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Haryana

क्रोनी कैपिटल्जिम का नया दौर

July 31, 2018 01:21 PM
राजनीति और अर्थशास्त्र- राजनेता और व्यवसायी- उद्योगपति और सरकारें, ये कुछ ऐसे सम्बन्ध-संयोग हैं कि आए दिन चर्चा में आते रहते हैं। विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री व भाजपा के कुछ विशेष उद्योगपतियों से सम्बन्ध तथा उन्हें फायदा पहुंचाने पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं तथा उन्हें ‘‘सूट-बूट की सरकार’’ कहकर उन पर क्रोनी कैपिटल्जिम के बढ़ावे का आरोप लगता रहा है। लखनऊ में इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप कड़े शब्दों में अपना रूख स्पष्ट कर दिया कि वे उद्योगपतियों की बगल में खड़े होने से नहीं डरते। उन्होंने उद्योगपतियों के सम्मान को जरूरी बताया तथा देश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा देश के निर्माण में उनके योगदान को अपरिहार्य बताया। उद्योगपतियों को चोर-लूटेरा कहने पर भी उन्होंने आपत्ति जतायी। महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि गांधी जी भी बिड़ला सेठ के परिवार के साथ रहते थे, क्योंकि उनकी नीयत साफ थी, उन्हें कोई संकोच नहीं होता था। ये सब विचार उन्होंने तब व्यक्त किये जब वे अमर सिंह, जो कि राजनेता व उद्योगपति हैं, के साथ राजनीतिक गलबहियां कर रहे थे। अपने गुजराती उद्योगपति भाइयों जैसे कि अम्बानी व अदानी के सम्बन्धों पर लगातार चर्चा पर घिरे मोदी जी ने स्पष्ट घोषणा कर दी कि उन्हें उद्योगपतियों तथा उनके पैसे से अपनी पार्टी को आगे बढ़ाने तथा सत्ता हासिल करने में कोई गुरेज नहीं तथा न ही वह इस मुद्दे पर किसी से भयभीत हैं। एक तरफ भ्रष्टाचार को खत्म करने का दावा मोदी जी करते हैं और अपनी 56 इंची छाती फैलाकर कहते हैं कि ‘‘न मैं खाऊंगा, न ही खाने दूंगा’’ पर भ्रष्टाचार की गंगोत्री कहां से निकलती है? ईमानदार व साफ नीयत वाले राजनेता व उद्योगपति, जो आर्थिक विकास को आगे ले जाए, रोजगार सृजन करे, निवेश बढ़ाए, देश में हैं कहां? नीरव मोदी व मेहुल चौकसी, जो कि पंजाब नैशनल बैंक को खोखला करके तथा अन्य बैंकों को चूना लगा, विदेश में भाग गए हैं, ने भी मोदी जी की बगल में खड़े होकर फोटो खिंचवाई थी। प्रश्न तो राजनैतिक सत्ता व उसके सम्पर्क से लाभ उठाने का है। सत्ता के सामीप्य से नियमों व कायदों को तोड़ स्वहित के लिए बड़े-बड़े व्यवसाय खड़े कर लाभ तो अपनों के लिए तथा घाटे पब्लिक को हस्तांतरण करना, सार्वजनिक वित्त संस्थाओं को चूना लगा, उच्च जीवन स्तर जीना, कुछ भारतीय उद्योगपतियों तथा व्यवसायियों का शुगलमेला बन गया है। इस तथ्य से तो सभी वाकिफ हैं के औद्योगीकरण करो व नष्ट हो जाओ- इण्डस्ट्रीयलाइज या पेरिश पर सही मायनों में औद्योगिक विकास हो कहां रहा है? कारोबारियों, व्यापारियों तथा उद्योगपतियों द्वारा ही किसी देश में आर्थिक विकास होता है तथा सभी जानते हैं कि अर्थसत्ता तथा राजसत्ता आपस में सहयोग से किसी भी राष्ट्र के निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका होती है, लेकिन ये तब होता है जब सर्वभूत हिताय:, सर्वभूत सुखाय से दोनों प्रेरित हो। लेकिन आज तो जो देखा जा रहा है, वो क्रोनी कैपिटल्जिम अर्थात राज्य के संरक्षण में पूंजीवाद फल-फूल रहा है। यही देश में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ है। राजनेता सत्ता में बने रहने के लिए उद्योगपतियों से पैसा व आर्थिक सहयोग लेते हैं, बदले में उन्हीं को ही फायदा पहुंचाने के लिए कानून व नियम बनाते हैं। सरकार को उद्योगपतियों से गलबहियां करने में किसी को कोई आपत्ति नहीं है। सरकार को व्यवसाय करने के अनुकूल वातावरण बनाना, निवेश में आने वाली दिक्कतें दूर करना, उद्योग-धंधे पनपे तथा फले-फूले, उनके लिए सहयोग करना जरूरी है, पर विशेष उद्योगपतियों की बगल में खड़े होना तथा प्रधानमंत्री के रूप में उनसे सामीपय तथा निकटता स्थापित कर उसे विज्ञापित करना क्रोनी कैपिटल्जिम नहीं तो क्या है? (डॉ० क० ‘कली’)
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हरियाणा सरकार द्वारा आगामी 24 फरवरी, 2019 को फरीदाबाद में राज्य स्तरीय ‘प्लेसमैंट समिट-2019’ समारोह का आयोजन किया जाएगा मनोहर लाल 23 फरवरी को जींद के एकलव्य स्टेडियम से ‘जींद मैराथन-2019’ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करेंगे, जो पुलवामा आंतकी हमले के शहीदों को समर्पित होगी अपनी सर्वोत्तम खेल नीति के कारण आज हरियाणा खेलों का हब बन गया: mसत्यदेव नारायण कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि आजादी के बाद देश की रक्षा हेतू अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों की याद में दिल्ली में बना राष्ट्रीय युद्ध स्मारक देश को समर्पित होने जा रहा है। इस स्मारक का उदघाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को करेंगे हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र की कार्यवाही जारी कविता जैन ने कहा कि फरीदाबाद जिले में पानी की कमी को पूरा करने के लिए 210 अतिरिक्त ट्यूबवेल लगाने का प्रस्ताव है जिसे जल्द ही कार्यान्वित किया जाएगा अनिल विज ने कहा कि अम्बाला शहर के नागरिक अस्पताल को अपग्रेड करके 300 बिस्तरों का बनाया जाएगा। राम बिलास शर्मा ने कहा कि पृथला क्षेत्र की शहीद किरण शेखावत के नाम पर महिला कालेज खोला जाएगा राम बिलास शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2018-19 के शैक्षणिक सत्र के दौरान कक्षा प्रथम से लेकर 12वीं तक के सरकारी स्कूलों के अनुसूचित जाति से संबंधित विद्यार्थियों को छात्रवृति के रूप में करीब 106 करोड़ 39 लाख रूपए की राशि वितरित की गई टीम को सरसों तेल के कारखाने में सरसों का एक दाना तक नहीं मिला शुद्ध के लिए युद्ध : नारायणगढ़ में फैक्टरी व दुकानों पर रेड