Thursday, July 19, 2018
Follow us on
BREAKING NEWS
राहुल गांधी कल अविश्‍वास प्रस्‍ताव के दौरान लोकसभा में देंगे स्‍पीच: आनंद शर्मा मिदनापुर: PM की रैली में घायल हुए लोगों से मिलने अस्‍पताल पहुंचीं ममता बनर्जी यूपी: देवरिया जेल पर डीएम ने मारा छापा, 1 मोबाइल, 4 पेन ड्राइव और चाकू बरामदसंसद भवन में 22 जुलाई को होगी कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक चार्जशीट फाइल करने के लिए सीबीआई पर दबाव डाला गया है: पी. चिदंबरम क्‍या औरतों को प्रार्थना करने का समान अधिकार नहीं: सबरीमाला पर जया बच्चन क्‍या औरतें पुरुषों से कमतर हैं: सबरीमाला पर जया बच्चनशहीद गुरसेवक के विद्यालय में मनाया गया वन महोत्सव, अध्यापकों व बच्चों ने लगाए 100 से अधिक पौधे
Niyalya se

अब वर और वधू अपना खर्च बताइए • दहेज जैसे मामलों में फर्जी केस रोकने के लिए केंद्र से विचार करने को कहा• सुप्रीम कोर्ट ने कहा,

July 13, 2018 05:51 AM

COURSTEY NBT JULY 13

अब वर और वधू अपना खर्च बताइए


• दहेज जैसे मामलों में

फर्जी केस रोकने के लिए केंद्र से विचार करने को कहा• सुप्रीम कोर्ट ने कहा,

शादी में होने वाला खर्च बताना जरूरी हो• विशेष संवाददाता, नई दिल्ली

 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह शादी में होने वाले खर्च को बताना अनिवार्य करने के बारे में सोचे। लड़की और लड़के वालों के लिए शादी के खर्चे को घोषित करने की अनिवार्यता पर विचार करने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में केंद्र सरकार कानून का परीक्षण करे और जरूरी बदलाव के बारे में विचार करे। इसके तहत दोनों तरफ के परिवार वालों के लिए जरूरी किया जाना चाहिए कि वह शादी के खर्चे के बारे में मैरिज ऑफिसर के सामने घोषणा करें। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में सुनवाई के दौरान नोटिस जारी कर मसले पर विचार करने के लिए कहा है।

कोर्ट ने कहा, ‘इस तरह की पहल से दहेज की मांग से जुड़े और फर्जी मामलों में भी कमी आएगी। हम इस सवाल पर विचार कर सकते हैं कि दोनों पार्टी की ओर से शादी से संबंधित खर्चे और ब्यौरे के बारे में घोषणा किया जाए ताकि भविष्य में झूठी शिकायतें और दहेज की मांग जैसे मामले में कमी आ सके।’ कोर्ट ने ये भी कहा है कि शादी के खर्चे का कुछ हिस्सा महिला के बैंक अकाउंट में रखा जा सकता है ताकि उसकी भविष्य की जरूरत पूरी हो सकें।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक वैवाहिक विवाद से संबंधित मामला आया था। मामले में पत्नी ने पति और उसके परिजनों पर तमाम आरोप लगाए थे। वहीं पति के परिजनों ने दहेज की मांग के आरोपों को गलत बताया था। कोर्ट ने कहा कि दहेज की मांग से संबंधित आरोपों वाले केस आए दिन सामने आ रहे हैं। ऐसे में एक सिस्टम बनाने की जरूरत है जो इस तरह के मामले में कमी ला सके।

Have something to say? Post your comment
 
More Niyalya se News