Wednesday, November 21, 2018
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Haryana

राज्यों की विधानसभाओं में आने वाले मॉनसून सत्रों में संविधान के मूलमंत्र पर चर्चा, परिचर्चा और संवाद को ध्यान में रखते हुए जनता के हितों को सर्वोपरी रखकर निर्णय लिये जाएंगे: रामनाथ कोविंद

July 15, 2018 04:15 PM

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने विश्वास जताते हुए कहा कि देश की लोकसभा के साथ-साथ विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में आने वाले मॉनसून सत्रों में संविधान के मूलमंत्र पर चर्चा, परिचर्चा और संवाद को ध्यान में रखते हुए जनता के हितों को सर्वोपरी रखकर निर्णय लिये जाएंगे। 
राष्ट्रपति आज हरियाणा के जिला फतेहाबाद में संत शिरोमणी कबीर दास के प्रकोटात्सव में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, बुंदेलखंड के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आए हुए थे। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम मॉनसून आने के बाद आयोजित किया जा रहा है और पूरे देश में मॉनसून आ चूका है। 
राष्ट्रपति ने हरियाणा सरकार द््वारा लोगों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं व नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने संत कबीर की जयंती हर जिले में मनाने का बहुत ही अच्छा निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द््वारा महापुरुषों की भी जयंतियां मनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा के पानीपत की धरती से बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान की शुरुआत की गई और इस अभियान से पहले बेटियों की संख्या 1000 लडकों के प्रति काफी कम थी, लेकिन राज्य सरकार के प्रयासों और लोगों के सहयोग से लिंगानुपात में सुधार हुआ है। हरियाणा सरकार की इस सराहनीय सफलता के लिए राज्य सरकार को हार्दिक बधाई देते हैं, जो सराहना की पात्र हैं। 
उन्होंने हरियाणा के राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी के कार्यकलापों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल समाज के उन वर्गां के प्रति बहुत संवेदनशील हैं जो दिव्यांग हैं, मरीज हैं और आपदा पीडितों के लिए राज्यपाल सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। 
उन्होंने कहा कि संत कबीर दास एक जन के नहीं बल्कि सामान्यजन के थे और उनकी वाणी गरीबों, पीडितों के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गां के उत्थान के लिए थी। उन्होंने कहा कि इसी कडी में देश के संविधान को तैयार किया गया है, जिसमें कार्यपालिका और विधायिका सक्रिय रहती है। उन्होंने कहा कि कबीर पंत निरपेक्षता का मार्ग है और संविधान भी इसके लिए प्रतिबद््ध है। उन्होंने कहा कि संत कबीर को किसी पंत, जाति, भाषा इत्यादि ने नहीं बांधा बल्कि उनकी वाणी में समरसता, सरलता के साथ-साथ न्याय की शिक्षा मिलती है। 
राष्ट्रपति ने कहा कि संत कबीर के अलावा महात्मा गांधी, डॉ भीमराव अंबेडकर, दीन दयाल उपाध्याय के साथ-साथ अन्य महापुरुषों ने देश में समरसता, सरलता और ऊंच-नीच व भेदभाव को दूर करने में चेतना जगाने का काम किया। उन्होंने उपस्थित लोगों से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि आप सभी को पता है कि कबीर के परिवारजन बुनकर का काम करते थे और अपने जीवनयापन के लिए संत कबीर ने भी यह काम किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर ने उस समय समाज के ताने-बाने को एक रास्ता देने के लिए गरीब, उपेक्षित और पीडित, जो उस समय अपनी पीडा का उल्लेख नहीं कर सकते थे, को एक रास्ता दिखाया और लोग संत कबीर की वाणी सुनने लगे तथा उनके अनुयायी बनने लगे। 
    उन्होंने कहा कि संत कबीर एक समाज सुधारक भी थे। उन्होंने जाति-पाति, ऊंच-नीच और उस समय की कुरितियों के साथ-साथ भेदभाव जैसी कुरीति को समाप्त करने के प्रति लोगों में चेतना जगाई। उन्होंने कहा कि संत कबीर की सरलता बहुत ही दुलर्भ है और यह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा था कि जो सच्चा है उसके दिल में ईश्वर रहता है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज की यह विडंबना है कि हमें कुल, जाति, क्षेत्र से जाना जाता है जबकि असल में मानव को गुणों और अवगुणों से पहचाना जाना चाहिए, जिसके गुण श्रेष्ठ हैं वह महान हो जाता है। उन्होंने कहा कि संत कबीर इतने महान थे कि गुरु नानक  देव जी भी अपने प्रवचनों में उनकी वाणी का उल्लेख करते हैं। इसी प्रकार पश्चिम के कई संतों ने भी संत कबीर का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि संत कबीर की शिक्षा जितनी उनके समय में मान्य थी, उतनी ही आज भी प्रासंगिक है और भविष्य में भी रहेगी। 
उन्होंने आए हुए संत कबीर के प्रेमियों व अनुयायियों को इस कार्यक्रम के लिए फतेहाबाद चुनने के लिए बधाई दी और कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजक मध्यप्रदेश के पूर्व सांसद, नारायण सिंह केसरी ने कहा था कि आपको फतेहाबाद चलना है। जब उन्होंने उनसे पूछा कि हरियाणा में क्यों, मध्यप्रदेश में क्यों नहीं। इस पर नारायण सिंह केसरी ने कहा कि वे संतब कबीर का संदेश और वाणी पूरे देश में पहुंचाना चाहते हैं और उन्हें आज इस समृद््धशाली और मेहनती लोगों  के क्ष़ेत्र में आकर खुशी हो रही है। उन्होंने इस कार्यक्रम को कबीर प्रेमियों का महाकुंभ और मिनी इंडिया भी बताया। 
इससे पहले हरियाणा के राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि आज देश के राष्ट्रपति फतेहाबाद जिला में पहली बार आए हैं और राज्यपाल होने के नाते वे उनसे निवेदन करते हैं कि यह उनकी यह कृपा दृष्टि हरियाणा पर सदैव बनी रही। उन्होंने महिलाओं की उपस्थिति को देख कर कहा कि आज महिलाओं की उपस्थिति अच्छी है और यह चमत्कारी है, जिस समाज में महिलाएं आगे आती है वह समाज और देश प्रगति और उत्थान के रास्ते पर आगे बढता है। उन्होंने संत कबीर के संबंध में कहा कि वे हर सामान्यजन के अंदर बैठे हैं जो उनसे प्रभावित है और उनके दोहे आज भी प्रासंगिक हैं जिनका हमारे जीवन में प्रभाव पडता है। 
    उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इस कार्यक्रम में आने के लिए इतने उत्साहित थे ि कवे 30 मिनट पहले ही यहां आ गए लेकिन उन्होंने यहां आने के बाद कहा कि 11 बजे का समय है तो व मंच पर 11 बजे ही जाएंगे। उन्होंने समय प्रबंधन को हमारी विशेषता बताते हुए कहा कि यह भारत की विशेषता है लेकिन कुछ लोग लेटलतीफी होने पर गांधी के नाम को बदनाम करते हैं, लेनिक वो हम सबके लिए प्रेरणा थे। उन्होंने कहा कि भारत और संत का संबंध अटूट है। बिना संतो ंके देश का मार्गदर्शन नहीं हो सकता और यही कारण है कि एक हजार साल के बाद भी हमारी संस्कृति, सभ्यता, पद््धति और पहचान आज 21वीं सदी में भी वैसे ही खडी है जैसी पहले थी, जबकि इस दौरान हमारे देश पर कई आक्रमण कर कई लोगों ने हमारे देश के इस ताने-बाने को तोडने की चेष्ठा की है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि आज हमारे देश के योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर मनाया जाने लगा है।
राज्यपाल ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे देश में विविधता में एकता है और यही भारत की विशेषता है। उन्होंने कहा संतों में कबीर का नाम सबसे पहले आता है जो एक समाज के नहीं थे, बलिक समाज से ऊपर थे, जिन्होंने 620 साल पहले ही समरसता, सरलता, मानवता, प्रेम के साथ-साथ एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संदेश दिया था। इसी प्रकार हरियाणा में भी हरियाणा एक-हरियाणवी एक को हम चरितार्थ करना चाहते हैं तो हम सबको एक साथ आगे बढना होगा, जिससे अन्य राज्यों के साथ-साथ अन्य देशां को भी एक प्रेरणा का संदेश मिलेगा।
    हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे परिवहन मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने मुख्यमंत्री का संदेश पढा और बताया कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को आना था लेकिन उनके पहले से ही कई सरकारी कार्यक्रम थे इसलिए वे मुख्यमंत्री की ओर से यहां प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से न आने पर क्षमा याचना भी कही है और संदेश दिया है कि भविष्य में जब कभी भी राष्ट्रपति हरियाणा के दौरे पर आएंगे तो वे स्वयं उनके स्वागत के लिए पहुंचेंगे। 

