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HARYANA-बैकवर्ड क्लास में क्रीमी लेयर के दो स्लैब बनाने से एडमिशन में हो रही दिक्कत

July 11, 2018 05:15 AM

COURSTEY DAINIK BHASKAR JULY 11
बैकवर्ड क्लास में क्रीमी लेयर के दो स्लैब बनाने से एडमिशन में हो रही दिक्कत

3 लाख और 6 लाख तक की आय के बनाए 2 स्लैब

भास्कर न्यूज | पानीपत/हिसार
हरियाणा के हायर एजुकेशन विभाग ने सभी सरकारी, एडिड और प्राइवेट कॉलेजों को दाखिले संबंधी एक पत्र जारी किया है, जिसमें बैकवर्ड क्लास के बच्चों को आरक्षण का लाभ देने के लिए दो नए स्लैब बनाए गए हैं।
इसके अनुसार जिन परिवारों की आय 3 लाख से कम है, सबसे पहले दाखिले में उन्हें शामिल किया जाएगा। इसके बाद जो सीटें शेष रहेंगी, उसमें 6 लाख तक की आय वाले परिवारों के बच्चों को शामिल किया जाएगा। इससे ऊपर के सभी परिवारों को क्रीमी लेयर में शामिल किया है। विभाग की तरफ से यह पत्र कॉलेजों को जून माह के अंत में जारी किया था। अब कॉलेजों में दाखिले के लिए कट ऑफ लिस्ट लगनी शुरू हुई हैं और काउंसिलिंग आदि शुरू हुई तो बच्चों के सामने या परेशानी आ गई है। इसके कारण बैकवर्ड परिवारों के बच्चों को दाखिला नहीं मिल रहा है। इससे पहले तक हर साल क्रीमी लेयर का एक ही स्लैब होता था और उसी के अनुसार दाखिले में रिजर्वेशन मिलता था लेकिन इस बार बनाए गए दो स्टेप से तीन लाख से ऊपर की आय वाले जो परिवार हैं उनके बच्चों को भी रिजर्वेशन का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। इसके चलते सरकार और विभाग के इस फैसले का प्रदेश में विरोध शुरू हो गया है। बैकवर्ड क्लास से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं ने इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।
अभी केवल दाखिले में स्लैब बने हैं, आगे चलकर छात्रवृत्ति और अन्य लाभों में भी ये स्लैब लागू हो जाएंगे: खोवाल
आरक्षण से संबंधित विभिन्न अदालतों में केसों की पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल का कहना है कि यह एक विभाग का फैसला नहीं, बल्कि सरकार की तरफ से आरक्षण में छेड़छाड़ करने का प्रयास है। हरियाणा सरकार में हावी आरक्षण विरोधी अधिकारियों और ताकतों ने पहले से वर्गीकृत पिछड़ा वर्ग ए एवं बी को अब आर्थिक तौर पर बांट दिया है, जो पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है। सरकारी नौकरी में रहते हुए एक पीएन तक की वार्षिक आय तीन लाख से ज्यादा हो जाती है। ऐसे में उसके बच्चों को भी रिजर्वेशन का लाभ नहीं मिल पाएगा। भारत का राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सर्वे करवा कर पिछले 25 सालों से सरकार को क्रीमी लेयर के लिए उच्चतम न्यायालय के फैसले के हिसाब से भारत सरकार को राय देता आ रहा है और हरियाणा सरकार भी आज तक भारत सरकार के क्रीमी लेयर की अधिसूचना को मानती रही है। इस वर्ष आयोग ने आठ लाख रुपए से ज्यादा कमाई वालों को क्रीमी लेयर में शामिल किया है, लेकिन हरियाणा सरकार ने तीन लाख से ही इसकी शुरुआत कर बैकवर्ड समाज के साथ धोखा किया है। अभी केवल दाखिले में स्लैब बने हैं, आगे चलकर छात्रवृत्ति और अन्य लाभों में भी ये स्लैब लागू हो जाएंगे।
सरकार की नीति अनुसार पत्र जारी किया : एसीएस
हायर एजुकेशन विभाग की एसीएस ज्योति अरोड़ा का कहना है कि मुझे इस पत्र के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन विभाग की तरफ से कोई पत्र जारी किया है तो सरकार की नीतियों के अनुसार जारी किया होगा, सरकार ने जो स्लैब बनाती

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