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उत्तर भारतीयों का 'अड्डा' क्यों बन रहा दक्षिण

July 12, 2018 06:20 AM

COURSTEY NBT JULY 12

उत्तर भारतीयों का 'अड्डा' क्यों बन रहा दक्षिण
2001
58.2 लाख

 

2011

77.5 लाख


2001

8.0 लाख

2011

7.2 लाख


2001

8.2 लाख

2011

7.8 लाख
Joseph.Bernard@timesgroup.com

 

एक समय था कि दक्षिण भारत के लोग रोजगार की तलाश में उत्तर भारत का रुख किया करते थे मगर अब ट्रेंड बदल रहा है। अब उत्तर भारत के ज्यादा लोग दक्षिण भारत जा रहे हैं और दक्षिण भारतीयों का उत्तर भारत जैसे कि यूपी या दिल्ली आना कम हो रहा है। यह बात जनगणना-2011 के आंकड़ों में सामने आई है।

 

आर्थिक उदारीकरण का असर

नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार कहते हैं कि आर्थिक उदारीकरण ने जीवन की परिभाषा और लोगों की सोच को बदल दिया है। अब हर कोई अपने टैलेंट के साथ आगे बढ़ना चाहता है और मार्केट भी टैलेंट को सलाम कर रहा है। ऐसे में क्षेत्रवाद की दीवारें गिरी हैं। दक्षिण भारत में पहले की तुलना में नौकरियों के अवसर बढ़े हैं। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मोंटेक सिंह आहलूवालिया कहते हैं - लोग तीन कारणों से किसी जगह जाते हैं। पहली वजह है रोजगार, दूसरी बेहतर लाइफ स्टाइल और तीसरी सोशल कल्चर। दक्षिण के कुछ शहर इन कसौटियों पर बेहतर हैं। तमिलनाडु कांग्रेस के नेता ई. वी. के. इलेगोवन कहते हैं कि दक्षिण में राजनेताओं ने कॉरपोरेट को बढ़ावा दिया है। बड़ी कंपनियों के ऑफिस दक्षिण भारत में हैं और नौकरियां भी हैं। दूसरा, दक्षिण के लोगों ने कभी हिंसा, सांप्रदायिकता और अपराध को बढ़ावा नहीं दिया।

 

यह वजह भी

साउथ की फिल्मों की अदाकारा सुहासिनी मणिरत्नम का मानना है कि दक्षिण आने की दो वजह और भी हैं। पहला, दक्षिण भारत में सुरक्षा का माहौल होना और लोगों का ज्यादा अनुशासित होना। जो भी उत्तर भारत से दक्षिण भारत आता है, वह खुद को ज्यादा सुरक्षित पाता है। दक्षिण में महिलाएं बिना डरे रात को अकेले सफर करती हैं। तमिल अभिनेत्री खुशबू का कहना है कि दक्षिण भारत में उत्तर की तुलना में शांति और सुकून ज्यादा है।
जनगणना के आंकड़ों से जाहिर, दक्षिणी राज्यों में बसने की तादाद बढ़ी

 
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