुआ था। उसमें सफलता कटारा को मिली थी। पिछले साल एसई रहे अनिल मेहता और डीआर भास्कर में चीफ बनने को लेकर विवाद हुअा। आखिर में सरकार ने दाेनों अधिकारियों को चीफ इंजीनियर बना दिया। अनिल मेहता को करनाल भेज दिया गया। जबकि डीआर भास्कर को फरीदाबाद में रहने दिया। अनिल मेहता रिटायर भी हो चुके हैं। अब एक बार फिर चीफ इंजीनियर की कुर्सी को लेकर रमन शर्मा व डीआर भास्कर के बीच जंग जारी है।
डीआर भास्कर
भास्कर ने कमिश्नर को लिखा पत्र
चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर ने बताया कि उन्होंने निगम कमिश्नर को पत्र लिख कुर्सी न देने के बारे में जानकारी दे दी है। फिलहाल गुरुवार शाम तक उन्हें कुर्सी नहीं दिलाई गई। उन्होंने कहा कि जब कोर्ट ने उन्हें ऑर्डर दे दिया है तो रमन शर्मा को कुर्सी छोड़कर एसई की कुर्सी पर बैठना चाहिए। उधर रमन शर्मा का कहना है कि अभी सरकार की ओर से कुर्सी छोड़ने का कोई आदेश नहीं आया है। फिर कैसे छोड़ दूं। फिलहाल कुर्सी को लेकर दोनों अफसरों के बीच छिड़ी जंग काे लेकर नगर निगम में बाकी स्टाफ मौज ले रहा है

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