    परिवहन मंत्री ने मुख्यमंत्री  का संदेश पढते हुए बताया कि उन्हें खुशी हो रही है कि फतेहाबाद में संत कबीर का 620वां प्रकोटात्सव आयोजित किया जा  रहा है। उन्होंने कहा कि संत कबीर का आगमन या जन्म ऐसे समय में हुआ, जब हमारा समाज, रुढिवादिता और अज्ञानता से गसित था और ऐसे समय में संत कबीर अवतार की तरह लोगों के बीच पहंचे और उन्होंने लोगों को व्यावहारिक जीवन शैली जीना सिखाया। इसके अलावा उन्होंने लोगों को सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार लोंगों के कल्याण पर बल दे रही है और इसी कडी में संतों, महापुरुषों के साथ-साथ गुरुओं की जयंतियों को मनाने का निर्णय सरकार द््वारा लिया गया है।
    इस मौके पर पलवल जिला परिषद की अध्यक्ष श्रीमती चमेली देवी और कार्यक्रम के आयोजक तथा पूर्व सांसद, मध्यप्रदेश दादा नारायण सिंह केसरी ने भी आये हुए लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर आयोजकों द््वारा मुख्यातिथि राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद, राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी, परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, कार्यक्रम के आयोजक दादा नारायाण सिंह केसरी को स्मृति चिह््न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संजय जैन व नोरंग गुप्ता द््वारा तैयार किया गया मेगा बल्ड डोनेशन ड्राइव का बैनर का अनावरण तथा डॉ जय नारायण द््वारा लिखित पुस्तक का भी विमोचन राष्ट्रपति व अन्य अतिथियों द््वारा किया गया।
    कार्यक्रम में मंच का संचालन चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कायत ने किया। इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, सांसद राजकुमार सैनी, अनुसूचित जाति, वित एवं विकास निगम की चेयरमैन सुनीता दुग्गल, कमलेश कनेरिया, राजेंद्र कुमार धानक, जय भगवान कायत, धमेंद्र खटक, प्रहलाद सिंह सोलंकी, विजय कायत, इंद्र कुमार निनानियां, बी आर पाटिल, चक्क्ी लाल मास्टर, लक्ष्मण इंदौरिया, डॉ भुक्कल, जयभगवान कायत, मुकेश कुमार, जय नारायण खुंडिया, मुकेश सोलंकी, विनोद खनगवाल, जगदीश, भूपेंद्र केसरी, सुधीर, कमलेश, उपायुक्त हरदीप सिंह, पुलिस अधिक्षक दीपक सहारण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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